सफ़ेद बालो का इलाज़

हमारे सिर के बाल बिना समय के  ही सफ़ेद हो जाते हैं. यह हमारे लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है. सफ़ेद होने के कारण हम बालों में कलर करने लगें है. ये कलर  हमारे बालों को जड़ से कमजोर बना देते हैं. हमारे कई घरेलू  उपाए है, जो सफ़ेद होने से हमारे बालों को रोक सकते हैं.

कमाल आवलें का (Kamaal aawle ka)-

आंवला   बहुत ही गुणकारी है. हमें इसे नियमित रूप से प्रयोग करें तो हमारे सेहत के आलावा ये आंवला  हमारे बालों को सफ़ेद होने से रोकता है. हम जब मेंहदी  लगाते हैं तो आवले को भीगो दें, और उसी पानी से मेहंदी लगाएं. ये आवले का घोल हमारे बालों को कंडीशनिंग (conditioning) करते रहते हैं. या फिर आवले को बारीक़ काट लें, नारियल के तेल में गर्म कर लें और सिर पर लगाएं, इसे बाल सफ़ेद होने से रोकते हैं.

छोटी मिर्च का उपयोग –

काली मिर्च हमारे खाने के स्वाद को बढाती है और साथ में सफ़ेद बाल भी काले होते हैं. काली मिर्च के दाने को हम पानी में उबाल लें और उस पानी को बाल धोने के बाद सिर में डाले, हमेशा करते रहिए आसर जरूर दिखेगा.

काफी और काली चाय बालों को काला  बनाती हैं (Coffee or black tea)-

हम अपने बाल सफ़ेद देख कर परेशान होते है, तो ब्लैक टी(black tea ) और काफी का प्रयोग करें, जो बाल सफ़ेद हो गये हैं उनको हम काली टी और काफी के अर्क से धोयेंगे  तो जो हमारे बाल सफ़ेद हो चुके हैं, वे फिर से कालें हो जाएंगे. यह प्रयोग दो दिन में एक बार जरूर करें.

एलोवीरा में है गजब का जादू (Elovera ka kaamal)

हम अगर अपने बालों में एलोवीरा जेल लगाये तो इससे हमारे बालों का झड़ना और बाल सफ़ेद होना रुक जाएगा . एलोवीरा के पेस्ट में आप नीबू का रस मिला कर लगाएं. 

बालों को काला करने के लिए घरेलु उपाए (Balon ko kala krne ke upaye)-

घने और काले बाल हमारी चाहत हैं. हर महिला को यह अच्छा लगता है. हमें  अपने  पुराने तरीकों से अपने बाल काले और घने बनाने की कोशिश करनी चाहिए. समय से पहले जो हमारे सिर के बाल सफ़ेद हो जाते हैं. इसका कारण है हम जो बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंग लगाते हैं. और अपने बालों में उसका नुकसान पहुंचाते हैं.  अगर हम इनकी जगह घरेलु उपचार करें तो बालों को  सुन्दर और रेशमी आकर्षण बनाकर  सफ़ेद होने से रोका जा सकता है. हमारे जो बालों की बड़ी समस्या ये है की वो जल्दी सफ़ेद हो जाते है , यह महिलाओं की बेसिक समस्या हो सकती है. या फिर ये कारण भी हो सकता है हमारी असंतुलित जीवन का.  हमारे हिमोग्लोबिन(hemoglowin) के कमी के कारण भी हमारे बाल समय से पहले ही सफ़ेद  होने लगते हैं.

असमय बाल की सफेदी अन्य कारक  आनुवंशिकता  शरीर में रासायनिक परिवर्तन-

आज कल हमारे वायु में प्रदूषण बहुत ज्यादा हो गया है, ये भी समस्या हमारे बालों में हो सकती है. भावनात्मक चिंता का होना भी बालों को नुकसान पहुंचता  है. तनाव आदि प्रमुख कारण हैं.

हर्बल  का प्रयोग (harbal ka pryog)

हमारे बालों के लिए हर्बल का सेवन करना बेहतर है, जब हम बाजार से डाई बालों को डाई करने के लिए कई तरह का सामान लेते  हैं ताकि  हमारे बाल सफ़ेद न दिखाई दें. यह रासायनिक शेम्पू (shampoo) और लोशन(lotion) हम अपने सफ़ेद बालों में इस्तेमाल करतें रहते हैं.  लम्बे समय तक यह शेम्पू और लोशन हमारे बालों को नुकसान  पहुंचाते हैं. अगर हम अपने बालों को  काले घने और लम्बे रखना चाहते हैं तो केमिकल यूक्त रंग या शेम्पू  से अपने बालों को  बचाइए

प्राक्रतिक उपचार आपके लिए एक बेहतर विकल्प है. इस विकल्प को आप अपने घर में ही मिलने वाली सामग्री द्वारा अपना सकती हैं. घने काले चमकदार बाल बना सकती हैं.

इसके लिए आप आधा लीटर पानी ले उसमें दो चम्मच आवंला पाउडर (aanwla powder ) मिलाकर आधा नीबू भी उसमें निचोड़ दीजिये और इस पानी से रोज आप अपने बालों को नियम बना कर धोएं.  आप यह नियम  न तोड़े कुछ दिन बाद ही आपके सफ़ेद बाले काले घने मुलायम चमकदार दिखने लगेंगे.

मुलेठी और आवंले का रस (Mulethi or awnle ka ras)-

एक गिलास मुलेठी ले उसमें एक लीटर आवंले के रस को  धीमी आंच  पर पकने दें, जब तक सारा पानी न उड़ जाए. उसके बाद अच्छे से इस मिश्रण से रोजाना नहाते समय आप अपने बालों को अच्छे तरह धोएं. आपके बाल चमक उठेंगे.

 

आम की पत्तियां (Aam kii pattiyan)-

बालों के लिए आम की पत्तियां जो हैं ,उनको आप अच्छे से साफ़ करके पीस लें और पेस्ट बनाकर बालों पर लगाएं और 15 से 20 मिनट बाद आप पानी से धो लें. ऐसा करने से आपके बाल काले घने चमकदार हो गाएंगे .

आम की पत्तियां कुछ कच्चे आम भी ले लीजिए इनकों भी आप तेल में पीस कर धूप  में सुखाएं और इस पेस्ट को लगालें फिर बालों कि धो दें. इसको करने से बाल काले और सुन्दर होते हैं.

महेंदी (Mehndi)-

बालों को सफ़ेद होने से रोका जा सकता है. ताजी महेंदी का पेस्ट बनाये पत्ते वाली मेहंदी उसमे 3 चम्मच करोंदे का पाउडर एक चम्मच काफी थोड़ी से पानी  में मिलाकर इस पेस्ट को आप बालों में लगा कर दो घंटे तक छोड़ दें और उसके बाद साधारण शेम्पू से धो लें. यह बालों में रंग लाता है.

नारियल या आवंला हो बादाम हो तेल में गर्म कर के बालों की जड़ों में लगाकर मालिश  करें, ऐसा करने से हमारे बाल काले हो सकते हैं.

 

करी पत्ती (Kari patti)-

घर में बनने वाले भोजन में आप करी पत्ती का सेवन करें. इससे हमारे बाल काले होते हैं.  यह करी पत्ती हमारे लिए लाभदायक है. भोजन का स्वाद बढाती हैं और हमारे बालों को सफ़ेद होने से रोकती है.

हम अपने खान पान का ध्यान रखें इससे भी बालों में फर्क पड़ता है.

 

 

 

 

 

मुंह के छालो का इलाज़

मुंह में अगर  छाले हो  तो  खाना  पीना  और जीना  तीनों मुश्किल हो जाता है.  लेकिन इसका इलाज आपके  आसपास  ही मौजूद है | माउथ ब्लिस्टर (mouth blister)  गालों के अंदर और जीभ  पर  होते हैं| असंतुलित भोजन, पेट में दिक्कत, पान मसालों का सेवन मुह के छालो का मुख्य कारण है| लिस्टिंग होने पर मुंह में  बहुत दर्द होता है|

आइए हम आपको  मुंह के छाले से बचने के घरेलू नुस्खे बताते हैं| दरअसल मुंह में छाले होने एक आम समस्या है . कई बार भोजन में  गड़बड़ी या तीखा भोजन करने से जीभ पर होंठों पर और अंदर छाले हो जाते हैं . जो आमतौर पर 5 से 7 दिन में ठीक भी हो जाते हैं|  कभी-कभी छाले  लंबे समय तक ठीक नहीं हो पाते जो भोजन करते समय  बहुत तकलीफ देते हैं | कई बार गंभीर हो जाने पर इन से खून भी निकलता है|  ऐसे में डॉक्टर से इन की जांच अवश्य करवाएं क्योंकि यह घातक भी हो सकते हैं|

छालो के कारन –

  1. अधिक मसालेदार भोजन करने से|
  2. ज्यादा गर्म खाद्य पदार्थ का सेवन करने से|
  3. दांतों की ठीक प्रकार से सफाई न करने से |
  4. अधिक एसिडिक ( acidic ) खाद्य पदार्थों का सेवन करने से|
  5. शरीर में विटामिन सी (vitamin c ) और आयरन की कमी होने से|

 

 छालो को दूर करने के उपाय –

घी और कपूर द्वारा इलाज़ — 50 ग्राम देसी घी को गर्म करें और उसमें 6 ग्राम कपूर डाल दें ,अब इस मिश्रण को  मुंह पर लगाएं जहां आपको छाले हैं| ऐसा करने से आपके मुंह के छाले बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगे|

साधारण खाना खाए –

मुंह में छाले हो तो खाने पर ध्यान देना चाहिए इस टाइम पर आपको साधारण भोजन करना चाहिए |

 देसी घी लगाए  –

रात को सोते समय मुंह के अंदर असली घी लगाकर सोना चाहिए | इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते .

हल्दी द्वारा छालों का उपचार – 50 ग्राम हल्दी को 1 किलो पानी में उबालकर ठंडा होने पर दिन में दो बार गरारे करें , इससे छालो   में  आराम मिलेगा|

 बेकिंग सोडा –

मुंह में छाले हो तो पानी में खाने का सोडा डालकर पेस्ट बना लें, फिर उस पेस्ट को मुंह के छालों पर लगाएं इससे आपको काफी फायदा होगा. नमक पानी गरम पानी में नमक डालकर घोल  बना लें फिर उस गोल से मुंह धोए ऐसा करने से मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे|

संतरा और नींबू का रस –

मुंह में छाले विटामिन c की कमी की वजह से भी हो सकते हैं, ऐसे में संतरे का और नींबू का रस पीना चाहिए दूध और दही खाएं मुंह के छाले कष्ट दे तो  दूध पनीर और दही खाने से आराम मिलता है.

हाइड्रोजन पेरोक्साइड – हाइड्रोजन पैरॉक्साइड (hydrogen peroxide) वॉटर को समान मात्रा में मिलाकर पेस्ट बना ले , और फिर उसे जहाँ चले हो वहां पर लगा ले , ध्यान रखें  हाइड्रोजन पेरोक्साइड मुंह में ना चला जाए  इस नुस्खे से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं.

अमरुद के पत्तों को चबाने से भी मुंह के छाले खत्म हो जाते हैं | यह एक बहुत ही आसान और सस्ता नुस्खा है |

कुछ ऐसे छोटे नुस्खे बता रहे है जिन्हें आप अपना के छालो को ठीक कर सकते है –

– छोटी इलायची को पीसकर चूर्ण  बना ले | और इस इलायची के चूर्ण को शहद में मिलाकर छालों पर लगाएं|  ऐसा करने पर आपको सालों में बहुत लाभ मिलेगा |

-शहद में नींबू का रस मिलाकर इसका कुल्ला करने से छाले  खत्म हो जाते हैं |

-सूखे पान के पत्तों को पीसकर उसका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण को शहद में मिलाकर चाटे | इससे छालों में बहुत जल्दी आराम मिलेगा |

-पानी अधिक से अधिक पिए ऐसा करने से आपका पेट साफ रहेगा  और छाले  भी  नहीं होंगे |

-भोजन करने के  बाद गुड़ का सेवन अवश्य करें |

हरा धनिया  का रस मुंह के छालों पर लगाने से  छालो  में बहुत जल्दी आराम मिलता है,  या फिर सूखे धनिया को पानी में उबालने और फिर उस पानी को छानकर ठंडा कर लें ,और उस से गरारे करें इससे भी  छाले ठीक हो जाते हैं |

– शहद को पानी में मिलाकर कुल्ला करें | ऐसा करने से आपको छालो  में  बहुत जल्दी  आराम मिलेगा .

अरहर दाल छालों के  इलाज के लिए अरहर दाल को बारीक पीस लें|  और इस पेस्ट को छालो  में दो से तीन बार लगाएं | इससे मुंह और जीभ के  सारे छाले ठीक हो जाते हैं |

शहद में मुलेठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर लगाएं | और इसके लार को  बाहर निकाल दें|  मुंह के  छालो का इलाज करने में मुलेठी का इस्तेमाल एक असरदार देसी  और सस्ता  नुस्खा है|

 पान का कत्था  – पनवाड़ी से  मिलने वाला पान ले और उस पान पर लगाने वाले  कत्था को  मुंह के  छालों पर  लगाने से जल्दी  फायदा  मिलता है|

-मुलेठी का चूर्ण और शहद मिलाकर छालों पर 3-4  दिन  लगाने  से  भी छालों में आराम  मिलता है , पर ध्यान रहे इस पेस्ट को छालों पर दिन में दो से तीन बार लगाएं |

एलोवीरा (alovera) – एलोविरा  का उपयोग एक प्राकृतिक  उपचार है | एलोवेरा जेल  या  उसको  छालों पर  लगाएं  इससे   छालों में होने वाला दर्द कम होता है|  और छाले जल्दी  दूर हो जाते हैं  |

बर्फ के टुकडे – आइस क्यूब को  छाले वाली जगह पर रखने से भी छाले  ठीक हो जाते हैं . 1 बर्फ का  छोटा टुकड़ा ले और इसे छाले वाली जगह पर 20 से 25 सेकंड लगातार करें  रखें|  इस क्रिया को  तीन से चार बार करें.

-तुलसी का पत्ता  2 से 3 तुलसी के  पत्ते लें और इन्हें पीसकर  रस निकाल ले , अब इस  रस को छालों पर लगाएं , ऐसा करने से  छाले ठीक हो जाएंगे |

नारियल पानी – नारियल  का पानी पीने से पेट की गर्मी खत्म हो जाती है| जिससे छालो   की समस्या नहीं होती  छालो का इलाज करने के लिए नारियल का  दूध भी इस्तेमाल कर सकते हैं | एक चम्मच नारियल के दूध में  थोड़ा सा शहद मिलाकर छाले वाली जगह पर मसाज करें|

चर्म रोग का इलाज (charm rog ka ilaj)

चर्म रोग का इलाज (charm rog ka ilaj)

 

आपको अगर चर्म रोग है, तो इस बीमारी के कारण कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है . बारिश  या फिर गर्मी के मौसम में इस तरह की समस्या  अधिक होती है. इस मौसम में हमें अपने त्वचा का बचाव करना बहुत जरुरी है नही तो चर्म रोग होने की संभावना हो जाती है . हम आपको चर्म रोग से बचने के लिए कुछ विशेष जानकारी दे रहे हैं.

चर्म रोग के कारण:-

  • केमिकल चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन,चुना और डिटर्जेंट .
  • पेट में अधिक समस्या होने से भी चर्म रोग होता है .
  • रक्त विकार होने की वजह से भी यह होता है
  • महिलाओं में भी यह समस्या हो जाती है अगर उनको सही समय पर मासिक धर्म (periods) न आये .
  • जो मरीज पहले से ही चर्म रोग से ग्रसित है उसके कपडे पहनने से भी ये रोग हो सकता है .

 

 

चर्म रोग के लक्षण :-

  • इस समस्या में चेहरे या स्किन पर छोटे छोटे दाने निकलने लगते है .और धीरे धीरे ये लाल रंग में बदल जाते है . फिर उसमे खुजली होने लगती है और ज्यादा खुजली होने पर इसमें जलन भी होने लगती है . ये दाग पूरे शरीर  पर हो जाता है फिर हल्का बुखार हो जाता है .

 

चर्म रोग से बचने के घरेलु उपाए-

 

जैसे कि गेंदा का फूल  ये फल गहरे पीले रंग और नारंगी रंग का होता है. यह हमारी त्वचा की समस्याओं के लिए प्रभाव शाली घरेलू  उपाए है. यह छोटे मोटे कटे  हुए शरीर पर या जलने या फिर मच्छर के काटने से रुखी त्वचा आदि के लिए शानदार घरेलू  उपचार है . गेंदे में एंटी बोवेलियल और एंटी वायरल गुण होते हैं.  हमारे शरीर में सूजन  है तो यह सूजन  को कम करने में मदद करता है. यह हमारी त्वचा के लिए हर प्रकार से लाभदायक है

 

गेंदे की पत्ती और पानी (Gende kii patti or Paani)-

 

हम गेंदे की पत्ती को पानी में उबाल कर उसी से दिन में कम से कम दो तीन बार आप आपना चेहरा धोएं . आपकी एवने की समस्या दूर हो जाती है, और साथ में इसका सेवन किया जाए तो हमें ये आंतरिक शक्ति प्रदान करवाता है, और इसी के साथ ही यह केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली पर भी यह बबुने के फूल सकारात्मक असर डालता है.यह एक्जिमा में भी बहुत ज्यादा मददगार होता है. केमोमाइल या बबुने के फूल सेबनी हर्बल टी दिन में 3 बार सेवन करें तो आपको काफी फायदा  पहुंचता है. इसके साथ ही एक्जोमाओ सोरायसिस जैसी बिमारियों से छुटकारा पाने से यह फूल हमारी काफी मदद करता है. आप एक सफ़ेद कपड़ा ले और  केमोमाइल टी में डुबोकर आप अपने त्वचा के संक्रमक हिस्से पर लगाने से आप को काफी लाभ मिलता है. उस प्रक्रिया को पन्द्रह पन्द्रह मिनट के लिए दिन में चार से छह बार करना चाहिए. यह केमोमाइल जो है कई अंडर आई( under eye ) moisturizer  में भी प्रयोग किया जाता है. इसे डार्क सर्कल (dark circle ) हमारे दूर होते हैं.

 

कमके के फूल (Kamke ke Phool)

 

कमके के फूल और पत्ते बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं. इस फूल के पत्ते और जड़ सदियों से हमारी त्वचा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. यह फूल अगर आपकी त्वचा में कहीं कट गया हो , जल गया हो तो वहां लगाने से कई प्रकार से लाभकारी होता है. इसमें मौजूद तत्व त्वचा द्वारा काफी तेजी से अवशोषित कर लिए जाते है जिससे कारण स्वस्थ कोशिकायों का निर्माण होता है. और इसी में हमारी त्वचा को आराम पहुचने वाले तत्व पाए जाते हैं. अगर आपकी त्वचा में कभी जख्म हो जाए तो आप कमके फूल कि जड़ो का पाउडर बना कर उसे आप गर्मपानी में मिला लें. और गाढ़ा सा पेस्ट बना लें. फिर इस पेस्ट को आप साफ कपड़े में फैला दें, अब इस कपड़े को जख्मों पर लगाने से हमें चमत्कारी लाभ मिलता है अगर आप रात में इसे बांध कर सो जाएं, तो सुबह  काफी आराम मिलता है. इसे कभी खाया नहीं जाता नहीं तो ये हमरे लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है.

आपको बहुत बड़ा जख्म है तो बड़े जख्म में इसे नहीं लगाया जाता, क्योंकि इससे त्वचा की उपरी परत तो ठीक हो जाती है लेकिन भीतर जो कोशिकायें हैं वह पूरी तरह ठीक नहीं हो पाती हैं.

 

अलसी के बीज(alsi ke beej)-

अलसी के जो बीज  होते हैं  बीजों में  ओमेगा थ्री फैंटी एसिड होता है, जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसमें सूजन  को कम करने वाले तत्व मौजूद होते हैं. यह हमारी स्किन डिसऑर्डर ( skin disorder ) जैसी एक्जिमा (agzima ) और सोरासिस (sorasis ) को भी ठीक करने में हमारी मदद करता है. आप दिन में एक दो अलसी के बीज का तेल सेवन करने पर त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है. अलसी के बीज का तेल हम किसी अन्य अहार में ले तो ज्यादा ठीक रहेगा

 

अन्य उपाए (Any Upay)

 

हल्दी ,लाल चंदन ,नीम की छाल ,चिरायता बड्डे ,आवंला और अड्से के पत्ते को एक सामान मात्रा में लीजिए सभी को बराबर- बराबर मात्रा में लीजिए. इन सभी सामानों को पानी में भिगो दीजिये, जब ये अच्छी तरह  से फुल जाए तो इसे पीस कर ढीला पेस्ट बना लों .इसके चार गुना मात्रा में तिल का तेल को तेल के चार गुना मात्रा में पानी लो फिर इस सबको बड़े बर्तन में अच्छे से मिलाकर मंद आंच में तब तक पकाएं जब तक सारा पानी भाप बन कर उड़ न जाए. फिर ठंडा होने पर इसका सेवन करें. आपके शरीर में जहां जहां  खुजली ही रही ही वहां लगाएं या फिर पुरे शरीर में इस पेस्ट को लगाते रहिए. आपकी त्वचा का चर्म रोग ठीक हो जायेगा. अगर हमारा चर्म रोग ठीक नहीं होता ही व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार हो जाता है. आपको चर्म रोग की समस्या है तो आप चिकित्सक से सलाह जरूर लें और दवा कराएं.

 

 

 

अस्थमा का उपचार

अस्थमा एक श्वास संबंधी बीमारी है | अस्थमा के रोगियों को   मौसम परिवर्तन की  कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है| इतना ही नही अस्थमा के रोगियों को धूल , मिटटी, प्रदूषण,  इत्यादि से बचकर रहना पड़ता है| अगर आप को अस्थमा है तो आपको अस्थमा का उपचार के लिए आम तौर पर दवाइयों का ही प्रयोग किया जाता है, लेकिन जिन व्यक्तियों पर अस्थमा को दवाई काम करना ही बंद कर देती है  जिस कारण वश में उस  व्यक्ति को इन्हेलर दिया जाता है इतना ही नहीं जिन व्यक्तियों को अस्थमा की शिकायत है उन्हें लापरवाही नहीं करनी चाहिए, अपने पूरे  खाने पीने का ख्याल रखना  पड़ता  है|

अस्थमा  में काफी  को लेने की  भ्रान्ति –

वैसे में अस्थमा के रोगियों को डॉक्टर चाय और कॉफ़ी से परहेज रखने को कहता है, अभी तक हम  आम आदमियों का भी यही विचार था कि वाकई में अस्थमा के रोगियों को चाय और कॉफ़ी अस्थमा के रोगियों को नुकसान पहुचा सकती है लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है ,दरअसल अस्थमा से जुड़े हुए भ्रम  है अब हम यह जानने की कोशिश करे कॉफ़ी से अस्थमा का इलाज कैसे संभव है| यह सच है कि हम अब अस्थमा की रोगियों को कॉफ़ी आराम से दे सकते है बिना किसी शंका  के, क्योकि  अस्थमा के रोगियों के लिए नुकसान पहुचाने के अलावा यह कॉफ़ी फायदा दे सकती है | आप जानते है की हाल ही में  एक शोध में यह बात सामने आ चुकी है कि कैफीन में जो तत्व मौजूद है उसमे अस्थमा की दवा  हो सकती है| इस दवा के  इस्तेमाल से  अस्थमा के रोगियों द्वारा  अस्थमा नियंत्रण के लिए किया जाता है और कुछ शोधो के द्वारा अस्थमा से बहुत परेशान व्यक्तियों की कॉफ़ी दी गई है, जिससे सकारात्मक रूप में हमें प्रभावी लक्षण पाये गए है यानी की अब आप भी अस्थमा के रोगियों को कॉफ़ी के उपचार में आप भी कॉफ़ी का सेवन कर सकते है|

ध्यान रखने योग्य बाते –

सबसे पहले आप यह बात सुनिश्चित कर ले कि आपको कैसी कॉफ़ी पीनी है| अस्थमा के मरीज अपने पसंद की कॉफ़ी ले जिससे कि आपको स्वाद आए  और आपको ऐसा प्रतीत न हो कि आप किसी के कारण कॉफ़ी का सेवन कर रहे है जब आपको यह लगे कि आपको अस्थमा बीमारी की आशंका  है या फिर अटैक  पड़ने की लक्षण दिखे तो आप एक कॉफ़ी बनाइये और आप कॉफ़ी में १/३ हिस्सा ही कॉफ़ी को पिए.  वैसा आप कॉफ़ी का इस्तेमाल करेगे तो आपको भरपूर मात्रा में कैफीन मिल जायेगा जब आपने  कॉफ़ी पी ली   है, तो हमें १० मिनट के बाद तक इन्तजार  करे और आप इसे बात पर ध्यान जरुर रखे कि कॉफ़ी पीने पर आपके कोई सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है, अगर कॉफ़ी पीने पर कोई असर नहीं दिखाई दिया तो आप फिर से १/३ कॉफ़ी फिर से बना कर पीनी होगी, एक बार आपको फिर से १० मिनट के अन्दर यह महसूस करे की आपको दूसरी  कॉफ़ी पीने का क्या प्रभाव पड़ा | आप अगर एक भी अस्थमा के लक्षणों को महसूस कर रहे है और आपके पास कोई मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं है तो आपको फिर से थोड़ी बहुत कॉफ़ी का सेवन फिर से करना पडेगा फिर उसके बाद आप आराम करे आप अब तीसरी बार कॉफ़ी पी चुके है अब आप कैसा महसूस कर रहे है इस पर अब ध्यान दे  ( इतना कुछ करने पर भी अस्थमा के रोगियी को आराम नही मिलता तो आप यह देखिये  की अस्थमा के लक्षण कैसे है इतने पर भी आपकी हालत बहुत ख़राब हैं तो आपको और भी मेडिसन की जरूरत पड़ सकती  है| हमारे  कहने का अर्थ यह है कि यदि हम अस्थमा के शुरुआत में इसके लक्षण पहचाने ले तो आपको कॉफ़ी से ही आराम मिल सकता है यदि आपकी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई हो तो यह कॉफ़ी से ही पता लगाया जा सकता है की कॉफ़ी पीने से आपके ऊपर कोई असर नहीं है आपको हालत ज्यादा बिगड़ गई है | यह बीमारी किसी उम्र में हो सकती है इस बीमारी का कोई समय नही है अस्थमा की बीमारी बच्चो में भी हो जाती है यह अस्थमा की बीमारी बहुत देती है| अस्थमा की बीमारी जब व्यक्तियों को बढ़ जाती है तो उन्हें साँस लेने और निकलने में भी रोगियों को बहुत परेशानी बढ़ जाती है| इस बीमारी में खांसी  आने लगती है| नाक से जब हम साँस लेते है तो नाक बजने लगता है सुबह और शाम में मौसम ठंडा होता है उस समय पर अस्थमा के रोगी को साँस लेने में परेशानी होती है इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक करना मुश्किल है| इस बीमारी में हम एलर्जी से बच के रहे ध्रूमपान गन्दगी दूषित  हवा अपना बचाव करना चाहिए हमें ज्यादा कसरत नही करनी चाहिए मानसिक तनाव के वजह से काफी तकलीफ होती है अस्थमा की बीमारी परहेज खानपान में इलर्जी से बचे और अपनी दवा , समय पर लेना चाहिए जिससे भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सके |

 

 

 

 

 

अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan) in Hindi

 अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan)- हमारे घर के अंदर और घर के बाहर कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिसके कारण हमें अस्थमा की शिकायत हो सकती है. इनके कुछ कारण ये हैं:-

हवा प्रदूषण  (Hawa Pradhushan)- हवा में प्रदुषण बहुत ज्यादा है. प्रदूषण   ही अस्थमा का प्रमुख कारण माना जाता है. आज कल  ये जो प्रदूषित हवा है यह हमारे सांस  नलिका में जाती है और वहां से अस्थमा  की शरुआत होती है. आज कल जो गाडियों से धुआं निकतला है वह हमारी हवा को  दूषित कर देता है.

धूम्रपान (dhomrapaan)- धूम्रपान  करना या धूम्रपान  करने वाले व्यक्ति के पास न खड़े रहें. हम इस बात को याद रखें धूम्रपान  कोई भी करे लेकिन सिगरेट – बीडी से निकला धुआं जो है, वह हर व्यक्ति के उपर उसका बुरा असर पड़ता है. जैसे परफ्यूम  स्प्रे  हो साबुन , जेल इत्यादि की  तेज  गंध, आपको जिस गंध से एलर्जी हो उस गंध  से हमें तकलीफ पहुंच सकती है.   फूल के पराग के जो  कण होते हैं उससे भी अस्थमा हो सकता है, दीवार पर लगाये हुए तेल आदि  का जो रंग है उससे भी अस्थमा हो जाता है.

वातावरण में बदलाव के कारण-  

वातावरण के वजह से भी हमें अस्थमा का हमला हो सकता है, या फिर हमारी अस्थमा बढ़ भी सकती है | अगर अचानक बादल आ जाये या फिर अचानक बरसात हो जाये या फिर मौसम ठंडा या ठंडी हवा में साँस लेने के कारण भी यह अस्थमा हो सकता है |

मानसिक उतेजना – अगर आप जोर जोर से हंस  रहे है अत्यधिक चिल्ला रहे हो , रो रहे है रोते समय तेजी के साथ लम्बी साँस लेने के कारण भी अस्थमा से हम परहेज हो सकते है |

गहरी साँस लेने से- अस्थमा वाले मरीज को अत्यधिक कसरत नहीं करनी चाहिए  हम व्यायाम करे फिर खेलते समय गहरी साँस ले इसके कारण भी अस्थमा का हमला हमारे शरीर पर हो सकता है| हम किसी कारण वश  आवेश  जाने के कारण भी के मरीजो को मानसिक उतेजना के कारण भी अस्थमा हो सकता है जिन बच्चो को अस्थमा की शिकायत है उन्हें खेलने से आधे घंटे पहले उन्हें अस्थमा की दवाई ले लेनी चाहिए

घर के अन्दर प्रदूषण  से- हमारे घर के अन्दर भी कुछ वैसी चीज़ हैं, जिसके कारण भी व्यक्ति को अस्थमा की शिकायत हो सकती है| हम अपने घर में कुछ जैसे पालतू जानवर पालते है, उनके बाल  से ही अस्थमा की शिकायत हो सकती है हमारे घर की जो चीज़ है गीली  होने से भी उसमे ऊगने वाले फंगस जो होते है उनसे भी अस्थमा का हमला हो सकता है| तिलचट्टा (कॉकरोच) खाल हो या फिर छोटे किटाणु (House Dust Mite), खाना का भी कुछ ऐसे पदार्थ होते है जिनके कारण हमें एलर्जी हो सकती है कुछ ऐसे पदार्थ है दूध, मछली, टमाटर, अंडा आदि खाने के पदार्थ होते है अगर हमारा खाना मिलावटी है तो उससे भी हो सकता है| कुछ कपडे धोने के साबुन है डिटर्जेंट इत्यादि की ऐलर्जी हो सकती है घर के अन्दर जैसे धूप  हैं हम साफ सफाई करते समय धूल कचरा साफ करते है उससे भी हमें ऐलर्जी हो सकती है|

(बीमारी) कुछ बीमारी व्यक्तियों को हमारे नाक कान और गले से होने वाली बीमारी का शुरुआती  दौर में हम अपनी इलाज न करवाये | ये तो इसके कारण भी बीमारी हो सकता है उसका संक्रामक  साँस वाली नालिका  में जब वो फलने लगता है तो हमारे शरीर के अस्थमा बढ़ सकता है| हमें अगर खट्टी डकार  आ रही है हमारा खाना आधा पचा हुआ  है, खाना हमें अच्छे ढंग से जब नही पच   पता तो हमें खट्टी डकार  आती है हमारा खाना दूसरे नालिका  में से श्वसन नलिका में जा सकता है और इने सब कारणों से अस्थमा हो सकता है |

हार्मोन्स में बदलाव- हमारे शरीर के मासिक धर्म , गर्भावस्था, के दौरान स्त्रियों में हारमोंस के बदलाव कारण भी हमें अस्थमा की बीमारी हो सकता है|  कुछ ऐसी दवाइयां होती है जिनके कारण ही हमें अस्थमा बढ़ सकता है| जैसे की एस्प्रिन,  आईबुप्रोफेन, इत्यादि दर्द नामक दवाइयां है श्वसनी दमा एक फेफड़ो  की समस्या है जहाँ हवा के रास्ते यानि के श्वसनी अवरुद्ध होती है या बाधित होती है, यह हमारे साँस वाले रस्ते में रुकावट लाता है, और हमारे साँस में हवा के स्तर में कमी होने के वजह से मरीज को घुटन होने लगते है जिससे की उसे लेने में बहुत तकलीफ होती है व्यक्ति की प्रतीक्षा प्रणाली और एलर्जी के लिए प्रतिरोधक उच्च स्तर श्रावणी में हवा के बहाव के रुकावट का कारण बनता है|

हालाकि  हमारे साँस की मांसपेसियो दिल के ऑक्सीजन पंप करने के लिए बहुत ज्यादा परिश्रम करती है वे समय के अनुसार हमें जब ज्यादा तनाव हो जाते है उसके कारण भी अधिक कमजोर हो जाता है हमारे मांसपेसियो पर साँस और हवा का आना और जाना प्रकिया के करने के तनाव स्तर के बावजूद रक्त वाहिकाए हवा के बहाव के कारण सहायता करने में असमर्थ होती है| इसके परिणाम स्वरुप साँस हमारी प्रभावित होती है और मांसपेसियो को ऐठन और साँस दीवार पर सूजन  आता  है जिसके कारण हमारी शरीर में बलगम का श्राव होकर साँस मार्ग अवरुद्ध होता है |हड्डी और शुष्क हवा धुआ प्रदुषण परगकिरण धूल, तनाव, चिंता, और साँस सक्रमण जैसे एलर्जी किरणों से आप में दमा के विकास की होती है अस्थमा के मरीज अपनी एलर्जी का खुद ध्यान रखे हमें किसी चीज़ से एलर्जी ज्यादा अपने आप को बचा कर रखे डॉक्टर की सलाह से दवा  ले |

अस्थमा की बीमारी को आप हल्के में ना ले . उसे एक गंभीर बीमारी के रूप में समझे और तुरंत उसके लक्षण दिखने पर इसका इलाज कराए.वैसे तो हमने आपको बता ही दिया है की इसके लक्षण क्या है तो इस लिए इसे ध्यान से पढ़े और समझे. की इसका इलाज कैसे हो सकता है . इसके बारे में खुद भी जागरूक रहे और दूसरे को भी जागरूक करे.

Anti-Wrinkles Tips in Hindi

सुंदर दिखना हर किसी की चाहत होती है .इसलिए यह जरूरी नहीं है कि आप कॉस्मेटिक का उपयोग या ब्यूटी पार्लर में जा के चेहरे की खूबसूरती को बढाए, कि आप इसका खास खयाल रखें | आइए हम बताते हैं कुछ ब्यूटी टिप्स जो आपकी त्वचा को निखार देगा.

जिस तरह पौष्टिक आहार से शरीर को ऊर्जा मिलती है ,उसी तरह स्वस्थ तरीके आप के रूप को निखारते है | कोई खूबसूरत दिखने के लिए महंगे उत्पादों पर पैसा खर्च करता है , तो कोई दवाई पर लेकिन आप घरेलू उपाय की मदद से खूबसूरत दिख सकते हैं |

रिंकल्स के लिए टिप –

एक चम्मच हनी में कुछ बूंदे नींबू का लीजिए और मिला के लगाए और रिंकल से छुटकारा पाए , और रिंकल को अपनी त्वचा से कोसों दूर रखे|

चमकती त्वचा के लिए खास टिप्स –


एक चम्मच हनी में कुछ बूंदे नींबू के रस की साथ लगाने से चेहरे पर रिंकल नहीं पढ़ते | इस पेस्ट को रोजाना इस्तेमाल कीजिए और इन सबको अपनी त्वचा से कोसों दूर रखिए |

खूब सारा पानी पियें –
ऐसा करने से शरीर का सारा दूषित पदार्थ बाहर निकल जाता है. जब शरीर में गंदगी नहीं रहती तो त्वचा पर अपने आप चमक आती है|

स्क्रब के लिए टिप – टमाटर का टुकड़ा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें ऐसा करने से चेहरे की गंदगी दूर हो जाएगी, त्वचा को निखारने के लिए कभी-कभी बहुत जरूरी है | स्क्रब त्वचा की बेस्ट स्कोर हटाकर रोमछिद्रों को बंद होने से रोकता है |

टिप्स फॉर ऑइली स्किन
एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच गुलाब जल , और पिसा हुआ पुदीना, मिलाकर 1 घंटे तक रखे फिर चहेरे पर लगाकर 1 मिनट बाद धोले इससे चेहरे की चिकनाहट दूर हो जाएगी

डाक सर्कल्स के लिए टिप्स – आंखों के नीचे के डार्क सर्कल्स से बचने के लिए बादाम के तेल में हनी मिलाकर लगाएं इससे थोड़ी देर लगे रखने दें | फिर हल्के हाथों से मसाज करके धो ले.
टिप्स फॉर क्लींजिंग – मेकअप को हटाने तथा धूल मिट्टी से बचने के लिए दिन में एक बार क्लींजिंग जरूरी है| इसके लिए चावल के आटे में दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे और गर्दन पर अच्छी तरह बल्ले इसके बाद चेहरा धो ले.

ब्यूटी टिप्स ड्राई किंग
ड्राई किंग के लिए नारियल के आयल और संतरा का रस मिला ले और इसे रूखी फटी हुई त्वचा पर लगाएं इससे अच्छी तरह सूखने के बाद गुनगुने पानी से धोले और हाथों से नारियल का तेल या कोई भी मॉश्चराइजर लगा ले |
दूर कीजिए ब्लैक स्पॉट – चेहरे के काले दाग धब्बे हटाने के लिए टमाटर का रस कॉटन में भीगो कर दागों पर लगाएं धब्बे साफ हो जाएंगे और आपका चेहरा सुंदर दिखेगा |

पिंपल्स के लिए टिप
आलू को उबालकर के उसके छिलके निकाल ले और उसे चेहरे पर जोर से मले इससे पिंपल की समस्या समाप्त हो जाएगी. घरेलू सामग्री से निखारें खूबसूरती

आपकी किचन में छुपा है आपके सुन्दरता का राज़ .
यहां देखिए कुछ ऐसी चीजें जो आप किचन में आसानी से पाई जाती है.

हनी – हनी एक ऐसी चीज है , जो सभी के घर में पाया जाता है .क्या आपको पता है कि –
हनी आपकी त्वचा के लिए कितना उपयोगी है. हनी आपकी त्वचा को कोमल करता है |
बेसन – बेसन वैसे तो आप सभी वाकिफ होंगे, बेसन लगभग सभी के घरों में पाया जाता है. यह खाने को जितना स्वादिष्ट उतना ही त्वचा के लिए भी लाभकारी है . बेसन में नींबू और दूध मिलाकर उपटन बना ले | इस उपटन को अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं थोड़ी देर रखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो ले | इससे आपका चेहरा निखर जाएगा |

चीनी –
चीनी नींबू रस, और जैतून का तेल, सबको एक साथ मिलाकर बॉडी स्क्रब (scrub) तैयार कीजिये , यह मुलायम त्वचा के लिए सही है | इसके मिश्रण को अपने शरीर पर चीनी के घुलने तक धीरे धीरे रगड़े इससे त्वचा की रंगत निकलती है |
केसर – केसर का पेस्ट बनाने के लिए को आपको दही और स्क्रीन में थोड़ा सा केसर मिलाने की जरूरत है | इस पर को अपने चेहरे पर सूखने तक लगाएं और उसके बाद गरम पानी में सूखे हुए कपड़े से पोछ ले | इससे आपकी त्वचा पर निखर आयेगा |

Anti ageing foods-

इसका अर्थ ये होता है की कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जिनको खाने से आपकी उम्र कम दिखे और आपकी बढती उम्र का असर आपके चहेरे पे ना दिखे इन्हों खाद्य पदार्थो को हम एंटी एजिंग फूड्स लहते है .

Anti ageing Food की बात करें तो जाहिर है कोई भी इंसान अपनी सही उम्र नहीं बताना चाहता. हर इंसान की जितनी उम्र होती है उससे कहीं ज्यादा जवान दिखे यही चाहता है, क्योंकि ये भी हमारे लिए एक इम्प्रेशन फैक्टर (impression factor ) है, कि हम आपनी Health को लेकर कितने गंभीर है. अगर आप अपनी असली उम्र को छिपाने में कामयाब हो जाएं तो हमारे कुछ एसे foods एंड tips है जो आप करेंगे तो आप अपनी उम्र को मात दे सकते हैं. आप अपने look को maintain कर सकेंगे और हम पहले जैसे ही जवान नज़र आ सकते हैं.

ये कुछ ऐसे foods जो आपकी मदद कर सकते हैं :-

1- विटामिन सी:-
हमारे लिए एक बढ़िया एंटी ऑक्साइड (anti-oxide) है, ये हमारी त्वचा के लिए उत्तम है. नीबू में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. आप जब सुबह उठते हैं तो आप अपने चेहरे पर नीबू का रस लगाएं और 15 से 20 मिनट के लिए नीबू का रस चेहरे पर लगा कर रखें . उसके बाद सादे पानी से धो लें. इसको लगाने से आपके चेहरे में जो दाग धब्बे होते हैं वो धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और हमारा चेहरा साफ सुथरा सुन्दर दिखने लगता है. नीबू के रस में क्रीम (cream) और अंडे को मिला लें और फिर अच्छी तरह से पेस्ट बनाकर आप उसे चेहरे पर लगा सकते हैं. 15 मिनट के बाद हम उसे सादे पानी से धो लें . शहद के साथ नीबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है. और नीबू का रस शहद दोनों को मिलाकर हमें अपने चेहरे पर लगाये तो आप का चेहरा काफी साफ़ रहता है. आपको नीबू से बहुत लाभ मिलता है. और यह आपका मोटापा कम करता है.

2- कच्चा नारियल (Kaccha nariyal)

कच्चा नारियल जो होता है, उसमें भी हमारे स्किन(skin ) के लिए बहुत सारे पोषण तत्व होते है. इस कच्चे नारियल में विटामिन c आपको अच्छी मात्रा में मिल जाता है. कच्चे नारियल का जो दूध होता है उसको आप 20 मिनट तक आप अपने चेहरे पर लगा कर रखें. उसके बाद आप गुनगुने पानी से मुंह धो लें. केरल और अन्य समुद्रीय तटीय जो इलाका है, जहां पर नारियल की पैदावार बहुत ज्यादा होती है वहां के लोग रोज जिन्दगी में अच्छा खासा इसे उपयोग करते हैं. और ये लोग इस कच्चे नारियल का कई तरीके से इसका इस्तेमाल करते हैं. खाने की चीजों से लेकर बालों तक और स्किन केयर के लिए अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करते हैं.
नारियल के तेल और इसके दूध से कई तरह हेल्थ बेनेफिट्स (health benifits) आपको मिलते हैं. और यह प्राक्रतिक भी है. यह एक कमाल का anti aging food भी है, और इस food को हम कई विधि रूपों से इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन प्रदूषण जैसे अन्य प्रभावों की वजह से हमारे त्वचा की नमी और लचक खो जाती है जिसे वापस gain (पाना ) करने में पपीता(papaya) आपकी मदद करता है. इसके लिए पपीते के गुद्दे को आप अपने चेहरे पर लगाओ २० मिनट के लिए लगा रहने दे उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा अच्छे से धो ले हमारे लिए पपीता को एक अच्छा aging food हैं.
खीरा का प्रयोग से हम अधिकतम वाकिफ है कई तरह के स्किन के उपचारों में भी खीरा का सेवन किया जाता है . खीरे का आप अच्छे तरह से पीस ले और उसमे आधा कप दूध मिला ले अच्छे से मिला कर के पेस्ट तैयार करे पेस्ट को आप अपने चेहरे पर अच्छे से लगा दे और २० मिनट के बाद गरम पानी से चेहरा धो ले . बाज़ार में मुल्तानी मिटटी वाले भी कुछ फेस पैक (face pack) आते है, मुल्तानी मिटटी (multaanee mitti) वाले फेस पैक में केमिकल नही होते है आपको नुकसान भी नही करते इनका इस्तेमाल आप अच्छी तरह से कर सकते है .
इसके अलावा इसी तरह के पोषक तत्व आपको कई तरह के फूलो से और प्राकृतिक चीजों से प्राप्त होता है . जिसका इस्तेमाल हम अपने त्वचा के पोषण के लिए कर सकते हैं . जैसे की बादाम एंटी ओक्सिडेंट विटामिन और मिनरल (minerals ) से प्रचुरता वाले खाद्य पदार्थो का सेवन आपकी बढती उम्र के प्रभाव को रोक सकता है जो कुछ खाते पीते है उसका सीधा असर आपके त्वचा पर पड़ता है .

3- एवोकाडो (evokado)-
यह फूल है . इस फूल में हमें बहुत सारे पोषक तत्व मिलते है, यह मोनोसेच्युरेटेड (monosaturated) फैट्स भरा फूल है, जो की और जलन से लड़ते है ये हल्दी फैट्स गुड कोलोस्टॉल (cholesterol) भी बढ़ाते हैं . एवोकाडो में फाइबर पोटाशियम फोलेट ( fiver potassium folet ) और विटामिन ई बहुत ज्यादा होते है ,हो सकते हैं कि आप इसे कई बार इसलिए ना खायें की इसमें कैलोरी काफी होती है ज्यादा फैट होने के कारण आपको देर तक भूख नही लगती है . इसकी सबसे अच्छी बात यह है की आप इसे सैंडविच (sandwich) में लेकर सलाद तक में खा सकते है .

4- अखरोट
अगर आपको जवान त्वचा चमकते हुये बाल जवान तन चाहिए तो आप अपनी दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बेहद सजग है तो रोज आप ८ या १० अखरोट खाइए विभिन्न शोध सावित कर चुके है, की अलजाइ मर्स (alzaai mers ) रोकने में याददाश्त बढाने में अवसाद कम करने में यह अखरोट जो है वह बहुत ही लाभदायक है गुणकारी माना गया है . हमें दूध भी लेना बहुत जरुरी है, हमें दूध दो बार तो जरुर ही लेना चाहिए. हमारी बढती उम्र जो दिखती हैं अगर हमें अपने खान पीने का ध्यान देगे तो हमारी उम्र बढती हुई नही दिखेगी .

इस तरह आप इन सब चीजों का अगर भरपूर तरीके से इस्तेमाल करे तो समझ लीजिये आपकी उम्र घटने की वजह बढती ही जायेगी .

एड्स का इलाज़

एड्स के बारे में आप जानते ही होगे की ये एक बहुत गंभीर और जानलेवा बीमारी है . यह एक ऐसी बीमारी है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति कम कर के इस बीमारी का लक्षण देता है. यह रोग ऐसा है की इसमें व्यक्ति अपनी प्रतिकार शक्ति खो देता है . पीडित व्यक्ति के शरीर को प्रतिरोध के क्षमता कम होने के कारण अवसरवादी संक्रमण जैसे की सर्दी ,खासी,टी बी आदि रोग आसानी से हो जाते हैं, और इन रोगों का इलाज करना कठिन है. यह रोग विषाणु के संक्रमण से होता है. यह एक ऐसा विषाणु रोग है जो हमारी प्रतिकार शक्ति कम कर देता है .

संक्रमण होने के बाद इस रोग की स्थिति तक पहुचने और लक्षण दिखने मे ८ या १० साल या उससे या उससे भी आधिक समय लग सकता है. कई सालो तक तो व्यक्ति को पता ही नही लगता की उसे हुआ क्या है सबसे पहले कमजोरी होने के कारण उसके शरीर के रोगों से लड़ने की शक्ति कम होने लगती है जब तक आपको इस रोग की जानकारी होगी तब तक शायद बहूत देर हो जाए क्यूंकि जाँच करवाने के तीन साल के अन्दर ही रोगी अपना दम तोड़ने लगता है


एड्स के कारन –
यह रोग संक्रमण से होता है अगर आप के मुह में छाले या मसूड़ों से खून बह रहा हो तब भी ये संक्रमण फ़ैल सकता है. जिस व्यक्ति को एड्स है उस रोगी पर प्रयोग किये हुये इंजेक्शन को अगर आप दूसरे व्यक्ति को लगवाते है तो उससे भी यह रोग हो सकता है . क्योकि वह इंजेक्शन रोगी को लग चुका है ,इसलिए हमें रोगी के प्रयोग किया हुआ इंजेक्शन दूसरे व्यक्ति को नहीं लगाना चाहिए . एड्स के रोगी का खून कभी भी हमें दूसरे व्यक्ति के इस्तमाल के लिए नहीं प्रयोग करना चाहिए या फिर जिस माँ को यह रोग है तो बच्चे को माँ से दूर रखने की कोशिश करे क्योकि बच्चा माँ का दूध न पिए . उस माँ का दूध बच्चे को कभी नहीं पिलाओ और जिस माँ को यह रोग है तो जन्म लेने वाले शिशु को भी हो सकता है . मैं आपको एक उदहारण देते है जैसे आप दाढ़ी बनवा रहे है, या फिर अपने शरीर में टैटू लगवा रहे है, तो उसके लिए आप सुई का इस्तेमाल तो करेंगे ही , तो उसे अपने शरीर में छेद करवाएंगे इसी तरह उस सुई जो की आप प्रयोग में ला रहे है उस सुई से अगर आप किसी दुसरे इंसान के शरीर में छेद करेंगे तो उसे भी HIV हो सकता है .हालाँकि रोगी के हाथ मिलने पर ये रोग नही होता है |


रोगी को आप गले लगाओ या कस कर पकड़ लो इससे भी ये रोग नही होता है . रोग से ग्रस्त रोगी के साथ रहने से या फिर उसके साथ खाना खाने से भी नही होता है. छिकने या खासने से भी यह रोग नही होता . मच्छर के काटने से भी नही फैलता है ,आंसू या रोगी के थूक से भी कोई प्रभाव नही पड़ता है |
रोगी के लक्षण –

रोगी के शरीर का वजन बहुत ही कम होना और आपको बहुत समय तक खासी का आना और आपको बुखार की शिकायत बार बार होने लगे. लासिकाओ और आपके ग्रन्थियो में सूजन का आना , हफ्ते से ज्यादा समय तक दस्त होना, रात को पसीना आना, याददाश्त कमजोर होना , हमारे शरीर में बराबर दर्द लगा रहे, मानसिक रोग होना आदि यह बीमारी बहुत ही खतरनाक बीमारी है यह बीमारी से हम परेशान रहते है. हमें खाने पीने में परहेज करना पड़ता है .दवाई समय पर लेनी चाहिए .
एक आधुनिक चिकित्सा में भी HIV के रोगों के लिए अभी तक कोई इलाज नही है . एंटी रेक्टो एंटीरेटोवाइरल थैरेपी का हाल ही में एड्स के इलाज के बारे में ही इसका प्रयोग किया गया है. हालाँकि इसके बाते में साथ कई साइडइफ़ेक्ट मतलब कि प्रतिरोध के विकास जुड़े हुये है और यह जो प्रतिरोधक इलाज है. यह बहुत ही महगा इलाज है अधिकांशतः आयुर्वैदिक उपचार ही काफी किफायती उपचार है. इस आयुर्वैदिक उपचार के साथ साथ हमें पौष्टिक आहार और योगा-व्यायाम हमें नियमित रूप से इसे अपनाना चाहिए .
एड्स के प्रबंधक के लिए यह बहुत ही महतवपूर्ण बात है. HIV के रोगियों के उपचार के लिए आम तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी बूटियां में अवाला का और उसमे तुलसी को भी मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है. आयुर्वैदिक दवाइयां में रोगियों के एड्स के ही वायरस होते है. वह बहुत ही खतरनाक होते है उन खतरनाक वायरस को ख़त्म करने के लिए इम्यून डेवलपर या फिर हमारे शरीर के विकास करने के लिए यह किया जा सकता है. वायरस किलर के रूप में आयुर्वैदिक विभिन्न प्रकार का है. आयुर्वैदिक दवाइयां कुछ ऐसी हैं:- एरी यह जो सक्षमा शातिशाली वायरस किलर है. जो कि HIV वायरस को अच्छी तरह से मार सकती है. ये दवाइयां हमारी सेहत के लिए सयुंक्त हो सकता है. एलोपैथिक दवाओ के साथ वे कई दवाइयां मिलाई जा सकती है हालाँकि ये आयुर्वेदिक दवाये इम्युनिटी को बढाती है. CD में चार सेल के बाद साथ में ८ कोशिकl जो है उनसे लड़ने के लिए इन्हें जाना जाते है. जैसे की चवनप्रास, अश्व्गंधक रसायन , कनमण रसायन , शोनिधा कम बस्कारा आदि दवाएँ है. यह दवा हमारे शरीर के अन्दर की गन्दगी को साफ करने में मदद करती है. कोशिकाओ को भी साफ करती है. जैसे की शोनिधा बस्कारा ननार्थ आदि l कशिराबाला कुछ आयुर्वैदिक दवा ऐसी है. जो कि प्रतीक्षा को बढाती है और हमारी बाड़ी में कलिसर रूप में साफ करती है.
आयुर्वैदिक दवाएं जल्दी असर नही करती है. परन्तु आयुर्वैदिक दवा HIV के रोगियों के लिए उपयोगी है. पर यह दवा अच्छी तरह से रोगियों की पूरी इलाज नही करती . इनके लिए चाहिए anti ritroviral इन रोगियों के लिए एक ऐसी दवा की जाँच की गयी है. जो की चार दवा को मिला कर तैयार की गयी है. इसे दवा के इस्तेमाल करने के बाद यह कहा जा रहा है की ये दावा रोगियों के लिए बहुत महतवपूर्ण दवा है. इस दवा से रोगी सुरक्षित रहेगे.
हमारे शरीर में HIV जैसा भयंकर इन्फेक्शन होता है तो यह जीन बहुत ही ज्यादा सक्रिय होता है और तो छोडो आश्चर्य वाली यह बात है कि ये खुद ही इम्यून सिस्टम को बिलकुल ही बंद कर देता हैं . इसलिए कहा जाता है कि यह वायरस जो होता हैं इसे HIV और habtaitis ,बी सी और टी बी जैसे भयंकर बीमारी या इन्फेक्शन का इलाज हो सकता है . HIV और टी बी के जो वायरस होते है. वह वायरस इतना शरीर को तंग कर देता है कि शरीर को ज्यादा ही थका देते है फिर ठीक होने के बाद उनसे लड़ने के लिए हथियार डाल देता है|

HIV से सावधान रहे लापरवाही न करे. हमें दवा समय समय पर लेना चाहिये. अपना ध्यान रखे. इन्फेक्शन से बच के रहे . प्रतिरोधक क्षमता को हमें इतना बढ़ा देना चाहिये कि हमारे कामयाबी सिस्टम का जो वायरस होता है | उसे नाकाम कर देता है . हमें अपने खान पान और रहन सहन में सावधानी बरतनी चाहिए जिससे की इन्फेक्शन न फैले बीमारी से दूर रहे |

Muhaso ke ghareloo upay in hindi

chahere me muhaso ki samasya aam baat ho gai hai,har koi apne jeevan kaal me kabhee na kabhee is samsya se grasit rahta hi hai .
agar chahere me muhase ho to confidence me bhe kami aati hai, aur saamne wala vyakti aapko utna dhyan se nahee sunta.
Aam taur pe ye kishorawastha ( teenagers ) me dekhi jaati hai.
Aaj ham aapko is samsya ka samadhan bata rahe hai ki kaise aap ghareloo nuskho ko apna ke apne chahere ke muhaso ko door kar sakte hai .

1. Coconet oil me haldee milaae-
Samagree (ingreadients )-


1.coconet oil
2.haldi
Vidhi ( process )-
• Coconet oil aur haldee ko milake chehre par achi tarah se ghise aur phir garam pani aur sabun se dhoye. Dead skin cells nikal jayenge, skin hydrate hoga aur nariyal tel mein jo antibacterials hai wo muhase ko nahi hone dega. Muhase tab hote hai jab ki chhidro mein oil bhar jaata hai aur clog hone ke wajah se bacterial action shuru hota hair aur natija hai muhaase .

2. Sahad aur daalcheene-

Samagree ( ingreadients )
1. Sahad
2. Daalcheene

Vidhi-
Shahad mein dalchini powder dalkar paste banaye aur isko chehre par ghise achi tarah. 20 minute ke baad dho dale. Isse aapko kafi had tak muhaso se aram milega .yah prayog din me ek baar jaroor kare.

Muhase Ke Ghareloo Upay in Hindi

Aamtaur pe dekha jata hai ki kai log teenager ( kishorawastha ) me muhaso ki samsya ( problem ) se pareshan rahte hai aur kuch log har

umr me jindgi bhar is samsya se joojhte ( fight ) rahte hai.

Chahere me muhase hona aapke confidence ( aatmvishwas ) ko kam

kar deta hai jisse aap apne aap ko heen ( losser ) samjhne lagte hai.

Aaj ham aapko muhaso ke ghareloo upay hindi me bata rahe hai ,jinka

pryog karke aap muhaso se chutkara paa sakte hai aur nikhri ( glowing )

hui twacha ( skin ) paa sakte hai aur wo bhee ghar baithe .

1.coconut oil ( naariyal ka tel ) me haldee mila ke upyog kare-

Samagree ( ingreadients )

1.coconut oil

2. haldee

Vidhee ( process )-

Coconut oil me haldee ko mila ke chahere me ache tarah se ghise, aur

fir garam pane se dhole . isse dead skin cells ( mrit kosikaye ) nikal jaege

aur chahera hydrate hoga aur nariyal tel me jo antibacterial hai, wo

muhaso ko nahee hone dega

2. sahad ( honey ) aur daalcheenee powder ka use –

Saman ( ingreadients ) –

1 . sahad ( honey )

2. daalcheenee powder

Vidhee ( process )-

Sahad me daalcheene powder ko milake chahere me ache tarah se

ghase, aur fir halke gungune paanee me dhole isse keel muhase ruk

jaege.

3- kheere aur kachhe papeete ( papaya ) ka use –

Samagree ( ingreadients )

1. Ek kheera

2. Ek kachha papeeta ( papaya )

Vidhi ( process )-

Kheera aur kachha papeeta dono ka bareek paste bana le aur chahere

me aur thodi der lage rahne de iske baad ise dhole aur kisi saaf kapde

se muh ko ponche , isse keel muhaso me aaram milega.

4- gobhee ke patte ka prayog ( use of cabbage leaves ) –

Samagree ( ingreadients )-

Gobhee ka paata

Vidhi –

Gobhee ke patte ko peeskar muhaso me lagae, aur thodi der lage rahne

ke baad achee tarah se dhole , aisa rojana ( daily ) karne se aapko

muhaso se bahut hee jaldee chutkara mil jaega aur aapki skin saaf ho

jaaegi.

6- neem ke patte ka pryog –

Neem ek bahut hee gunkaaree ( qualityful ) aaushdhee hai, neem ko

khaane aur lagane dono me use kare.

Roj subah 7-8 neem ke patte le aur kha le isse khoon ( blood ) ki safai

hotee hai , aur chahere me nikhaar ( glow ) aata hai .

Neem ko chahere me bhee lagae. Neem ki pattiyo ( neem leaves ) ka

paste banae , paste banane ke lie aap pani ya fir gulab jal ( rose water )

ka upyog kar sakte hai, aur ise chahere me achee tarah lagae aur kuch

samay ke bad ise dho le jisse aapko muhaso me kaafi aaram milega , ye

prayog din me kam se kam ek baar jaroor kare .

7- tulsee ki pattiyo ka upyog ( use of tulsee leaves ) –

Samagree ( ingreadients ) –

1. Pane ( water )

2. Tulsi ki 15 – 20 pattiya

Vidhee-

Tulsee ki 15 – 20 pattiyo ko ko leke use ek cup panee me dale aur

use dheemee aach me garam karne ke liye rakh de jab kadha ban

jaye to use utar le aur thanda karne ke baad muhaso me lagae.

Aise din me ek baar kare , aisa karne se aapko muhaaso me bahut

hee jaldee aaram milega

8- neeboo ( lemon ) aur gulabjal ( rose water ) –

Samagree ( ingreadients )

1. Neebu

2. Gulab jal

Vidhee ( process ) –

Neeboo ka ras aur gulab jal barabar matra me le aur dono ki achee

se mila le aur chahere me laga le , aadhe ghante aise hee rakhe fir

chahere ko dho le isse aapko muhaso me kafi had taka aaram

milaega .

9- jayfal aur gaay ka doodh ( jaayfal and cow milk ) –

Samagree –

1. Jaayfal

2. Gay ka doodh

Vidhee –

Jaayfal aur gay ke doodh ko lep ( paste ) bana le aur ise ubtan kee

tarah chahere me ghise aur aadhe ghante tak aisa karte rahe fir saaf

panee me is dho le isse apko rahat milegee .

10- garam paanee ki bhaap le ( use water steam )

Ek katore ( bowl ) me garam panee ko ubalne ke liye rakhe, aur jab

ye bhaap dene lag jaae to apne chahere ko iske saamne le aae isee

chahere ki jo chhidr ( smaal wholes on faces ) hai wo khul jaege aur

unhe saas lene me madat milegi aur chahere me nikhaar aaega .

Waise to bahut saare tareeke hai jinse aap apne chahere ko

muhaaso se door rakh sakte hai , lekin ham yaha aapko kuch aise

tareeke batae hai jo muhaso ko door karne ke hindi tareeko m sabse

best aur saral hai .

Kuch in baato ka bhee dhyan rakhe .

1. Khoo pane piye jisse chahere me nikhaar aata hai

2. Ache neend le – ache neend lena bhee kafi had tak muhaso ko

door karta hai

3,. Junk food khane se bache – market me mil rhe junk food me bahut

hee jyaadaa tel ( oil ) hota hai , jo aapki chahre ko teleey ( oily ) banata

hai aur muhase badhata hai jisse apke chahre me namee banee rhatee

hai isilie bahar ka khana khane se bache .