छींक की समस्या को दूर करने के लिए घरेलू उपचार

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छींक एक सामान्य क्रिया है।छींक प्रायः तब आती है जब हमारी नाक के अन्दर की झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से परेशानी महसूस करती है। परन्तु छींक प्रतिरोधी तंत्र की प्रक्रिया का जरुरी हिस्सा है, छींकने से शरीर के हानिकारक रोगाणु बाहर निकल जाते है। छींक की क्रिया में छाती, पेट, गला, आँखें जैसे कई अंग एक साथ काम करते हैं।ये सभी अंग बाहरी पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने के लिए एकजुट होकर काम करते हैं।छींकते समय हमारे मुँह और नाक से बाहर निकलने वाली हवा की गति इतनी तेज होती है कि हमारे पूरे शरीर में एक कम्पन-सा होता है. छींक को रोकना शरीर के लिए हानिकारक है।छींक रोकने से शरीर के अन्य अंगों जैसे, कान, मस्तिष्क, फेफड़े, गर्दन, पेट आदि पर प्रभाव पड़ता है और इन अंगों को नुकसान पहुँच सकता है।छींक आने के कई सारे कारण हो सकते हैं, जैसे :

  • छींक का प्रमुख कारण है एलर्जी।पराग कण, धूल के कण, धुआँ, जानवरों के रोएं, कपड़ों के रोएं, कीटों के डंक, कुछ दवाइयां, कुछ खाद्य पदार्थ आदि से एलर्जी हो सकता है और इसके कारण छींक आ सकती है।
  • अत्यधिक चिंता, परेशानी, घबराहट के कारण भी किसी-किसी को छींक आती है।
  • सामान्य सर्दी या फ्लू के कारण भी छींक आती है, विशेषकर बदलते मौसम में छींक की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ठंड में जुकाम होना भी छींक की एक वजह हो सकती है।
  • धूप में बहुत देर तक रहना भी छींक का कारण बन सकता है। तेज धूप के कारण नाक की नसें सक्रिय हो सकती है, जिससे छींकें आ सकती हैं।
  • ब्यूटी पार्लर में थ्रेडिंग करवाते समय या उसके बाद भी छींक आती है। दरअसल, भौंहों के ठीक नीचे जो नस होती है वह श्वास नली से जुड़ी होती है।इसलिए जब भी उस नस पर प्रभाव पड़ता है तो उसकी प्रतिक्रियास्वरूप छींकें आने लगती है।
  • कई बार तेज रोशनी देखने से आँखों के रेटिना (Retina) और दिमाग को जोड़ने वाली ऑप्टिक (Optic) नस उत्तेजित हो जाती है, और इस वजह से भी छींक आ जाती है।

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छींक की समस्या से निजात पाने के घरेलू नुस्खें

ऊपर कुछ ऐसे कारण बताये गए हैं जिससे छींकें आती हैं, परन्तु एक साथ लगातार कई छींकें आने पर व्यक्ति परेशान हो जाता।कभी-कभी यह रोज की बात हो जाती है। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों द्वारा छींक को रोका जा सकता है।यहाँ नीचे दिए गए घरेलू उपायों का प्रयोग करके आप छींक की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

  1. सौंफ की चाय :सौंफ के प्रयोग से छींक की समस्या में तो राहत मिलती ही है, साथ ही यह कई साँस संबंधी संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी देती है।सौंफ में प्रतिजीवाणु (Anti-biotic) और वायरस विरोधी (Anti-viral) गुण होते हैं।यदि आप छींक की समस्या से परेशान है, तो आपके लिए सौंफ की चाय का सेवन एक बेहतरीन घरेलू उपचार साबित हो सकता है।सौंफ की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में एक कप पानी उबाल लें और उसमें दो चम्मच पिसी हुई सौंफ डालें।कुछ देर बाद आँच को बंद कर दे और बर्तन को ढक दे, जिससे कि सौंफ अच्छे से पानी में घुल जाये।अब उस पानी को छान लें और चाय की तरह उसका सेवन करें।छींक की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोजाना दिन में कम से कम दो बार सौंफ की चाय का सेवन करें।
  2. लहसुन : आम तौर पर लहसुन का प्रयोग भोजन बनाने के लिए किया जाता है लेकिन कई लोग इस बात से अंजान है कि लहसुन में औषधीय गुण भी होते हैं। रोजाना कच्चे लहसुन की एक कली का सेवन करने से साँस संबंधी समस्यासे छुटकारा मिल सकता है।इसके अतिरिक्त तीन से चार लहसुन की कलियाँ लेकर मसल लें। अब इन्हें अपनी नाक के पास ले जाकर उसकी गंध को सूंघे।ऐसा करने से आपकी नाक बिल्कुल साफ हो जायेगीऔर आप आसानी से साँस ले पायेंगे।यदि आपको कच्चा लहसुन नहीं खाना या उसका गंध भी नहीं सूंघना तो फिर आप सब्जियों में या सूप में लहसुन के प्रोयग की मात्रा को बढ़ाकर भी उसका सेवन कर सकते है। इससे आपकी छींक की समस्या दूर हो जायेगी।
  3. भाँप : छींक से बचने के लिए सबसे आसान तरीका है भाँप लेना।इस उपचार के अंतर्गत आपको सिर्फ गर्म पानी और एक तौलिए की आवश्यकता होगी।सबसे पहले एक मध्यम आकार का एक पात्र लें और उसमें पानी लेकर उबालें।जैसे ही पानी उबलने लगे, उसे आँच से उतार ले।फिर उस पात्र को एक टेबल या स्टूल पर रखें और एक कुर्सी लेकर उसके सामने बैठ जाये।उसके बाद एक बड़े तौलिए से अपने सिर और उस पानी के बर्तन को एक साथ ढक ले और दस मिनट तक उस गर्म पानी का भाँप ले।इस बात का ध्यान रखे कि इस दौरान पंखा, ए.सी या कूलर बंद रहे। इसके बाद लगभग बीस मिनट तक हवा में न जाएँ। इस प्रक्रिया से नाक की समस्या तो दूर होगी ही साथ ही छींक की समस्या में भी फर्क पड़ेगा है।
  4. लैवेंडर का तेल : छींक की समस्या में लैवेंडर का तेल एक अच्छा उपाय है। एक रुई को लैवेंडर के तेल में भीगोकर उसे नाक के दोनों छेदों में घुसाएँ और साँस लें।इसके अलावाआप लैवेंडर के तेल को नैज़ल ड्रॉप (Nasal Drop) की तरह अपने नाक में डालकर सूंघ भी सकते हैं।यह छींक से बचने का एक बेहतरीन उपाय है।
  5. संतरा : विशेषज्ञों का कहना है कि एलर्जेंस (Allergens-एलर्जी पैदा करने वाले तत्व) शरीर में हिस्टामिन (Histamine) को उत्पन्न करते हैं जिससे छींक जैसे लक्षणों को देखा जा सकता है।विटामिन सी (Vitamin C)शरीर में हिस्टामिन के उत्पादन को कम करने में काफी प्रभावी साबित होता है।विटामिन सी हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरुरी है क्योंकि यह शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।संतरे में विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए रोजाना नाश्ते में या दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास संतरे का रस या एक साबुत संतरे का सेवन बहुत ही फायदेमंद है।इसके सेवन से सर्दी-खाँसी की समस्या दूर होती है।
  6. कैमोमाइल चाय : एलर्जी की समस्या के कारण होने वाली छींक की समस्या में कैमोमाइल चाय बहुत ही असरदार है।कैमोमाइल में हिस्टामिन विरोधी गुण है जो छींक की समस्या को दूर करती है।उबलते हुए पानी में एक चम्मच कैमोमाइल के सूखे फूल को मिलाकर उसे कुछ देर तक उबालें, फिर उसे छानकर, उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर रोजाना दिन में दो बार पीने से छींक की समस्या से निजात पाया जा सकता है।
  7. अदरक : छींक की समस्या में अदरक एक प्रभावी उपाय है।अदरक के टुकड़े को पानी में मिलाकर, उसे उबाल लें, फिर उसे छानकर एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से छींक की समस्या में राहत मिलती है।रात को सोने जाने से पहले अदरक के इस चाय का सेवन करने से रात को और सुबह आने वाली छींक से छुटकारा मिलता है।इसके अलावा आप सुबह और शाम की चाय में भी अदरक का टुकड़ा डालकर लें सकते हैं।इससे भी छींक की समस्या में फर्क पड़ेगा।
  8. मेथी के बीज : मेथी के बीज में पाये जाने वाले प्रतिजीवाणु गुण छींक के लिए फायदेमंद है। मेथी नाक के रास्ते को साफ करता है। एक चम्मच मेथी के बीज को पानी में डालकर उबालें, फिर उस पानी को छानकर चाय की तरह दिन में दो से तीन बार पीने से छींक की समस्या में फर्क पड़ता है।
  9. पेपरमिंट तेल : पेपरमिंट तेल प्रतिजीवाणु (Anti bacterial) गुण का अच्छा स्रोत है।यह बंद नाक को खोलता है औरछींक में राहत दिलाती है।तीन से चार गिलास पानी को उबालें और उसमें पाँच से छः बूंद पेपरमिंट तेल मिलायें।फिर उस पानी को आँच से उतार लें।उसके बाद अपने सिर को तौलिए से ढककर उस पेपरमिंट तेल युक्त गर्म पानी का भाँप ले।इससे बंद नाक और छींक की समस्या में फर्क पड़ेगा।
  10. काली मिर्च : बहती नाक और छींक को रोकने का एक कारगर उपाय काली मिर्च है।गुनगुने पानी में थोड़ा-सा काली मिर्च मिलाकर दिन में दो से तीन बार उस पानी को पीने से छींक की समस्या में फर्क पड़ता है।इसके अलावा आप रात को सोने जाने से पहले गर्म दूध में भी काली मिर्च मिलाकर पी सकते है, इससे भी आपको छींक की समस्या में राहत मिलेगी। इसके अतिरिक्त आप गर्म पानी में काली मिर्च मिलाकर उससे गरारा भी कर सकते हैं, या फिर अपने प्रतिदिन के खाने, सलाद और सूप आदि में भी काली मिर्च डालकर उसका सेवन कर सकते है।इससे आपके अन्दर के जीवाणु, जो सर्दी और छींक के कारण हैं, खत्म हो जाते हैं।
  • अजवाइन : अजवाइन में जीवाणुओं से लड़ने की क्षमता होती है।छींक के उपचार के लिएसरसों के तेल को गर्म कर लीजिए, उसमें अजवाइन डालकर उस तेल को नहाने से पहले अपने नाक और शरीर पर लगाईये, इससे बंद नाक और छींक की समस्या में राहत मिलती है।आप रात को सोने जाने से पहले भी इस तेल का प्रयोग कर सकते है।

उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप छींक की समस्या से निजात पा सकते हैं।यदि इन नुस्खों का प्रयोग करके भी आपकी छींक बंद नहीं होती या सर्दी ठीक नहीं होती, तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।नीचे दिए गए कुछ सावधानियों को बरतने से छींक की समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी, जैसे :

  • धूल और धुंए से बचिए, आवश्यकता पड़ने पर मास्क (Mask) का प्रयोग करें।
  • धूम्रान और शराब से परहेज करें।
  • ठन्डे पदार्थों का अधिक सेवन न करें।
  • अत्यधिक चिंता करने से बचे।
  • जुकाम होने पर उपचार करायें।

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