गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

0

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं /गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।/गणतंत्र दिवस की शायरी- गणतंत्र दिवस पर शायरी/ गणतंत्र दिवस पर कविता/गणतंत्र दिवस पर शेर/गणतंत्र दिवस SMS/गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

 

तैरना है तो समंदर में तैरो
नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो वतन से करो
इस बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है ||
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं.

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,दशकों से खिल रही, उसकी अध्भुत शान
सब धर्मों को देकर मान, रचा गया इतिहास
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास।
गणतंत्र दिवस की बधाई

इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,
झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है।

सारे जहाँ से अच्छा, हिन्दोस्ताँ हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्ताँ हमारा ||

इंडियन होने पर करीए गर्व,मिलके मनाएं लोकतंत्र का पर्व,
देश के दुश्मनों को मिलके हरो,
हर घर पर तिरंगा लहराओ…।
भारत माता की जय ।

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को…
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर ||
हैप्पी रिपब्लिक डे.

याद रखेंगे वीरो तुमको हरदम, यह बलिदान तुम्हारा हैं
हमको तो हैं जान से प्यारा यह गणतंत्र हमारा हैं..।।।।

चलो फिर से खुद को जागते है,
अनुसासन का डंडा फिर घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का सहिदो के लहू से,
ऐसे सहिदो को हम सब सर झुकाते है ||
आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.

गाँधी स्वपन अब सत्य बनादेश तभी जब गणतंत्र बना,
आज फिर से याद करे वो मेहनत
जो की थी वीरो ने, और भारत गणतंत्र बना
भारत माता की जय

कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में,
भारत मा का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में ।

देश भक्तो की बलिदान से,
स्वतन्त्र हुए है हम,
कोई पूछे कोन हो,
तो गर्व से कहेंगे.
भारतीय है हम…

मेरा जूता है जापानी; पतलून है इंग्लिश तानी,
सर पर लाल टोपी रुसी; फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी।

अलग है भाषा, धर्म जात और प्रान्त, भेष, परिवेश
पर हम सब का एक है गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा
श्रेष्ठ गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ||

संस्कार, संस्कृति और शान मिले,ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले,
रहे हम सब ऐसे मिल-झुल कर,
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।

इतना ही कहना काफी नही भारत हमारा मान है,
अपना फ़र्ज़ निभाओ देश कहे हम उसकी शान है |

जमाने भर में मिलते है आशिक कई,
जमाने भर में मिलते है आशिक कई,
मगर वतन से खुबसूरत कोई सनम नही होता ||

चलो फिर से आज वो नजारा याद करले,
चलो फिर से आज वो नजारा याद करले,
शहीदों के दिलो में थी जो वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे,
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे,
देशभक्ति के खून की वो धारा याद करले ||


 

गणतंत्र दिवस की शायरी- गणतंत्र दिवस पर शायरी

 

माह जनवरी छब्बीस को हम
सब गणतंत्र मनाते |
और तिरंगे को फहरा कर,
गीत ख़ुशी के गाते ||

भारत माता तेरी गाथा,
सबसे उँची तेरी शान,
तेरे आगे शीश झुकाए,
दे तुझको हम सब सम्मान!
हॅपी रिपब्लिक डे 2018

 

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान;
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान;
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास;
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास।
गणतंत्र दिवस की बधाई !

संविधान आजादी वाला,
बच्चो ! इस दिन आया |
इसने दुनिया में भारत को,
नव गणतंत्र बनाया ||

असली गणतंत्र तभी बनता है जब संविधान कागज से निकलकर आम लोंगो के जिंदगी में शामिल हो जाये।
आओ कुछ ऐसा कर दिखाएँ कि सब को हम पर मान हो जाये।
गणतंत्र दिवस की हार्दीक शुभ कामनायें!

राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे,
हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे,
देश के लिए एक-दो तारीख नही,
भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे।
गणतंत्र दिवस की बधाई!

आज़ादी की कभी शाम ना होने देगे
शहीदो की कुर्बानी बदनाम ना होने देगे
बची है जो 1 बूँद भी लहू की तो
भारत मा का आँचल नीलम ना होने देगे
हॅपी रिपब्लिक डे 2018

 

अलग है भाषा, धर्म जात और प्रांत,
पर हम सब का एक है गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।
सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई!

झंडा लहराना है,
वांदे मातरम के गीत गाना है!
सुन कर देश को ललकारना है,
आओ मिलकर अब स्वप्न देखा जो साकार करना है!
–<@ हॅपी रिपब्लिक डे @>–

 

क्या करना है और नही क्या ?
संविधान बतलाता |
भारत में रहने वालों का,
इससे गहरा नाता ||

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं।
गणतंत्र दिवस की बधाई !

यह अधिकार हमें देता है,
उन्नति करने वाला |
ऊँच-नीच का भेद न करता,
पण्डित हो या लाला ||

आओ देश का सम्मान करे
शहीदो की शहादत याद करे
एक बार फिर से राष्ट्रा की कमान..
हम हिन्दुस्तानी अपने हाथ धरे..
आओ.. गन्तन्त्र दिवस का मान करे

हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
सब हैं भाई-भाई |
सबसे पहले संविधान ने,
बात यही बतलाई ||

वतन हमारा मिसाल मोहबत की,
तोड़ता है दीवार नफ़रत की,
मेरी खुश नसीबी,
मिली ज़िंदगी इस चमन में भुला ना
सके कोई इसकी ख़ुश्बू सातों जनम में.

 

 

ताज़गी महसूस करना हो कभी जो छाँव की!
एड़ियाँ मज़दूर की ख़ुद आइना हैं पाँव की!
जब कभी तूफ़ान में कोई भी ज़रिया न दिखे!
आख़री उम्मीदें दुनियाँ है फ़क़त एक नाँव की!
ख़ुशनसीबी मुल्क की जब देखने का दिल करे!
दिल के अंदर से अजब आवाज़ है फिर गाँव की!
शोर संसद की दीवारों से निकल कर उड़ गया!
आज भी कानों में रहती है सदा बस काँव की !
गणतंत्र दिवस की बधाई !

इसके बाद बतायी बातें,
जन-जन के हित वाली |
पढ़ने में ये सब लगती हैं,
बातें बड़ी निराली ||


 गणतंत्र दिवस पर कविता

 

आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये;

अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

अपना 67वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे;

देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।

26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,

भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था,

मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,

थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,

था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।

विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,

पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।

इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,

थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये,

आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,

अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

पावन है यह, करो खूब गुणगान।

भाषण-बरसाकर बनो, वक्ता चतुर सुजान॥

वक्ता चतुर सुजान, देश का गौरव गाओ।

श्रोताओं का मान करो नारे लगवाओ॥

इसी रीति से बनो सुनेता ‘रामसुहावन’।

कीर्ति-लाभ का समय सुहाना यह दिन पावन॥

भाई तुमको यदि लगा, जन सेवा का रोग।

प्रजातंत्र की ओट में, राजतंत्र को भोग॥

गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी 1950 भारतीय इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि भारत का संविधान, इसी दिन अस्तित्व मे आया था

गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए बहुत मायने रखता है। यह दिन हम सभी के लिए बहुत महत्व का दिन है जिसे हम बेहद ही उत्साह के साथ मनाते हैं। भारत एक महान देश है और सिर्फ भारत में ही विविधता में ही एकता देखने को मिलती है। जहां विभिन्न जाति और धर्म के लोग प्यार से रहते हैं। 26 जनवरी और 15 अगस्त दो ऐसे राष्ट्रीय दिवस हैं जिन्हें हर भारतीय खुशी और उत्साह के साथ मनाता है।

26 जनवरी 1950 भारतीय इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि भारत का संविधान, इसी दिन अस्तित्व मे आया था और भारत दिन पूर्ण गणतंत्र देश बना। भारत का संविधान लिखित सबसे बङा संविधान है। संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 वर्ष, 11 महिना, 18 दिन लगे थे। भारतीय संविधान के वास्तुकार डॉ.भीमराव अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने विश्व के अनेक संविधानों के अच्छे लक्षणों को अपने संविधान में आत्मसात करने का प्रयास किया है। इस दिन भारत एक सम्पूर्ण गणतांत्रिक देश बन गया था । देश को गौरवशाली गणतंत्र राष्ट्र बनाने में जिन देशभक्तों ने अपना बलिदान दिया उन्हें 26 जनवरी दिन याद किया जाता और उन्हें श्रद्धाजंलि दी जाती है।

पावन है गणतंत्र यह, करो खूब गुणगान।
भाषण-बरसाकर बनो, वक्ता चतुर सुजान॥
वक्ता चतुर सुजान, देश का गौरव गाओ।
श्रोताओं का मान करो नारे लगवाओ॥
इसी रीति से बनो सुनेता ‘रामसुहावन’।
कीर्ति-लाभ का समय सुहाना यह दिन पावन॥
भाई तुमको यदि लगा, जन सेवा का रोग।
प्रजातंत्र की ओट में, राजतंत्र को भोग॥
राजतंत्र को भोग, मजे से कूटनीति कर।
झण्डे-पण्डे देख, संभलकर राजनीति कर॥
लाभ जहां हो वहीं, करो परमार्थ भलाई।
चखो मलाई मस्त, देह के हित में भाई॥
कथनी-करनी भिन्नता, कूटनीति का अंग।
घोलो भाषण में चटक, देश-भक्ति का रंग॥
देश-भक्ति का रंग, उलीचो श्रोताओं पर।
स्वार्थ छिपाओ प्रबल, हृदय में संयम धरकर॥
अगले दिन से तुम्हें, वहीं फिर मन की करनी।
स्वार्थ-साधना सधे, भिन्न जब करनी-कथनी॥
बोलो भ्रष्टाचार का, होवे सत्यानाश।
भ्रष्टाचारी को मगर, सदा बिठाओ पास॥
सदा बिठाओ पास, आंच उस पर न आए।
करे ना कोई भूल, जांच उसकी करवाए॥
करे आपकी मदद, पोल उसकी मत खोलो।
है गणतंत्र महान, प्रेम से जय जय बोलो॥
कर लो भ्रष्टाचार का, सामाजिक सम्मान।
सुलभ कहां हैं आजकल, सदाचरण-ईमान॥
सदाचरण-ईमान मिले तो खोट उछालो।
बन जाओ विद्वान, बाल की खाल निकालो॥
रखो सोच में लोच, उगाही दौलत भर लो।
प्रजातंत्र को नोच, कामना पूरी कर लो॥

देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी।

अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।

हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,

लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन,

नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,

अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,

2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन।

सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,

आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है,

संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है,

लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,

गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है।

राजतंत्र को भोग, मजे से कूटनीति कर।

झण्डे-पण्डे देख, संभलकर राजनीति कर॥

लाभ जहां हो वहीं, करो परमार्थ भलाई।

चखो मलाई मस्त, देह के हित में भाई॥

कथनी-करनी भिन्नता, कूटनीति का अंग।

घोलो भाषण में चटक, देश-भक्ति का रंग॥

देश-भक्ति का रंग, उलीचो श्रोताओं पर।

स्वार्थ छिपाओ प्रबल, हृदय में संयम धरकर॥

अगले दिन से तुम्हें, वहीं फिर मन की करनी।

स्वार्थ-साधना सधे, भिन्न जब करनी-कथनी॥

बोलो भ्रष्टाचार का, होवे सत्यानाश।

भ्रष्टाचारी को मगर, सदा बिठाओ पास॥

 

जो मेरठ, कानपुर, बरेली, झांसी, दिल्ली और अवध में लगी चिंगारी थी,

हम गणतंत्र भारत के निवासी, करते अपनी मनमानी।

दुनिया की कोई फिक्र नहीं, संविधान है करता पहरेदारी।।

है इतिहास इसका बहुत पुराना, संघर्षों का था वो जमाना;

न थी कुछ करने की आजादी, चारों तरफ हो रही थी बस देश की बर्बादी,

एक तरफ विदेशी हमलों की मार,

दूसरी तरफ दे रहे थे कुछ अपने ही अपनो को घात,

पर आजादी के परवानों ने हार नहीं मानी थी,

विदेशियों से देश को आजाद कराने की जिद्द ठानी थी,

एक के एक बाद किये विदेशी शासकों पर घात,

छोड़ दी अपनी जान की परवाह, बस आजाद होने की थी आखिरी आस।

1857 की क्रान्ति आजादी के संघर्ष की पहली कहानी थी,

जिसकी नायिका झांसी की रानी आजादी की दिवानी थी,

देश भक्ति के रंग में रंगी वो एक मस्तानी थी,

जिसने देश हित के लिये स्वंय को बलिदान करने की ठानी थी,

उसके साहस और संगठन के नेतृत्व ने अंग्रेजों की नींद उड़ायी थी,

हरा दिया उसे षडयंत्र रचकर, कूटनीति का भंयकर जाल बुनकर,

मर गयी वो पर मरकर भी अमर हो गयी,

अपने बलिदान के बाद भी अंग्रेजों में खौफ छोड़ गयी,


 गणतंत्र दिवस पर शेर

 

 

वतन हमारा ऐसा कोई न छोड़ पाये
रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये
दिल एक है एक है जान हमारी
हिंदुस्तान हमारा है हम इसकी शान है
Happy Republic Day

वो फिर आया है नये सवेरे के साथ,
मिल ज़ुल कर रहेंगे हम एक दूजे के साथ,
वो तिरंगा कितना प्यारा है,
वो है देखो सबसे प्यारा न्यारा,
आने ना देंगे उस पे आंच,

Happy Republic Day.

आजादी का जोश कभी काम न होने देंगे
जब भी जरुरत पड़ेगी देश के लिए जान लूटा देंगे
क्योंकि भारत हमारा देश है
अब दोबारा इस पर कोई आंच न आने देंगे
जय हिन्द
Happy Republic Day

अलग है भाषा, धर्म जात,
और प्रांत, भेष, परिवेश,
पर हम सब का एक ही गौरव है,
राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेठ

गणत्रंता दिवस की हार्दिक सुभ कामनाये

आज सलाम है उन वीरो को
जिनके कारन ये दिन आता है
वो माँ खुशनसीब होती है
बलिदान जिनके बच्चो का देश के काम आता है
Happy Republic Day

वह शमा जो काम आये अंजुमन के लिए,
वह जज़्बा जो क़ुर्बान हो जाये वतन के लिए,
रखते है हम वह हौसलें भी,

जो मर मिटे हिंदुस्तान के लिए.

अलग है भाषा धर्म जाट
और प्रान्त , भेष , परिवेश
पर हम सब का एक है गौरव
राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठा
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं .

देश भक्तो की बलिदान से,
स्वतंत्रा हुए है हम,
कोई पूछे कोन हो,
तो गर्व से कहेंगे,
भारतीय है हम,

Happy Gantantra Diwas.

देश बह्क्तों के बलिदान से ,
स्वतनत्र हुए है हम ..
कोई पूछे कौन हो ,
तो गर्व से कहेंगे .
भारतीय है हम …
हैप्पी गणतंत्र दिवस

दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप बुझा कर,
मिली है जब ये आज़ादी तो फिर से इस आज़ादी को,
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर.

Happy Republic Day.

Wo fir aaya hai naye savare ke saath,
mil jul kal rahange hum ek duze ke saath,
wo tirangaa kitna pyara,
wo h deko hai sabse nayara,
aane na denge is pe aanch..
Happy Republic Day.

Chalo Fir Se Khud Ko Jagate Hai,
Anusasan Ka Danda Fir Ghumate Hai,
Sunhara Rang Hai Gantantra Ka Sahido Ke Lahoo Se,
Aise Sahido Ko Ham Sab Sar Jhukate Hai,


गणतंत्र दिवस SMS

 

जान तो कर दी हमने वतन के नाम पर ,

शान तो कर दी हमने वतन के नाम पर,

कुर्बानियो से पाई है हमने आज़ादी

वतन हमारा ऐसा कोई ना छोड पाये ,

रिश्ता हमारा ऐसा कोई न तोड़ पाये ,

दिल एक है  जान एक है हमारी ,

हिन्दुस्तान हमारा है यह शान हैं हमारी।

चलो फिर से आज वोह नजारा याद करले,
शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आज़ादी पहुची थी किनारे पे,
देशभक्तों के खून की वो धारा याद करले ||

मैं इसका हनुमान हूँ ,

ये देश मेरा राम है ,

छाती चीर के देख लो,

अन्दर बैठा हिन्दुस्तान है ।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ।

हमारा वतन तो लाखों में एक है ,

आन भी कर दी हमने वतन के नाम पर।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ।

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान;

दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान;

सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास;

इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास।

गणतंत्र दिवस की बधाई!

आज़ादी की कभी शाम नही होने देंगे,
शहीदों की क़ुरबानी बदनाम नही दोंगे,
बची हो जो एक बूँद भी गरम लहू की,
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नही होने देंगे ||

आज़ादी की कभी शाम नहीं होने देंगे ,

शहीदों जी कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे ,

बची हो जो एक बूँद गरम लहू की ,

तब तक भारत माता का आँचल नीलाम  नहीं होने देंगे ।

वन्दे मातरम ।

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें ।

जवानों उठो, दुश्मन sms पे sms कर रहे है,
और तुम सो रहे हो…
उठो, बदला लो,
वो एक sms करेंगे तुम 5 करो,
तेहस नहस कर दो दुश्मन के इनबॉक्स को ||
Jai Hindi.

आज़ादी की कभी शाम ना होने देगे,
शहीदों की क़ुरबानी बदनाम ना होने देगे,
बची है जो एक बूँद लहू की तब तक
भारत माँ का अंचल नीलम ना होने देगे ||

ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं।
गणतंत्र दिवस की बधाई!

ये नफरत बुरी  है , ना पालो इसे ,

दिलो मैं कालिस है ,निकालो इसे,

ना तेरा ,ना मेरा ,ना इसका ,ना उसका ,

ये सब का वतन है ,बचालो  इसे ।

जय हिन्द , जय भारत ।

वन्दे मातरम ।

,

भारत माता तेरी गाथा,
सबसे ऊँची तेरी शान,
तेरे आगे शीश झुकाये,
दे तुझको हम सब सम्मान ||
भारत माता की जय.

राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे,
हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे,
देश के लिए एक-दो तारीख नही,
भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे।
गणतंत्र दिवस की बधाई!

भूख ,गरीबी ,लाचारी को ,

इस धरती से आज मिटायें ,

भारत के भारतवासी को ,

उसके सब अधिकार दिलायें

आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें ।

ये बात हवाओ को बताये रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने की…
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना ||

संस्कार, संस्कृति और शान मिले;
ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले;
रहे हम सब ऐसे मिल-झुल कर;
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले।
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।

ना जुबान से, ना निगाहों से,
ना दिमाग से, ना रंगों से,
ना ग्रीटिंग से, ना गिफ्ट से,
आपको 26 जनवरी मुबरत डायरेक्ट दिल से ||
Happy Republic day 2018

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं /गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।/गणतंत्र दिवस की शायरी- गणतंत्र दिवस पर शायरी
/ गणतंत्र दिवस पर कविता/गणतंत्र दिवस पर शेर/गणतंत्र दिवस SMS/ गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

 

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.