हिचकी रोकने के घरेलू उपाय

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हिचकी आना आम बात है। हालाकि हिचकी आना कोई गंभीर समस्या नहीं है किन्तु कई बार लोगों को इतनी अधिक हिचकी आती है कि वे परेशान हो जाते हैं।भारत में परम्परानुसार यह बात चली आ रही हैं कि जब भी किसी को हिचकी आती है तब उसे कोई याद कर रहा होता है और सही नाम लेने पर हिचकी रुक जाती है। इसी तरह एक और लोकप्रचलित विश्वास है कि जब किसी को हिचकी आये तब अचानक उसे किसी तरह का शारीरिक या मानसिक झटका देने से हिचकी रुक जाती है। पीड़ित का ध्यान बंटाने के लिए खोजे गए पारंपरिक उपाय के रूप में यह ठीक है। पर इसके पीछे जो वैज्ञानिक कारण है उसे जान लेना आवश्यक है।हमारी छाती और पेट के बीच एक पर्दा है जिसे डायाफ्राम (Diaphragm) कहते है।साँस लेते समय फेफड़ों में हवा आती-जाती है और यदि यह प्रवाह गड़बड़ा जाती है तो डायाफ्राम फड़कने लगता है और हिचकी आने लगती है।डायाफ्राम को नियंत्रित करने वाली नाड़ियों में जब कुछ उत्तेजना होती है तब डायाफ्राम बार-बार सिकुड़ता है और हमारे फेफड़े तेजी से हवा को अन्दर खींचते हैं जिसके कारण हिचकी आने लगती है।हिचकी की समस्या वैसे तो खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है मगर कई बार हिचकी इतनी अधिक बढ़ जाती है कि उसे रोकने के लिए अनेक प्रयत्न करने पड़ते हैं। हिचकी आने के कुछ कारण हैं।जैसे,जल्दी-जल्दी खाना, व्याकुलता, धूम्रपान और मद्यपान, जरुरत से ज्यादा खाना, मसालेदार खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, अधिक तीखे खाने का सेवन, अचानक गर्म या ठन्डे मौसम के कारण, अचानक गर्म या ठन्डे खाने का सेवन, जठरांत्र की स्थिति, तंत्रिका तंत्र में कोई संक्रमण आदि।

हिचकी रोकने के घरेलू नुस्खें

Hiccups

  1. साँस को थामकर रखना : साँस को कुछ समय के लिए रोककर हिचकी बंद करने की विधि प्राचीन काल से अपनाई जाती रही है।इससे खून मेंकार्बनडाइऑक्साइड (Carbon dioxide) की मात्रा बढ़ जाती है और पीड़ित का ध्यान भी हिचकी से दूसरी तरफ चला जाता है, जिसके फलस्वरूप हिचकियाँ बंद हो जाती है। एक गहरी साँस लें और फिर उसे तब तक थामे रखें जब तक आप रख सकते हैं। अब धीरे-धीरे साँस को छोड़े। इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएँ और तब तक दोहराएँ जब तक हिचकी बंद न हों।
  2. चीनी : चीनी हिचकी का एक बहुत ही अच्छा इलाज है, खास तौर से छोटे बच्चों के लिए। चीनी को निगलने से हिचकी बंद हो जाती है।एक चम्मच में सफेद या भूरी चीनी लें और मुँह में डालें। पांच सेकंड (Second) चीनी को अपने मुँह में ही रखें। चीनी को बिना चबाये मुँह में ही घुलने दें।फिर एक घूंट पानी पीकर उसे निगल लें।बड़े भी इस उपचार को कर सकते हैं पर जिन्हें मधुमेह है वो इस उपचार को न करें।
  3. सिरका: सिरका हिचकी दूर करने का एक प्रभावी उपाय है। इसके खट्टे स्वाद के कारण पीड़ित का ध्यान भटक जाता है और हिचकी बंद हो जाती है।आधा चम्मच सिरके को पानी में घोलकर पी लें। इससे हिचकी बंद हो जायेगी। आप सेब के सिरके का प्रयोग भी कर सकते हैं।
  4. मूंगफली या बादाम का मक्खन (Peanut butter): मूंगफली या बादाम का मक्खन चिपचिपा होता है जिसे खाने से हिचकी बंद हो जाती है। एक चम्मच मूंगफली या बादाम के मक्खन को मुँह में डालें और कुछ समय के लिए अपने मुँह में रखकर निगल लें। जरुरत पड़ने पर इसके बाद एक गिलास पानी भी पी सकते हैं।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  5. नींबू : हिचकी को रोकने में नींबू बहुत ही कारगर है। नींबू का खट्टा स्वाद उत्तेजित नसों को शांत करके हिचकी को बंद कर देता है। आधा चम्मच नींबू का रस बिना पानी मिलाये अपने मुँह में डाल दें।आपको लगेगा कि उसे जल्द ही निगल जाएँ, पर कोशिश करें नींबू के रस को कुछ समय के लिए अपने मुँह में रखने की, फिर कुछ देर बाद उसे निगल लें।इससे आपकी हिचकी तुरंत बंद हो जायेगी।इसके अलावा आप आधे नींबू में नमक छिड़ककर भी चूस सकते हैं।इस तरह भी आपको हिचकी से राहत मिलेगी।अथवा एक चम्मच नींबू के रस में आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटने से भी हिचकी की समस्या से राहत मिलेगी।
  6. इलाइची :इलाइची हिचकी को रोकने में मदद करती है। एक चम्मच इलाइची के चूर्ण को एक गिलास गर्म पानी में घोल लें। पंद्रह मिनट के बाद उस पानी को छानकर पी लें।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  7. हथेली को अंगूठे से दबायें : हिचकियाँ आने पर अपनी दायीं हाथ की हथेली को बाएँ हाथ के अंगूठे से दबाएँ फिर बायीं हाथ की हथेली को अपने दायें हाथ से दबाएँ। आप अपने बाएँ हाथ के अंगूठे की गोलाई को भी दबा सकते हैं।इससे आपकी नसों पर प्रभाव पड़ेगा और इससे होने वाले दर्द से आपका ध्यान बंट जायेगा और हिचकियाँ बंद हो जायेगी।
  8. ठंडा पानी : हिचकियाँ आने पर ठन्डे पानी का सेवन करें।इससे आपके शरीर के अवयवों को झटका लगेगा और हिचकियाँ रुक जायेंगी।इसके अलावा आप ठन्डे पानी से गरारा भी कर सकते हैं।अथवा आप एक छोटा बर्फ का टुकड़ा लेकर चूस भी सकते हैं।इन सभी प्रकियाओं से आपको हिचकियों से राहत मिलेगी।
  9. पानी : सामान्य तौर पर पानी पीने से हिचकियाँ बंद हो जाती है। पानी पीने से डायाफ्राम (Diaphragm) अपने निश्चित स्थान पर पहुँच जाता है और हिचकियाँ रुक जाती हैं।आप साँस रोककर भी पानी पी सकते हैं, इससे भी आपकी हिचकियाँ ठीक हो जाएँगी।
  • अदरक : हिचकियों का प्रभावी उपचार करने के लिए ताजे अदरक के टुकड़ों को चूसना कारगर है। इससे तत्काल लाभ मिलता है।
  1. कागज के बने बैग (Bag) में साँस लें :हिचकी दूर करने के लिए कागज के बने बैग में मुँह डालकर साँस लें। ऐसा करने से शरीर में कार्बनडाइऑक्साइड (Carbon dioxide) की मात्रा बढ़ जाती है, फलस्वरूप साँस लेने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और उससे पेट जल्दी-जल्दी अन्दर-बाहर होने लगता है जिसके प्रभाव डायाफ्राम (Diaphragm) पर पड़ता है और हिचकी बंद हो जाती है।एक छोटे से कागज के बैग को अपने मुँह के चारों तरफ इस प्रकार बांध लें जिससे बाहर की हवा अंदर न जाये।अब धीरे-धीरे गहरी साँस लें।इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएँ जब तक कि आपकी हिचकी बंद नहीं हो जाती। दिल के मरीज इस उपचार को बिल्कुल न करें।
  2. काली मिर्च : हिचकी रोकने के लिए काली मिर्च भी फायदेमंद है।काली मिर्च के तीन दानों को आधा तोड़कर थोड़ी-सी चीनी या मिश्री के कुछ दानों के साथ अपने मुँह में रखकर चूसने से हिचकियाँ बंद हो जायेगी।
  • टमाटर : हिचकी की समस्या को रोकने का आसान उपाय टमाटर है।जब भी आपको हिचकी आये तो आप एक टमाटर को धोकर अपने दाँतों से काटे और खायें।इससे आपको हिचकी से राहत मिलेगी।
  • दही : दही का खट्टा स्वाद हिचकी को रोकने में मदद करता है। एक कप दही में थोड़ा-सा नमक मिलाकर धीरे-धीरे उसका सेवन करें।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  • सरसों के दाने और घी या मक्खन : हिचकी रोकने के लिए आधे चम्मच सरसों के दानों को आधे चम्मच शुद्ध घी या मक्खन के साथ मिलाकर निगल जायें।इस उपचार से हिचकी तुरंत रुक जायेगी,पर सरसों के दानों को सावधानी से निगले, ताकि वे गले से आसानी से उतर जाये।
  1. शहद :शहद हिचकी को बंद करने का कारगर उपाय है।हिचकी रोकने के लिए एक चम्मच शहद को गले में रखकर बिना निगले नौ तक गिने फिर शहद को निगल लें। इससे हिचकी बंद हो जायेगी।
  • कानों को बंद करें : हिचकी रोकने के लिए अपने कानों को हाथों से बीस से पच्चीस सेकंड (Second) के लिए बंद करें।इसके अलावा अपने कानों के मुलायम भाग जिसे इयरलोब (Ear lob) भी कहते है, उसे कुछ देर के लिए दबाकर रखें। इससे हिचकी से राहत मिलेगी।
  • ब्रेड (Bread) या पाव :हिचकी रोकने के लिए ब्रेड या पाव को सूखा चबाकर निगल जायें। इससे हिचकी तुरंत बंद हो जायेगी।
  • मिश्री : हिचकियाँ आने पर मिश्री के दानों को मुँह में रखकर तब तक चूसे जब तक मिश्री आपके लार से मिलकर एकदम घुल न जाये। इसके बाद एक गिलास पानी पी लें। इससे हिचकियाँ बंद हो जायेगी।जिन्हें मधुमेह की बीमारी हैं वे इस उपचार को न अपनाएँ।
  • जीभ बाहर निकालकर रखें : हिचकियों को जल्दी रोकने के लिए अपनी जीभ को कुछ देर बाहर निकालकर रखें।इससे गले के बीच के भाग को आराम मिलता है और वह भाग अच्छे से खुल जाता है जिसके कारण आपको साँस लेने में आसानी होगी।इस प्रक्रिया से आपकी हिचकियाँ आनी बंद हो जायेगी।

hiccups

उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर हिचकी से छुटकारा मिल सकता है।यदि तंत्रिका या जठरांत्र आदि से जुड़ी किसी समस्या के कारण हिचकी आ रही हो तो तुरंत किसी चिकित्सक की सलाह लेकर उपयुक्त जाँच करवाएं।हिचकी रोकने के लिए घरेलू नुस्खों के साथ कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक हैं, जैसे :

  • धूम्रपान और मद्यपान से परहेज करें।
  • जल्दबाजी में न खायें।
  • जरुरत से ज्यादा न खायें।
  • मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहें।
  • अधिक तीखा और मसालेदार खाना न खायें।

बहुत अधिक गर्म और बहुत अधिक ठन्डे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

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