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Anti-Wrinkles Tips in Hindi

सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है .इसलिए यह जरूरी नहीं है कि आप कॉस्मेटिक का उपयोग या ब्यूटी पार्लर में जा के चेहरे की खूबसूरती को बढाए, कि आप इसका खास खयाल रखें | आइए हम बताते हैं कुछ ब्यूटी टिप्स जो आपकी त्वचा को निखार देगा.

जिस तरह पौष्टिक आहार से शरीर को ऊर्जा मिलती है ,उसी तरह स्वस्थ तरीके आप के रूप को निखारते है | कोई खूबसूरत दिखने के लिए महंगे उत्पादों पर पैसा खर्च करता है , तो कोई दवाई पर लेकिन आप घरेलू उपाय की मदद से खूबसूरत दिख सकते हैं |

रिंकल्स के लिए टिप –

एक चम्मच हनी में कुछ बूंदे नींबू का लीजिए और मिला के लगाए और रिंकल से छुटकारा पाए , और रिंकल को अपनी त्वचा से कोसों दूर रखे|

चमकती त्वचा के लिए खास टिप्स –


एक चम्मच हनी में कुछ बूंदे नींबू के रस की साथ लगाने से चेहरे पर रिंकल नहीं पढ़ते | इस पेस्ट को रोजाना इस्तेमाल कीजिए और इन सबको अपनी त्वचा से कोसों दूर रखिए |

खूब सारा पानी पियें –
ऐसा करने से शरीर का सारा दूषित पदार्थ बाहर निकल जाता है. जब शरीर में गंदगी नहीं रहती तो त्वचा पर अपने आप चमक आती है|

स्क्रब के लिए टिप – टमाटर का टुकड़ा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें ऐसा करने से चेहरे की गंदगी दूर हो जाएगी, त्वचा को निखारने के लिए कभी-कभी बहुत जरूरी है | स्क्रब त्वचा की बेस्ट स्कोर हटाकर रोमछिद्रों को बंद होने से रोकता है |

टिप्स फॉर ऑइली स्किन
एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच गुलाब जल , और पिसा हुआ पुदीना, मिलाकर 1 घंटे तक रखे फिर चहेरे पर लगाकर 1 मिनट बाद धोले इससे चेहरे की चिकनाहट दूर हो जाएगी

डाक सर्कल्स के लिए टिप्स – आंखों के नीचे के डार्क सर्कल्स से बचने के लिए बादाम के तेल में हनी मिलाकर लगाएं इससे थोड़ी देर लगे रखने दें | फिर हल्के हाथों से मसाज करके धो ले.
टिप्स फॉर क्लींजिंग – मेकअप को हटाने तथा धूल मिट्टी से बचने के लिए दिन में एक बार क्लींजिंग जरूरी है| इसके लिए चावल के आटे में दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे और गर्दन पर अच्छी तरह बल्ले इसके बाद चेहरा धो ले.

ब्यूटी टिप्स ड्राई किंग
ड्राई किंग के लिए नारियल के आयल और संतरा का रस मिला ले और इसे रूखी फटी हुई त्वचा पर लगाएं इससे अच्छी तरह सूखने के बाद गुनगुने पानी से धोले और हाथों से नारियल का तेल या कोई भी मॉश्चराइजर लगा ले |
दूर कीजिए ब्लैक स्पॉट – चेहरे के काले दाग धब्बे हटाने के लिए टमाटर का रस कॉटन में भीगो कर दागों पर लगाएं धब्बे साफ हो जाएंगे और आपका चेहरा सुंदर दिखेगा |

पिंपल्स के लिए टिप
आलू को उबालकर के उसके छिलके निकाल ले और उसे चेहरे पर जोर से मले इससे पिंपल की समस्या समाप्त हो जाएगी. घरेलू सामग्री से निखारें खूबसूरती

आपकी किचन में छुपा है आपके सुन्दरता का राज़ .
यहां देखिए कुछ ऐसी चीजें जो आप किचन में आसानी से पाई जाती है.

हनी – हनी एक ऐसी चीज है , जो सभी के घर में पाया जाता है .क्या आपको पता है कि –
हनी आपकी त्वचा के लिए कितना उपयोगी है. हनी आपकी त्वचा को कोमल करता है |
बेसन – बेसन वैसे तो आप सभी वाकिफ होंगे, बेसन लगभग सभी के घरों में पाया जाता है. यह खाने को जितना स्वादिष्ट उतना ही त्वचा के लिए भी लाभकारी है . बेसन में नींबू और दूध मिलाकर उपटन बना ले | इस उपटन को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं थोड़ी देर रखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो ले | इससे आपका चेहरा निखर जाएगा |

चीनी –
चीनी नींबू रस, और जैतून का तेल, सबको एक साथ मिलाकर बॉडी स्क्रब (scrub) तैयार कीजिये , यह मुलायम त्वचा के लिए सही है | इसके मिश्रण को अपने शरीर पर चीनी के घुलने तक धीरे धीरे रगड़े इससे त्वचा की रंगत निकलती है |
केसर – केसर का पेस्ट बनाने के लिए को आपको दही और स्क्रीन में थोड़ा सा केसर मिलाने की जरूरत है | इस पर को अपने चेहरे पर सूखने तक लगाएं और उसके बाद गरम पानी में सूखे हुए कपड़े से पोछ ले | इससे आपकी त्वचा पर निखर आयेगा |

Anti ageing foods-

इसका अर्थ ये होता है की कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जिनको खाने से आपकी उम्र कम दिखे और आपकी बढती उम्र का असर आपके चहेरे पे ना दिखे इन्हों खाद्य पदार्थो को हम एंटी एजिंग फूड्स लहते है .

Anti ageing Food की बात करें तो जाहिर है कोई भी इंसान अपनी सही उम्र नहीं बताना चाहता. हर इंसान की जितनी उम्र होती है उससे कहीं ज्यादा जवान दिखे यही चाहता है, क्योंकि ये भी हमारे लिए एक इम्प्रेशन फैक्टर (impression factor ) है, कि हम आपनी Health को लेकर कितने गंभीर है. अगर आप अपनी असली उम्र को छिपाने में कामयाब हो जाएं तो हमारे कुछ एसे foods एंड tips है जो आप करेंगे तो आप अपनी उम्र को मात दे सकते हैं. आप अपने look को maintain कर सकेंगे और हम पहले जैसे ही जवान नज़र आ सकते हैं.

ये कुछ ऐसे foods जो आपकी मदद कर सकते हैं :-

1- विटामिन सी:-
हमारे लिए एक बढ़िया एंटी ऑक्साइड (anti-oxide) है, ये हमारी त्वचा के लिए उत्तम है. नीबू में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. आप जब सुबह उठते हैं तो आप अपने चेहरे पर नीबू का रस लगाएं और 15 से 20 मिनट के लिए नीबू का रस चेहरे पर लगा कर रखें . उसके बाद सादे पानी से धो लें. इसको लगाने से आपके चेहरे में जो दाग धब्बे होते हैं वो धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और हमारा चेहरा साफ सुथरा सुन्दर दिखने लगता है. नीबू के रस में क्रीम (cream) और अंडे को मिला लें और फिर अच्छी तरह से पेस्ट बनाकर आप उसे चेहरे पर लगा सकते हैं. 15 मिनट के बाद हम उसे सादे पानी से धो लें . शहद के साथ नीबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है. और नीबू का रस शहद दोनों को मिलाकर हमें अपने चेहरे पर लगाये तो आप का चेहरा काफी साफ़ रहता है. आपको नीबू से बहुत लाभ मिलता है. और यह आपका मोटापा कम करता है.

2- कच्चा नारियल (Kaccha nariyal)

कच्चा नारियल जो होता है, उसमें भी हमारे स्किन(skin ) के लिए बहुत सारे पोषण तत्व होते है. इस कच्चे नारियल में विटामिन c आपको अच्छी मात्रा में मिल जाता है. कच्चे नारियल का जो दूध होता है उसको आप 20 मिनट तक आप अपने चेहरे पर लगा कर रखें. उसके बाद आप गुनगुने पानी से मुंह धो लें. केरल और अन्य समुद्रीय तटीय जो इलाका है, जहां पर नारियल की पैदावार बहुत ज्यादा होती है वहां के लोग रोज जिन्दगी में अच्छा खासा इसे उपयोग करते हैं. और ये लोग इस कच्चे नारियल का कई तरीके से इसका इस्तेमाल करते हैं. खाने की चीजों से लेकर बालों तक और स्किन केयर के लिए अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करते हैं.
नारियल के तेल और इसके दूध से कई तरह हेल्थ बेनेफिट्स (health benifits) आपको मिलते हैं. और यह प्राक्रतिक भी है. यह एक कमाल का anti aging food भी है, और इस food को हम कई विधि रूपों से इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन प्रदूषण जैसे अन्य प्रभावों की वजह से हमारे त्वचा की नमी और लचक खो जाती है जिसे वापस gain (पाना ) करने में पपीता(papaya) आपकी मदद करता है. इसके लिए पपीते के गुद्दे को आप अपने चेहरे पर लगाओ २० मिनट के लिए लगा रहने दे उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा अच्छे से धो ले हमारे लिए पपीता को एक अच्छा aging food हैं.
खीरा का प्रयोग से हम अधिकतम वाकिफ है कई तरह के स्किन के उपचारों में भी खीरा का सेवन किया जाता है . खीरे का आप अच्छे तरह से पीस ले और उसमे आधा कप दूध मिला ले अच्छे से मिला कर के पेस्ट तैयार करे पेस्ट को आप अपने चेहरे पर अच्छे से लगा दे और २० मिनट के बाद गरम पानी से चेहरा धो ले . बाज़ार में मुल्तानी मिटटी वाले भी कुछ फेस पैक (face pack) आते है, मुल्तानी मिटटी (multaanee mitti) वाले फेस पैक में केमिकल नही होते है आपको नुकसान भी नही करते इनका इस्तेमाल आप अच्छी तरह से कर सकते है .
इसके अलावा इसी तरह के पोषक तत्व आपको कई तरह के फूलो से और प्राकृतिक चीजों से प्राप्त होता है . जिसका इस्तेमाल हम अपने त्वचा के पोषण के लिए कर सकते हैं . जैसे की बादाम एंटी ओक्सिडेंट विटामिन और मिनरल (minerals ) से प्रचुरता वाले खाद्य पदार्थो का सेवन आपकी बढती उम्र के प्रभाव को रोक सकता है जो कुछ खाते पीते है उसका सीधा असर आपके त्वचा पर पड़ता है .

3- एवोकाडो (evokado)-
यह फूल है . इस फूल में हमें बहुत सारे पोषक तत्व मिलते है, यह मोनोसेच्युरेटेड (monosaturated) फैट्स भरा फूल है, जो की और जलन से लड़ते है ये हल्दी फैट्स गुड कोलोस्टॉल (cholesterol) भी बढ़ाते हैं . एवोकाडो में फाइबर पोटाशियम फोलेट ( fiver potassium folet ) और विटामिन ई बहुत ज्यादा होते है ,हो सकते हैं कि आप इसे कई बार इसलिए ना खायें की इसमें कैलोरी काफी होती है ज्यादा फैट होने के कारण आपको देर तक भूख नही लगती है . इसकी सबसे अच्छी बात यह है की आप इसे सैंडविच (sandwich) में लेकर सलाद तक में खा सकते है .

4- अखरोट
अगर आपको जवान त्वचा चमकते हुये बाल जवान तन चाहिए तो आप अपनी दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बेहद सजग है तो रोज आप ८ या १० अखरोट खाइए विभिन्न शोध सावित कर चुके है, की अलजाइ मर्स (alzaai mers ) रोकने में याददाश्त बढाने में अवसाद कम करने में यह अखरोट जो है वह बहुत ही लाभदायक है गुणकारी माना गया है . हमें दूध भी लेना बहुत जरुरी है, हमें दूध दो बार तो जरुर ही लेना चाहिए. हमारी बढती उम्र जो दिखती हैं अगर हमें अपने खान पीने का ध्यान देगे तो हमारी उम्र बढती हुई नही दिखेगी .

इस तरह आप इन सब चीजों का अगर भरपूर तरीके से इस्तेमाल करे तो समझ लीजिये आपकी उम्र घटने की वजह बढती ही जायेगी .

एड्स का इलाज़

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एड्स के बारे में आप जानते ही होगे की ये एक बहुत गंभीर और जानलेवा बीमारी है . यह एक ऐसी बीमारी है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति कम कर के इस बीमारी का लक्षण देता है. यह रोग ऐसा है की इसमें व्यक्ति अपनी प्रतिकार शक्ति खो देता है . पीडित व्यक्ति के शरीर को प्रतिरोध के क्षमता कम होने के कारण अवसरवादी संक्रमण जैसे की सर्दी ,खासी,टी बी आदि रोग आसानी से हो जाते हैं, और इन रोगों का इलाज करना कठिन है. यह रोग विषाणु के संक्रमण से होता है. यह एक ऐसा विषाणु रोग है जो हमारी प्रतिकार शक्ति कम कर देता है .

संक्रमण होने के बाद इस रोग की स्थिति तक पहुचने और लक्षण दिखने मे ८ या १० साल या उससे या उससे भी आधिक समय लग सकता है. कई सालो तक तो व्यक्ति को पता ही नही लगता की उसे हुआ क्या है सबसे पहले कमजोरी होने के कारण उसके शरीर के रोगों से लड़ने की शक्ति कम होने लगती है जब तक आपको इस रोग की जानकारी होगी तब तक शायद बहूत देर हो जाए क्यूंकि जाँच करवाने के तीन साल के अन्दर ही रोगी अपना दम तोड़ने लगता है


एड्स के कारन –
यह रोग संक्रमण से होता है अगर आप के मुह में छाले या मसूड़ों से खून बह रहा हो तब भी ये संक्रमण फ़ैल सकता है. जिस व्यक्ति को एड्स है उस रोगी पर प्रयोग किये हुये इंजेक्शन को अगर आप दूसरे व्यक्ति को लगवाते है तो उससे भी यह रोग हो सकता है . क्योकि वह इंजेक्शन रोगी को लग चुका है ,इसलिए हमें रोगी के प्रयोग किया हुआ इंजेक्शन दूसरे व्यक्ति को नहीं लगाना चाहिए . एड्स के रोगी का खून कभी भी हमें दूसरे व्यक्ति के इस्तमाल के लिए नहीं प्रयोग करना चाहिए या फिर जिस माँ को यह रोग है तो बच्चे को माँ से दूर रखने की कोशिश करे क्योकि बच्चा माँ का दूध न पिए . उस माँ का दूध बच्चे को कभी नहीं पिलाओ और जिस माँ को यह रोग है तो जन्म लेने वाले शिशु को भी हो सकता है . मैं आपको एक उदहारण देते है जैसे आप दाढ़ी बनवा रहे है, या फिर अपने शरीर में टैटू लगवा रहे है, तो उसके लिए आप सुई का इस्तेमाल तो करेंगे ही , तो उसे अपने शरीर में छेद करवाएंगे इसी तरह उस सुई जो की आप प्रयोग में ला रहे है उस सुई से अगर आप किसी दुसरे इंसान के शरीर में छेद करेंगे तो उसे भी HIV हो सकता है .हालाँकि रोगी के हाथ मिलने पर ये रोग नही होता है |


रोगी को आप गले लगाओ या कस कर पकड़ लो इससे भी ये रोग नही होता है . रोग से ग्रस्त रोगी के साथ रहने से या फिर उसके साथ खाना खाने से भी नही होता है. छिकने या खासने से भी यह रोग नही होता . मच्छर के काटने से भी नही फैलता है ,आंसू या रोगी के थूक से भी कोई प्रभाव नही पड़ता है |
रोगी के लक्षण –

रोगी के शरीर का वजन बहुत ही कम होना और आपको बहुत समय तक खासी का आना और आपको बुखार की शिकायत बार बार होने लगे. लासिकाओ और आपके ग्रन्थियो में सूजन का आना , हफ्ते से ज्यादा समय तक दस्त होना, रात को पसीना आना, याददाश्त कमजोर होना , हमारे शरीर में बराबर दर्द लगा रहे, मानसिक रोग होना आदि यह बीमारी बहुत ही खतरनाक बीमारी है यह बीमारी से हम परेशान रहते है. हमें खाने पीने में परहेज करना पड़ता है .दवाई समय पर लेनी चाहिए .
एक आधुनिक चिकित्सा में भी HIV के रोगों के लिए अभी तक कोई इलाज नही है . एंटी रेक्टो एंटीरेटोवाइरल थैरेपी का हाल ही में एड्स के इलाज के बारे में ही इसका प्रयोग किया गया है. हालाँकि इसके बाते में साथ कई साइडइफ़ेक्ट मतलब कि प्रतिरोध के विकास जुड़े हुये है और यह जो प्रतिरोधक इलाज है. यह बहुत ही महगा इलाज है अधिकांशतः आयुर्वैदिक उपचार ही काफी किफायती उपचार है. इस आयुर्वैदिक उपचार के साथ साथ हमें पौष्टिक आहार और योगा-व्यायाम हमें नियमित रूप से इसे अपनाना चाहिए .
एड्स के प्रबंधक के लिए यह बहुत ही महतवपूर्ण बात है. HIV के रोगियों के उपचार के लिए आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी बूटियां में अवाला का और उसमे तुलसी को भी मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वैदिक दवाइयां में रोगियों के एड्स के ही वायरस होते है. वह बहुत ही खतरनाक होते है उन खतरनाक वायरस को ख़त्म करने के लिए इम्यून डेवलपर या फिर हमारे शरीर के विकास करने के लिए यह किया जा सकता है. वायरस किलर के रूप में आयुर्वैदिक विभिन्न प्रकार का है. आयुर्वैदिक दवाइयां कुछ ऐसी हैं:- एरी यह जो सक्षमा शातिशाली वायरस किलर है. जो कि HIV वायरस को अच्छी तरह से मार सकती है. ये दवाइयां हमारी सेहत के लिए सयुंक्त हो सकता है. एलोपैथिक दवाओ के साथ वे कई दवाइयां मिलाई जा सकती है हालाँकि ये आयुर्वेदिक दवाये इम्युनिटी को बढाती है. CD में चार सेल के बाद साथ में ८ कोशिकl जो है उनसे लड़ने के लिए इन्हें जाना जाते है. जैसे की चवनप्रास, अश्व्गंधक रसायन , कनमण रसायन , शोनिधा कम बस्कारा आदि दवाएँ है. यह दवा हमारे शरीर के अन्दर की गन्दगी को साफ करने में मदद करती है. कोशिकाओ को भी साफ करती है. जैसे की शोनिधा बस्कारा ननार्थ आदि l कशिराबाला कुछ आयुर्वैदिक दवा ऐसी है. जो कि प्रतीक्षा को बढाती है और हमारी बाड़ी में कलिसर रूप में साफ करती है.
आयुर्वैदिक दवाएं जल्दी असर नही करती है. परन्तु आयुर्वैदिक दवा HIV के रोगियों के लिए उपयोगी है. पर यह दवा अच्छी तरह से रोगियों की पूरी इलाज नही करती . इनके लिए चाहिए anti ritroviral इन रोगियों के लिए एक ऐसी दवा की जाँच की गयी है. जो की चार दवा को मिला कर तैयार की गयी है. इसे दवा के इस्तेमाल करने के बाद यह कहा जा रहा है की ये दावा रोगियों के लिए बहुत महतवपूर्ण दवा है. इस दवा से रोगी सुरक्षित रहेगे.
हमारे शरीर में HIV जैसा भयंकर इन्फेक्शन होता है तो यह जीन बहुत ही ज्यादा सक्रिय होता है और तो छोडो आश्चर्य वाली यह बात है कि ये खुद ही इम्यून सिस्टम को बिलकुल ही बंद कर देता हैं . इसलिए कहा जाता है कि यह वायरस जो होता हैं इसे HIV और habtaitis ,बी सी और टी बी जैसे भयंकर बीमारी या इन्फेक्शन का इलाज हो सकता है . HIV और टी बी के जो वायरस होते है. वह वायरस इतना शरीर को तंग कर देता है कि शरीर को ज्यादा ही थका देते है फिर ठीक होने के बाद उनसे लड़ने के लिए हथियार डाल देता है|

HIV से सावधान रहे लापरवाही न करे. हमें दवा समय समय पर लेना चाहिये. अपना ध्यान रखे. इन्फेक्शन से बच के रहे . प्रतिरोधक क्षमता को हमें इतना बढ़ा देना चाहिये कि हमारे कामयाबी सिस्टम का जो वायरस होता है | उसे नाकाम कर देता है . हमें अपने खान पान और रहन सहन में सावधानी बरतनी चाहिए जिससे की इन्फेक्शन न फैले बीमारी से दूर रहे |

Muhaso ke ghareloo upay in hindi

chahere me muhaso ki samasya aam baat ho gai hai,har koi apne jeevan kaal me kabhee na kabhee is samsya se grasit rahta hi hai .
agar chahere me muhase ho to confidence me bhe kami aati hai, aur saamne wala vyakti aapko utna dhyan se nahee sunta.
Aam taur pe ye kishorawastha ( teenagers ) me dekhi jaati hai.
Aaj ham aapko is samsya ka samadhan bata rahe hai ki kaise aap ghareloo nuskho ko apna ke apne chahere ke muhaso ko door kar sakte hai .

1. Coconet oil me haldee milaae-
Samagree (ingreadients )-


1.coconet oil
2.haldi
Vidhi ( process )-
• Coconet oil aur haldee ko milake chehre par achi tarah se ghise aur phir garam pani aur sabun se dhoye. Dead skin cells nikal jayenge, skin hydrate hoga aur nariyal tel mein jo antibacterials hai wo muhase ko nahi hone dega. Muhase tab hote hai jab ki chhidro mein oil bhar jaata hai aur clog hone ke wajah se bacterial action shuru hota hair aur natija hai muhaase .

2. Sahad aur daalcheene-

Samagree ( ingreadients )
1. Sahad
2. Daalcheene

Vidhi-
Shahad mein dalchini powder dalkar paste banaye aur isko chehre par ghise achi tarah. 20 minute ke baad dho dale. Isse aapko kafi had tak muhaso se aram milega .yah prayog din me ek baar jaroor kare.

Muhase Ke Ghareloo Upay in Hindi

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Aamtaur pe dekha jata hai ki kai log teenager ( kishorawastha ) me muhaso ki samsya ( problem ) se pareshan rahte hai aur kuch log har

umr me jindgi bhar is samsya se joojhte ( fight ) rahte hai.

Chahere me muhase hona aapke confidence ( aatmvishwas ) ko kam

kar deta hai jisse aap apne aap ko heen ( losser ) samjhne lagte hai.

Aaj ham aapko muhaso ke ghareloo upay hindi me bata rahe hai ,jinka

pryog karke aap muhaso se chutkara paa sakte hai aur nikhri ( glowing )

hui twacha ( skin ) paa sakte hai aur wo bhee ghar baithe .

1.coconut oil ( naariyal ka tel ) me haldee mila ke upyog kare-

Samagree ( ingreadients )

1.coconut oil

2. haldee

Vidhee ( process )-

Coconut oil me haldee ko mila ke chahere me ache tarah se ghise, aur

fir garam pane se dhole . isse dead skin cells ( mrit kosikaye ) nikal jaege

aur chahera hydrate hoga aur nariyal tel me jo antibacterial hai, wo

muhaso ko nahee hone dega

2. sahad ( honey ) aur daalcheenee powder ka use –

Saman ( ingreadients ) –

1 . sahad ( honey )

2. daalcheenee powder

Vidhee ( process )-

Sahad me daalcheene powder ko milake chahere me ache tarah se

ghase, aur fir halke gungune paanee me dhole isse keel muhase ruk

jaege.

3- kheere aur kachhe papeete ( papaya ) ka use –

Samagree ( ingreadients )

1. Ek kheera

2. Ek kachha papeeta ( papaya )

Vidhi ( process )-

Kheera aur kachha papeeta dono ka bareek paste bana le aur chahere

me aur thodi der lage rahne de iske baad ise dhole aur kisi saaf kapde

se muh ko ponche , isse keel muhaso me aaram milega.

4- gobhee ke patte ka prayog ( use of cabbage leaves ) –

Samagree ( ingreadients )-

Gobhee ka paata

Vidhi –

Gobhee ke patte ko peeskar muhaso me lagae, aur thodi der lage rahne

ke baad achee tarah se dhole , aisa rojana ( daily ) karne se aapko

muhaso se bahut hee jaldee chutkara mil jaega aur aapki skin saaf ho

jaaegi.

6- neem ke patte ka pryog –

Neem ek bahut hee gunkaaree ( qualityful ) aaushdhee hai, neem ko

khaane aur lagane dono me use kare.

Roj subah 7-8 neem ke patte le aur kha le isse khoon ( blood ) ki safai

hotee hai , aur chahere me nikhaar ( glow ) aata hai .

Neem ko chahere me bhee lagae. Neem ki pattiyo ( neem leaves ) ka

paste banae , paste banane ke lie aap pani ya fir gulab jal ( rose water )

ka upyog kar sakte hai, aur ise chahere me achee tarah lagae aur kuch

samay ke bad ise dho le jisse aapko muhaso me kaafi aaram milega , ye

prayog din me kam se kam ek baar jaroor kare .

7- tulsee ki pattiyo ka upyog ( use of tulsee leaves ) –

Samagree ( ingreadients ) –

1. Pane ( water )

2. Tulsi ki 15 – 20 pattiya

Vidhee-

Tulsee ki 15 – 20 pattiyo ko ko leke use ek cup panee me dale aur

use dheemee aach me garam karne ke liye rakh de jab kadha ban

jaye to use utar le aur thanda karne ke baad muhaso me lagae.

Aise din me ek baar kare , aisa karne se aapko muhaaso me bahut

hee jaldee aaram milega

8- neeboo ( lemon ) aur gulabjal ( rose water ) –

Samagree ( ingreadients )

1. Neebu

2. Gulab jal

Vidhee ( process ) –

Neeboo ka ras aur gulab jal barabar matra me le aur dono ki achee

se mila le aur chahere me laga le , aadhe ghante aise hee rakhe fir

chahere ko dho le isse aapko muhaso me kafi had taka aaram

milaega .

9- jayfal aur gaay ka doodh ( jaayfal and cow milk ) –

Samagree –

1. Jaayfal

2. Gay ka doodh

Vidhee –

Jaayfal aur gay ke doodh ko lep ( paste ) bana le aur ise ubtan kee

tarah chahere me ghise aur aadhe ghante tak aisa karte rahe fir saaf

panee me is dho le isse apko rahat milegee .

10- garam paanee ki bhaap le ( use water steam )

Ek katore ( bowl ) me garam panee ko ubalne ke liye rakhe, aur jab

ye bhaap dene lag jaae to apne chahere ko iske saamne le aae isee

chahere ki jo chhidr ( smaal wholes on faces ) hai wo khul jaege aur

unhe saas lene me madat milegi aur chahere me nikhaar aaega .

Waise to bahut saare tareeke hai jinse aap apne chahere ko

muhaaso se door rakh sakte hai , lekin ham yaha aapko kuch aise

tareeke batae hai jo muhaso ko door karne ke hindi tareeko m sabse

best aur saral hai .

Kuch in baato ka bhee dhyan rakhe .

1. Khoo pane piye jisse chahere me nikhaar aata hai

2. Ache neend le – ache neend lena bhee kafi had tak muhaso ko

door karta hai

3,. Junk food khane se bache – market me mil rhe junk food me bahut

hee jyaadaa tel ( oil ) hota hai , jo aapki chahre ko teleey ( oily ) banata

hai aur muhase badhata hai jisse apke chahre me namee banee rhatee

hai isilie bahar ka khana khane se bache .

Cough and cold treatment in hindi

Sardiyo aur barish ke mausam me aapko khaasee ( cough )

jukham ( cold ) ki kai saare kathinaiyo ( problems ) ka samna

karna padta hai.

Yaa to thodi jyaada sardi badh jaae yaa fir baarish ( rainy seson

) ka mausam ho , har koi kabhi na kabhi is bimaree se grasit (

inject ) rahta hi hai.

Aise me suruaat me sardi khaansee ( cold and cough ) hone ke

baad agar use naa roka jaae to samay ke sath wo bhayankar

bimaaree ka roop le letee hai aur ham jyaadaa bimar ho jate

hai.

Lekin aaj ham aapko cough and cold ke kuch treatment hindi

me bata rahe hai jine apna ke aap sardi aur khaansi ko mita

sakte hai, means cough and cold treaments .

1. Doodh aur haldee ka upyog kare ( mixture of milk

and haldee ) –

samagree (ingreadients ) –

Doodh

Haldee

Vidhee (process ) –

Ek glass doodh ko garm karke usme ek chammach ( spoon )

haldee mila le aur , pee le .

Ye ilaaz cough and cold treatment ke lie raambaan saabit ho

sakta hai .

Ye bahut hee asardaar ilaaz hai .

2 . Sahad aur dalcheenee ka mishran ( combination of

honey and honey cinnamon ) –

Yah ilaaz bahut hi jada asarkarak (effective ) ilaaz hai, aaie

ham aapko batate hai ki kaise is ko banae aur upyog kare

Samagree (ingreadients ) –

– sahad (honey )

– daalcheene ( honey cinnamon )

– neeboo ( lemon )

Vidhee (process ) –

ham aapko bata rahe hai ki aap kaise in teeno kaa mishran

(juice ) bana ke upyog kar sakte hai ,

sabse pahle ek chhotee kadhai le , aur usme sahad dale

lagbhag aadhee kadhai bhar le , aur use garm bhee karte

rahe aur patla kar de , aap double boiler kee help se sahad ko

patla kar sakte hai , iske baad usme thoda saa neeboo aur ek

chutkee daalcheene milaye , ab ise utar le aur iska sewan

kare aur ghar walo ko bhee pilaye ye bahut hee jada upyogee

cheej hai

3 . Sahad aur brandy ka mishran (mixture of honey

and brandy )–

Samagree ( ingreadients ) –

Sahad ( honey )

Brandy

Vidhee ( process ) –

Brandy garm hoti hai jiske sevan se aapke chhatee ( cheast ) ka

taap ( tempreture ) badhta hai aur sardee ( cold ) nahee hotee

aur sahad me cough ko door ke gun hote hai, aur jab dono ek

saath mil jate hai to kamaal ki aaushdhi ban jatee hai .

Dono ko samany roop me halka sa milae aur dono kaa mishran

bana le , aur sevan kare isse aap cough and cold se bach sakte

hai .

4- Aamle ka upyog kare ( aamla can be extermly

beneficial ) –

Aamla aapko kai saare bimariyo se grasit hone se bachata

hai . ye ek bahut hi ache cheej hai .

Aamle me vitamin C ki maatra payee jatee hai , aur yah

aapke lever ke lie bhee bahut useful hai aur isme pratirodhak

( anti ) gun ( quality ) paya jata hai jisse ye sardee aur

khaansee se bhee bachata hai iska sewan niyamit roop se

karnma chahie .

5- Sardee khaansee ke lie sahad ( honey ) , garam pani

( warm water ) , aur neeboo ( lemon ) ka mishran (

mixture ) –

Samagree –

Sahad

Neeboo

Water

Vidhee ( process )

Pani ko garam kare aur usme sahad , neeboo mila de fir iska

sevan kare . dhyaan rakhe jab aap sahad aur neebo pani ko

aapas me milaye to , pane garam hona chahie .

6- Sardee khaasee ke liye patsan beej ( patsan seeds for

cough and cold treatment ) –

Ye bahut hi ache dawai hai aaie apko batate hai ki kaise aap

is mishran ko bana ke iska use kar sakte hai .

Smagree ( ingreadients ) –

Sahad ( honey)

Neeboo ( lemon )

Patsan ka beej ( seeds pf patsan )

Vidhhe –

Sabse pahle aap patsan ke beejo ko uubaal ( boli ) le aur ab

ye ishran gaadha ho jaye to ise chaan le aur fir isme neeboo

aur halka saa sahad milae aur iska sewan kare .

Isse aapko bahut hee jaldee sardee aur khaase se rahat mil

jaegee .

7 . tulsee adrak aur kaalee mirch ki chaay ( milk of

ginger , black pepper and tulsee ) –

Sardee jukhaam ko bhagane ke lie aap masaledaar chaay

bhee pee sakte hai .

Jab aap chaay banate hai to usme tulsee , adrak aur kali

mirch bhee dale aur chay ko piye isse apke shareer ko

garmee milegi aur kafi rahat mahsoos hogi .

8- Lahsun ( garlic ) ka use –

Lahsun bahut hee jada garam hoti hai to ye sardee aur

khaansee me bahut asrkark sabit hoti hai

Vidhee –

Lahsun ko cheel ke senk le, ghee ke saath au rise khaae . yah

jaroor bahut hee jyaada kadwa hoga lekin ye bahut

faaydemand bhee hai

9 – gud ka upyog kare ( use jaggery ) –

Gud bahut hee jada upyogi ( useful ) hai sardee aur khansee

ke lie

Samagaree ( ingreadients ) –

Gud ( jaggery )

Kali mirch

Jeera

Vidhee ( process ) –

Panee ko ubaal ( boil ) ke usme teeno cheeje saman ( same

quantity ) matra me dale aur iska mishran bana le aur fir pie

. nishchit roop ( surely ) se aapko ye bahut hee jada faydaa

dega aur aap jaldee se theek ho jaege .

Waise to khansee aur jukham ke bahut saare treatments hai

lekin hamne aapko yaha kuch aise treatments batae hai jinki

madat se aap ghar baithe swasth ho sakte hai .

Sardee jukham se bachne ke lie kuch in baato ka dhyaan

rakhe –

1- Bearish me bheegne se bache

2- Adhik thanda pane na pie

3 – sardee me bach ke rahe

आयुर्वेद की मदद से करें बवासीर का उपचार (Treatment for bawaseer)

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आयुर्वेद की मदद से करें बवासीर का उपचार (Treatment for bawaseer)

हमें बवासीर हो या हेमराज से अधिकतर लोग पीड़ित रहते हैं. इस बीमारी का मुख्य कारण अनियमित दिनचर्या और खानपान है. बवासीर का दर्द असहनीय होता है. बाबासीर की मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण विकसित होता है.

 

बवासीर दो तरह के होते हैं :-

एक अंदरुनी

दूसरी बारी

अंदरुनी बवासीर में नसों की सूजन नहीं दिखती महसूस होती है.

 

बवासीर का पहचान बहुत ही आसान है :-

मलत्याग के समय मलाशय में बहुत पीड़ा होती है रक्तस्त्राव खुजली इसका लक्षण है. यही मुख्य कारण है इसी से गुर्दे में सूजन हो जाती है.

 

आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करने से बवासीर से छुटकारा मिल सकता है :-

नींबू

डेढ़-दो कागजी नींबू अनिमा के साधन से गुदा में ले फिर 10 से  15 मिनट की अंदर के बाद थोड़ी-थोड़ी देर में आप इसे लेते रहिए. फिर आप शोंच जाएं. यह उपाय 4-5 दिन तक करना चाहिए. इसको 3 बार प्रयोग करने से बवासीर को दूर करने में लाभ होता है.

 

जीरा

दही 2 लिटर आप मंगा ले उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोड़ा नमक मिलाकर फिर जब आपको प्यास लगे तो पानी की जगह आप इस छाछ को पिए. ऐसा 4 दिन तक यह उपाय करें या फिर आधा चम्मच जीरा का एक गिलास पानी में मिलाकर पीए.

 

जामुन

जामुन की गुठली आम की गुठली का जो अंदर का भाग होता है उसे अच्छी तरह सुखाकर उसका पाउडर बनाकर ले इस पाउडर को हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ मिलाकर पिए तो इससे खूनी बवासीर में लाभ होता है.

 

इसबगोल :-

इसबगोल की जो भूसी होती है उसे अनीयमित कड़े मल से राहत मिलती है. इससे पेट भी साफ रहता है और मस्स में ज्यादा दर्द भी नहीं रहता.

 

बड़ी इलायची :-

बवासीर में बड़ी इलायची का प्रयोग किया जाता है. इसे हम लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भून लीजिए अच्छे से जलाकर फिर ठंडा कीजिए फिर इसका चूर्ण बना लीजिये और खाली पेट सुबह लीजिए पानी के साथ. इससे आपका बवासीर दूर हो जायेगा.

 

किसमिस :-

 

किसमिस रात को 100 ग्राम किसमिस पानी में भिगो दें. सुबह मल दो अच्छी तरह उसी पानी में सुबह रोज आप उसी उसी पानी को पीये इससे भी बवासीर ठीक हो जाएगा. जिस पानी में किशमिश गिलोय रात को उसी पानी में अच्छे से मलके और रोज सुबह उसको ही पियें.

 

अन्य उपाय :-

आप चौथाई चम्मच दालचीनी को ले लीजिए और उसे पीसकर पाउडर बना लीजिए. एक चम्मच सेहद ले लो और उसे उस में मिलाकर रोज सुबह नियम बना कर जरूर लेना चाहिए इससे यह बवासीर खत्म हो जाता है.

 

हरड़ :-

हरड़ या बाल हरड़ का हम नियमित रूप से सेवन करें तो हमें बहुत आराम मिल सकता है. बवासीर बताया जाता है कि अवाला का तेल भी लगा सकते हैं. इससे भी आराम मिलता है.

 

तेल :-

बताया जाता है की आरंडी का तेल भी लगा सकते हैं इससे भी बवासीर मैं आराम मिलता है. साथ ही नीम का तेल भी मस्सों पर लगाने से फायदा होता है और नीम का तेल को चार-पांच बूंद पीने से भी कहते हैं कि फायदा करता है.

 

क्रीम :-

आराम पहुंचने वाली क्रीम या मरहम वगैरह का प्रयोग करना चाहिए. आपको पीड़ा हो रही हो तो यह खुजली से आराम दिला सकते हैं.

यह मरहम और क्रीम इन औषधियों के प्रयोग के अलावा अपने हाथों की गतिविधियों को सामान रखने के लिए फल सब्जियां या फिर ब्राउन राइस, ब्राउन ब्रेड जैसे रसे युक्त आहार का ही हमें सेवन करना चाहिए. ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का ही हमें उपयोग करना चाहिए.

बवासीर वाले मरीज को अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना चाहिए. नमक मिर्च का सेवन कम करना चाहिए. हर दिन हमें 8 या 10 गिलास पानी पीना चाहिए. फलों का ताजा जूस पीना चाहिए. हर दिन व्यायाम करना चाहिए. रात रात को खजूर को फुला लें और सुबह फुला हुआ खजूर खाएं. यह पेट को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सब्जियों का सूप नियम से पिए.  हर दिन सुबह केले का सेवन करें और शराब न पियें. नींबू, सेब, संतरा और दही इनका सेवन जरुर करे. राजमा, बिन्स, दालें और मटर को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएं.

 

मठा :-

बवासीर वाले मरीज को जब जब प्यास लगे तो पानी की जगह मठा को पिए कुछ दिनों तक ऐसा करने से बवासीर का मस्सा कम हो जाता है और बवासीर वाले मरीज को खट्टे खट्टी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. मिर्ची या मसालेदार और चटपटे खाने से कुछ दिनों तक दूर रहे यानि परहेज करना पड़ेगा जब तक कि आपका बवासीर पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता. अधिकतर हमें तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए.

DOTS TB से कैसे बचे (how can we save for TB)

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DOTS TB से कैसे बचे (how can we save for TB)

 

T.B बीमारी क्या है ?

TB यानी छय रोग एक संक्रमण रोग है जो कि किटाणुऔ के कारण फेलता है.

 

टीवी के लक्षण क्या है ?

3 सप्ताह से ज्यादा अगर आपको खांसी, बुखार विशेषतौर से शाम को बढ़ने वाला बुखार, छाती में दर्द वजन का घटना, भूख में कमी बलगम के साथ खून आना ये सब टी.बी के लक्ष्ण हैं.

 

टी.बी की जांच कहा होती है ?

आपको 3 सप्ताह से खांसी हो रही है तो आप अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाये जहां बलगम की जांच होती है. वहां बलगम के नमूनों की निशुल्क जांच कराएं.

 

टी.बी की जांच क्या निशुल्क  है ?

जी हाँ भारत सरकार द्वरा ये निशुल्क है. टी.बी का इलाज और टी.बी  की जांच सरकारी अस्पताल में निशुल्क किया जाता है.

TB Disease ka ilaj aur treatment ab Hindi mein

टी.बी का उपचार कहां होता है ?

रोगी को अपने घर के नजदीक जो उप स्वास्थ्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं चिकित्सालयों में DOTS पद्धति के अंतर्गत किया जाता है.

 

उपचार विधि

प्रथम 2 से 3 माह स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य की कमिं की सीधी देखभाल सप्ताह में तीन बार औषधियों का सेवन कराया जाता है. बाकी के जो 4-5 माह मैं रोगी को 1 सप्ताह के लिए औषधियां दी जाती है. जिसमें पहला खुराक चिकित्सा कर्मी के सामने ही खानी पड़ती है और शेष थोड़ा घर के लिए ही दी जाती है. नियम से आप अपने घर में खाएं नियम के अनुसार हम अगर औषधियों का सेवन करेंगे तो टीवी से हमें छुटकारा मिल सकता है.

 

बचाव के साधन

बच्चों के जन्म से 1 माह के अंतर B.C.G  का टीका लगवाना जरूरी है. टीवी के मरीज को खांसते छींकते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए जिससे कि किसी और को इन्फेक्शन ना पहुंचे. मरीजों को चाहिए कि जगह-जगह न थूंके के छह रोग का पूरी तरह से इलाज करवाना ही सबसे बड़ा इलाज का साधन है. टीवी रोग के निदान के लिए एक्सरे करवाना बलगम की जांच की अपेक्षा महगा तथा कम भरोसेमंद होता है. कुछ रोगियों को एक एक्सरे दूसरा जांच करवाना जरूरी होता है. जैसे FNAG BLOPSY, CT SCAN की आवश्यकता पड़ सकती है.

क्या सभी प्रकार के रोगियों के लिए कारगार है ?

DOTS द्धति के अलावा सभी प्रकार के रोगियों को तीन समूह से विभाजित कर उसका उपचारित किया जाता है. सभी प्रकार के छय रोगों का इलाज किया जाता है. यह पक्का इलाज पद्धति से संभव है.

 

ड्रॉप्स के टी.बी  के अंतर्गत टी.बी की चिकित्सा क्या है ?

आजकल तो ऐसी शक्तिशाली औषधियाँ मौजूद है जिससे हम टी.बी का रोग जाता है. वह ठीक हो जाता है परंतु जो व्यक्ति सामान्यत पूर्ण अवधी तक नियम से अपनी दवाइयां नहीं लेंगे तो सीधी देखरेख के कम अवधि चिकित्सा टी.बी के मरीजों को पूरी तरह से मुक्ति सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है.

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यह विधि स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व स्तर पर टीवी के नियंत्रण के लिए अपनाई गई है. एक विश्वसनीय विधान यह  दिया है कि जिससे रोगियों को 1 दिन सप्ताह में छोड़कर बाकी के 3 दिन कार्यकर्ता के माध्यम से दवाइयों का उपयोग किया जाता है. DOTS विधि के अनुसार चिकित्सा के तीन वर्ग है पहला, दूसरा और तीसरा सभी वर्ग में चिकित्सा का गहन निरंतर पक्ष होते हैं.

गहन पक्ष के दौरान विशेष ध्यान हमें रखने की जरूरत है तथा हमें यह सुनिश्चित करना है कि टी.बी का मरीज को  पहला खुराक दवाई का स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्वयं सेवक समाज के कार्य करने वाले जैसे कि स्वास्थ्य केंद्र के कार्यकर्ताओं को जो निजी चिकित्सा की देखरेख में रहते हैं उनसे लेनी चैये और जो आपकी दो खुराक हैं उसे आप अपने आप लेले. जो पिछले सप्ताह में काम किया गया खाली ब्लास्टर पैक अपने साथ जरूर लाएं और सप्ताह में तीन बार औषधियों का सेवन कराया जाता है. जितना जरूरी 3 दिन की चिकित्सा है उतनी जरूरी है वो उतना ही प्रभावि रहा है. जितने प्रतिदिन की दवाई जरुरी है उतने दिन यह हमारा फर्ज है कि हम चिकित्सा देखरेख में रहे.

 

मरीज को पहली खुराक चिकित्सा अधिकारी के सामने लेनी चाहिए. अगर मरीज नियम के अनुसार चिकित्सा में औषधियां लेने नहीं पहुंचता तो यह हमारा उत्तर दायित्व नहीं है कि हम मरीज को खोजकर उसे उसका परामर्श समझाएं. उस दिन और अगले दिन भी मरीज को औषधि का सेवन नियम के अनुसार करवानी चाहिए.

जो रोगी प्रथम वर्ग के होते हैं उसको 22 खुराक और दूसरे पकार के रोगी जो है उसे 34 खुराक पूरी होने पर रोगी के 2 नोमुने की जांच करवानी चाहिए. उसके सभी खुराक पूरी होने पर जांच नतीजा आने पर यदि आपका बलगम सकर्मक है तो रोगी को नियम से औषधि देना प्रारंभ कर देना चाहिए. बलगम में आपकी यदि संक्रमण है तो उपचार करने वाली औषधियों के देनेवाले की दवाई और बढ़ा देनी चाहिए.

औषधियों को नियम से खाएं अपना पूरा ध्यान रखें और चिकनी चीजें ना खाएं और हरी सब्जी का सेवन करें और जूस पियें. चिकित्सा अधिकारी के देखरेख में रहे. बिना उसके सलाह के दूसरी दवाई ना ले खानपान का पूरा ध्यान देना चाहिए. टी.बी के मरीज को परहेज करने से आप ठीक हो जाएंगे. टी.बी का मरीज अपने परिवार से दूर रहें क्योंकि उसके खांसने और झींकने से उसके परिवार वाले भी बीमारी का शिकार बन सकते हैं. कही भी खांसते और छींकते समय जरूर दूर रहें क्योंकि कीटाणु हवा के द्वारा दूसरे लोगों में जा सकता है. टी.बी के मरीज को अपना बिस्टर अलग रखना चैये और रात को अलग ही सोना चैये क्योंकि रात को जब उसको खांसी और चिंक आयेगी तोह अगर कोई उसके साथ सू रहा होगा तोह उसको भी बीमारी पकड सकती है. टी.बी के मरीज को अपने कपडे डेली गरम पानी से धुलने चाहिए और साफ़ सफाई से रहना चाहिए.

 

ध्यान रखे जो ऊपर बताये गये टी.बी के लक्ष्ण उनको ध्यान मैं रखे और अगर ऐसी कोई भी सम्भावना लगती है तो तुरंत चिकित्साल्य जाये कोई भी आलास न करे क्योंकि यह बहुत खतरनाक साबीत हो सकता है. इसलिए जो भी ऊपर बताया हजी उसको एकदम ध्यान से पढ़े और अपने जिंदगी मे उतारे.

Bacchon Mai Kabz ke Liye Gharelu Upaye

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Mata-pita ko yah bhi accha nahin lagega ki unke bacche ko koi dikkat ho chidchidapan ho raha ho. ek vishesh karan iska kabz ho skta hai fir bhi mata-pita ko yah janna avashyak hai ki yah koi asamanya sharirik rachna ki samasya nahin hai balki poshan evam vyavahar ki hai.

Parinaamswarup davaiyan khane ke bajaye mata-pita apne bacchon ko vibhinn gharelu upchar se is samasya se nizat dila sakte hain.

Aap ko kaise pata chalega ki ek baccha kab se peedit hai

bacchon ke shauch ki avritti bhinn hoti hai. ek navjat ek din me ek baar se adhik baar mal tyag karta hai. doosri aur school jaane se poorv ke bacchon ne apni mal tyagne ki adat ka vikas kiya hai or vah vyaskon ki tarah har doosre din mal tyagte hain.

Lekin kaun se lakshan dikhte hain jab bacchon ko kabz hoti hai

– udar kshetra me dard

– mal tyagte hue samay dard

– mal me rakt

– apoorn mal ke lakshan

– mal ki kathorta

Bacchon mai kabz kaise hota hai

bacchon mai kabz ka karan ya to to jaivik ya fir apeshit bhojan se ho jata hai, samanya jaivik karanon me se hai.

– upapachi asuntalan

-madhumeh thairoid asuntalan

-dava sevan

-malashya vikrati

upar bataye gaye ghatkon ke karan iske alava kuch karan kisi jeevan shaili se bhi utpann hote hain kam reshe vaale bhojan khaane se jaise ki junk food, parishkrat bhojan khane se bacche me ek vishesh matra me reshe sabzi or fal se milte hain. nimn soochi me se bhojan hai jisse bacchon me kabz hoti hai.

-lal maas

-dairi utpaad jaise paneer

-kele

-tala hua bhojan

-parishkrat bhojan aloo chipsa

-parishkrat bhojan

Bacchon me kabz doosri vajah jyoti vyavaharik hai vah yah hai ki bacche apna khel badhit na ho isliye bathroom nahin jaate hain or bacchon ki dainik dincharya me badlaav bhi ek karan ho skta hai.

Bacchon me kabz ko door karne ke liye garelu upaye

adhiktar kaha jata hai ki bacche chhote vyask hain isliye unhe bhi vyaskon ke roop me hi vyavashar karna chahiye. bacchon ko kabz saman hai isliye mata-pita ko davaiyon ki sahayata nahin leni chahiye iski bajaye kai turant gharelu upaye hain jinse kabz me aaraam dilaya jaa sakta hai.

Gavar

gavar me seetlak gun hote hain. ise ghaav par bhi lagaya ja skta hai lekin yah bacchon ke mal tyagne ki kriya par bhi asar daal sakta hai.

Ghatak (ingredient)

ek cup gavar paatha ka ras

Nirdesh (instruction)

gavarpatha ke ras ko apni pasand ke ras ke saath milayen or roz subah piyen

Neembu (lemon)

neembu ke ras me prachur maatra me saaitrik acid hota hai. yah na keval pachan kriya ko theek karta hai jabki amashya me ashrit padarth ko bhi harta hai. bacchon ko yah pani yah bhojan me dena accha tareeka hai.

Ghatak (ingredient)

ek cup garm pani

ek shahad sugandh ke liye ilayachi

Nirdesh (instruction)

ek cup garam pani me neembu ka neembu ka ras dalne use meetha karne ke liye chammach shahad milayen

Jaitoon ka tel (jaitoon oil)

vasa ka sabse accha strot ke naam se jaane jaana vala jaitoon ka tail ka swavsth bhojan me yogdan nakara nahin ja skta hai, isliye yah bacchon ki kabz se lad sakta hai. jaitoon ka tail khaane me tel ya makkhan ki jagah le sakte hain. yahi sahi roop me malashay ki gati ko theek karta hai or sulabh mal tyagne me sahayata karta hai.

Vasa yukt cheezen (carbohydrate free item)

vasayukta khana bacchon ke niyamit shauch ke liye atyant jaruri hai

Is Prakar ke bhojan me maatra mata-pita seb, gazar mila sakte hain.

Ghatak (Ingredients)

-Ek Cheeli Hui Gazar

-Ek Cheela Hua Seb

-Ek Mutthi Nuts

-Ek Santara

-Adha Cup Doodh

Nirdesh (Instruction)

Food Processor me saare ghatakon ko milakar mulayam hone tak chalaye chaahe thodi cheeni bhi mila sakte hain.

 

Keevi Cream Puding (Kiwi Cream Pudding)

Addhyanon se yah sabit kiya hai ki keevi shauch ka niyamit karta hai. isme ucch reshe or vitamin c hai jo is fal ko bacchon ki kabz ke liye sabse avashyak gharelu upay banata hai fir bhi yah fal bacchon ko pasand nahin.

Ghatak (Ingredients)

-3 Channach Fali

-Kivi ek cheeli hui

-Ek chammach corn floor

-Ek chammach shakkar

Nirdesh (Instruction)

Saari Samagri ko milakar food processor me chalayen, avashyakta ho to paani or milaya mishrit rang ka falon ka salaad.

 

Michli ke Liye 10 Gharelu Upaye

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Michli se grasit hona har kisi ke liye dukhad hota hai. har vyakti ke jivan me ek baar michli jarur aati hai. michli ke karan kabhi bhi dikhayi de sakte hain. iske karan koi nischit strot nahin hai. iska matlab yah hai ki michli ke lakshan kabhi bhi dikhaye sakte hain ki micli ke lakshan kai avasaron se paida hote hain. jaise ki aisi ghatnayen samanya, flu, garbhavastha yah cancer ke ilaz se bhi michli ki pareshani ko iske gharelu upayon se door kiya ja skta hai or iske liye aapko apne fridge ya kaboadra ko bhi dekhne ki jarurat nahin. michli ke strot ko janne ke liye sabse upyukta gharelu upaye ka upyog karne ki jarurat hai jaise ki michli ke cancer sambandhit lakshanon se.

Michli ke lakshano ko kaise roken

kai saalon ke anubhav ne yah nishkarsh nikala hai ki kai samagri me ek ashant pet ko shaant karne ka gun hota hai va samagri aapki kab ayegi ya fridge ya maslon me bhi mil sakte hain isliye hum michli ke upchar ke liye ek soochi hai.

Adarak ka asar (ginger)

adarak kitabon me shayad sabse purana ghatak hai. isme finnol hote hain jo pachan tantra ko niyamit karta hai evam pet ko shaant karta hai ya enzaim ke ko bhi badhata hai jo ki pet ki jalan ko kam rakhte hain. dusre shabdon me yah kah sakte hain ki michli ke ilaaz ke liye adark sabse uttak hai.

Samagri (Ingredients)

-Ek chammach pisa hua adarak

-Ek cup pani adarak vaikalpik

Nirdesh (Instruction)

Kam ubalte hue pani me ghisa hua adarak daalen fir paanch minute tak choden or iske baad ise chhankar thoda shahad daal den.

Neembu (Lemon)

Michli ke liye neembu ek thandi dene vaala tatva hai. garbhvati mahila bhi neembu yukta khana ya candy subah ke samay leti hain.

Ghatak (Ingredients)

-Ek chammach neembu

-Aadha chammach shahad

Nirdesh (Instruction)

Dono samagari ko ek katore me milakar dheere dheere chalaye

 

Dhoodh (Milk)

Michali hai batati hai ki aapke pet me atirikt acid hai. bread or doodh is par accha asar daalte hain.

Ghatak (Ingredients)

-Ek slice roast ki hui bread

-ek chammach doodh

Nirdesh (Instruction)

Ek katori me garam doodh daalen. roast bread ka choora karke usme daalen or milayen

Piperment ka Tel (Piperment Oil)

piperment ke tel ki khushbu se ek chidchide pet ko shanti milti hai. aaram se pet ki jalan door kar sakta hai yah soch ki samasya ko niyamit karta hai. ise chai tel ya capsool ke roop me khaya ja sakta hai.

Ghatak (Ingredients)

-Piperment ka Tel

-Ek Rui ka Faha

Nirdesh (Instruction)

Tel ki rui faahe par lagakar jjadon par lagayen

 

BRTC Bhojan (BRTC Food)

Yah bhojan mata pita ke liye mashoor hota hai. isme kele, chaval, seb ka saus or tase hota hai jisme reshe kam hote hain jo ki macchali ko kam karte hain.

Ilayachi ka choorna (Elayachi Churan)

Yadi aapke pet me gadbad hai or ghar me mehmaanon ke alava kuch nahin hai to michli ko kaise door karen. is tarah ilayachi ya aant ki gas ko door karti hai or pet ko bhi aaraam deti hai.

Ghatak (Ingredients)

-Ek cup pani

-Aadha chammach ilayachi

Nirdesh(Instruction)

Ek cup ubalte paani me ilayachi ka chooran rakhen fir paanch minute baad use chhhan len

Jeera (Jeera)

Yah Shayad ajeeb lage lekin jeera vastava me apako kisi prakar ki michli ki ahsaas se raahat deta hai. yah enzaim ke star ko badhata hai jo kisse kripa chal ke liyfayedemand hai. isme aanto ki gas ko kam karne ka gn hota hai or isse michli ke lakshan door hote hain.

Ghatak (Ingredients)

-Ek cup pani

-Ek chammach saunf

Nirdesh (Instruction)

Ek cup ubalte hue pani me saunf daalen or 10 minute chhodne ke baad chhane

Meetha karne ke liye isme shahad daalne

 

Seb Sirka (apple syrup)

iske peeche swad ke hote hain or iske peeche swarthya ke hote hue bhi yah michli ke lakshnon ko door karne ka strot hai. yah pet me uchit acid ki matra pahunchhane me sahyak hai. is tarah se pachan ki prakriya badht hai.

Ghatak (Ingredients)

Ek cup pani

Ek cup seb sirka

Aadha chammach shahad vaikalpik

Nirdesh (Instruction)

Paani me sirka milakar hilaye or isme meetha karne ke liye shahad milayyen

Dahi (Curd)

Kuch greek dahi ki sahayata se michli door hoti hai. khane ke baad jaldi hi michli ke lakshan door ho jate hain. pareshan pet ke liye gharelu upaye sabse uttam hai.

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