मोटापा घटाने के घरेलू उपाय

मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो स्त्री, पुरुष व बच्चे, किसी को भी हो सकती है। मोटापे के कारण व्यक्ति की सुन्दरता प्रभावित होती है।ऐसे बहुत से लोग हैं जो मोटापे की समस्या से त्रस्त है।मोटापे के कारण लोगों को चलने, साँस लेने और बैठने में परेशानी होती है।शरीर में दो तरह की वसा कोशिकाएं होती हैं, सफेद वसा (White Fat) और भूरी वसा (Brown Fat)।सफेद वसा कोशिकाएं शरीर में अतिरिक्त कैलोरी (Calorie) को जमा रखती हैं जबकिभूरी वसा होर्मोन (Hormone) और जींस (Genes) की क्रियाशीलता से गर्मी उत्पन्न करके वसा (Fat) को जलाकर उसे ऊर्जा (Energy) के रूप में परिवर्तित कर देती है।इसलिए मोटापा कम करने के लिए शरीर में भूरी वसा की मात्रा को बढ़ाना चाहिए।मोटापे को विभिन्न बीमारियों का जनक माना जाता है, जैसे, दिल की बीमारी, जोड़ों में दर्द, गठिया रोग, मधुमेह, रक्तचाप, दमा आदि।

मोटापे के कारण

  • मोटापे का कारण है फास्टफूड (Fast food), चॉकलेट (chocolate), आइसक्रीम (Ice cream) , कोल्डड्रिंक (Cold drink), मद्दपान (Alcohol), अधिक चर्बीयुक्त आहार आदि का सेवन करना।
  • व्यायाम न करना, परिश्रम न करना भी मोटापे का कारण है।शारीरिक क्रियाएं सही ढंग से न होने पर शरीर में चर्बी जमा हो जाती है, जो मोटापे का लक्षण है।
  • वंशानुगतकारणसेभी कुछ लोग मोटे होते हैं।
  • कुछ लोग तनाव से राहत पाने के लिए भूख न लगने पर भी खाना खाते रहते है, जिससे वजन बढ़ जाता है।
  • कभी-कभी स्टेरॉयड (Steroid), नींद की गोली (Sleeping Pills) जैसी दवाइयों के प्रभावस्वरूप भी मोटापे की समस्या उत्पन्न होती है।

मोटापा कम करने के घरेलू नुस्खें

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  1. तेज हरी मिर्च : तेज हरी मिर्च खाने से शरीर की मेटाबोलिक (Metabolic) क्रियाशीलता बढ़ती है और शरीर में जमी चर्बी घटती है।तेज मिर्च में कैप्सिनोइड्स पाया जाता है जो ब्राउन फैट (Brown Fat) या भूरी वसा उत्पन्न करने में सहायक होता है। भूरी वसा के उत्पन्न होने से मोटापा कम होता है।
  2. हल्दी : हल्दी के कई गुणों में से एक गुण यह भी है कि यह शरीर के वसा (Fat) को जलाने का काम करती है।हल्दी शरीर में वसा को पनपने नहीं देती, अतः मोटापा कम करने के लिए भोजन में इसका प्रयोग आवश्यक है।
  3. पुदीना : पुदीने के पत्तों से बनी चाय पीकर वजन घटाया जा सकता है। पुदीने से हाजमा सही रहता है और यह वसा (Fat) को कम करने में मदद करती है।इसका एक और गुण यह भी है कि यदि कुछ भी खाने से पहले पुदीने के पत्तों को सूंघा जाये तो इससे भूख कम हो जाती है और कम खाने से वजन भी कम होता है।
  4. खाने से पहले पानी : पानी वजन घटाने में सहायक होता है। पानी पीने से 1-2 घंटों के अन्दर 24%-30% कीमेटाबोलिज्म (Metabolism) में वृद्धि होती है, जिससे कैलोरीज़ (Calories) घटता है।खाना खाने से करीब आधा घंटा पहले पानी पीने से कैलोरीज की मात्रा कम होती है, खाना अच्छे से पचता है, व्यक्ति को भूख कम लगती है जिसके कारण वो कम खाता है और वजन भी घटता है।
  5. सेब : सेबभूरी वसा ( Brown Fat) के उत्पादन में सहायक होता है और शरीर से अतिरिक्त चर्बी को दूर रखता है।दिन में एक या दो सेब खाने से वजन घटता है।
  6. सुबह का नाश्ता कभी न छोड़े : मोटापा कम करने के लिए सुबह के नाश्ते को कभी न छोड़े, ऐसा करने से शरीर को काफी नुक्सान पहुँचता है और साथ ही वजन भी बढ़ता है।नाश्ता न करने पर आपका दिमाग प्राकृतिक रूप से ऐसे भोजन की तरफ आकर्षित होता है जो कैलोरी(Calorie) से भरा होता है, इससे न केवल स्वास्थ्य भी खराब होता है बल्कि वजन भी बढ़ता है।
  7. ग्रीन टी : ग्रीन टी के सेवन से वजन घटता है और मोटापा कम होता है।ग्रीन टी में थोड़ी-सी मात्रा में कैफीन (Caffeine) होती है जिससे मेटाबोलिज्म (Metabolism) में वृद्धि होती है।इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स (Anti-Oxidants) कैफीन के साथ काम करके शरीर की वसा (Fat) को जलाने मेंमदद करता है।इस बात का ध्यान रखें कि इसमें चीनी और कैलोरी युक्त अन्य उत्पाद न मिलायें।
  8. कॉफी :बिना चीनी, दूध या कैलोरी युक्त अन्य उत्पाद के कॉफी (Coffee) का सेवन फायदेमंद होता है। कॉफी में मौजूद कैफीन (Caffeine) से शरीर का मेटाबोलिज्म (Metabolism) काफी हद तक बढ़ जाता है और इससे शरीर की वसा (Fat) जल जाती है।
  9. अतिरिक्त मात्रा में चीनी का सेवन न करें : खानपान में अतिरिक्त चीनी का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।अतिरिक्त चीनी के सेवन से मोटापे के अलावा मधुमेह तथा ह्रदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।यदि आप वजन घटना चाहते हैं तो अतिरिक्त चीनी का सेवन बंद कर दे।
  • भरपूर मात्रा में फल और सब्जियों का सेवन : वजन घटाने के लिए पर्याप्त मात्रा में फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इनमें कैलोरी (Calorie) की मात्रा कम होती है और ये आमतौर पर फाइबर (Fiber) से भरपूर होती हैं, जो वजन घटाने में सहायक होते हैं।
  1. जामुन : जामुन एंटी ऑक्सीडेंट्स (Anti Oxidants) से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए तो अच्छा होता ही है साथ ही यह फैट कटर (Fat cutter) भी है अर्थात इसके सेवन से चर्बी काफी हद तक कम हो जाती है।जामुनशरीर की चर्बी की कोशिकाओं में मौजूद जींस (Genes) की कार्यशीलता को प्रभावित करता है जिससे वजन नहीं बढ़ता।
  • नींबू पानी : हर सुबह उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू का रस मिलाकर एक घोल तैयार करें और उसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर उसका सेवन करें।नींबू के औषधीय गुण के कारण वजन कम होगा और मोटापे की समस्या भी नहीं रहेगी।
  1. दिनचर्या : यदि आप मोटापे की समस्या से त्रस्त हैं तो आपके लिए यह जरुरी है कि आप अपनी दिनचर्या में बदलाव लायें।हर सुबह जल्दी उठकर लगभग पैंतालीस मिनट तकबाहर टहलने के लिए जायें या फिर आधा घंटा दौड़े, ऐसा करने से आपकी कैलोरी घटेगी और आपका मोटापा भी कम होगा। घर लौटने पर एक से दो गिलास पानी पिये फिर आधे घंटे बाद नाश्ता करें।ध्यान रहें नाश्ते में अधिक कैलोरी वाले खाद्य का सेवन न करें, और नाश्ते में केला छोड़कर अन्य फल जरुर खायें। ज्यादा पेट भरकर नाश्ता न करें. आप अपना खाद्य एक-दो घंटें के अन्तराल में लेते रहियें। दोपहर के भोजन के साथ सलाद जरुर लें।सलाद भोजन को पचाने में मदद करता है और वजन भी कम करता है।शाम को बहुत अधिक कुछ न खायें।रात का खाना जल्दी खायें, कोशिश करें कि लगभग रात के नौ बजे के भीतर आप अपना रात का खाना खा लें, और खाने के लगभग तीन घंटे के बाद आप सोने जाएँ, ऐसा करने से आपका खाना अच्छे से पचेगा।
  2. व्यायाम करें :व्यायाम करने से पसीना होता है जिससे शरीर का फैट कम होता है और मोटापा की समस्या से निजात पाया जा सकता है।आप जिम या व्यायाम केंद्र जाकर भी व्यायाम कर सकते है, अथवा घर पर भी व्यायाम कर सकते हैं।सेतुबंध, भेकासन, धनुरासन, उत्तानपदासन, सूर्य नमस्कार जैसी योग क्रियाएं करके आप अपना मोटापा कम कर सकते हैं।
  • मशरूम : मशरूम मोटापा कम करने का एक प्रभावी उपाय है। मशरूम में अधिक मात्रा में पानी और प्रोटीन होता है जो वजन को कम करता है।आप मशरूम की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं या मशरूम का रस निकालकर भी उसका सेवन कर सकते हैं।
  1. पत्तागोभी : पत्तागोभी वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है।आप पत्तागोभी का सूप बनाकर भी उसका सेवन कर सकते हैं या पत्तागोभी की सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं अथवा इसे सलाद में भी शामिल कर सकते है।
  2. पपीता :पपीता अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। नियमित रूप से पपीता खाने से वजन कम होता है।पर इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि गर्भवती महिलाएं पपीता बिल्कुल न खाएँ, इससे गर्भ को नुक्सान पहुँच सकता है।
  3. छाछ : मोटापा कम करने के लिए छाछ पीना बहुत ही लाभदायक होता है।आप छाछ का सेवन आँवले और हल्दी के चूर्ण के साथ भी कर सकते है अथवा ऐसे भी बिना चीनी के छाछ का सेवन कर सकते है।इससे मोटापा कम होता है।
Saturated Fat
Saturated Fat

मोटापा कम करना एक प्रतिस्पर्धात्मक कार्य है।अत्यधिक मोटापे के कारण व्यक्ति को बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप अपना वजन और मोटापा कम कर सकते हैं।मोटापा कम करने के लिए सही और उपयुक्त आहार (Diet) की जरुरत है, इसलिए आप किसी अच्छे आहार विशेषज्ञ (Dietician)की सलाह लेकर एक डायट चार्ट (Diet Chart) बना लें और उसी के अनुसार अपना खाद्य ग्रहण करें, ऐसा करने से आपका वजन और मोटापा कम हो जायेगा। कुछ बिन्दुओं पर ध्यान देने से न ही वजन बढ़ेगा और न ही मोटापे की समस्या होगी, जैसे :

  • स्नैक्स, फास्टफूड, शराब, चीनी, घी, मक्खन, कोल्डड्रिंक, आलू जैसे अत्यधिक कैलोरी वाले खानपान से परहेज करें।
  • अपना खाना चबाकर खाए और खाने के लगभग आधे घंटे बाद पानी पिये, इससे पाचन तंत्र सही रहता है और वजन भी नियंत्रण में रहता है।
  • अधिक मात्रा में ठंडा पानी पीने और ठंडाआहार ग्रहण करने से भी वजन बढ़ता है।अतः ठन्डे खानपान से परहेज करें।
  • दिन में कम से कम आठ घंटे तक सोयें। नींद पूरी न होने पर भूख भी ज्यादा लगती है और व्यक्ति अस्वस्थ भी हो जाता है।
  • तनाव और चिंता से दूर रहें। ऐसा देखा गया है कि अत्यधिक चिंता के कारण व्यक्ति अधिक खाता है जिससे उसका वजन बढ़ जाता है।
  • कोशिश करें आईने के सामने बैठकर खाने की, ऐसा करना से आप खुद को देख पायेंगे और आपका खाना भी कम हो जायेगा।
  • प्रोटीन से भरपूर भोजन करने से आपके शरीर में मेटाबोलिज्म की मात्रा बढ़ेगी।प्रोटीन युक्त खाद्य खाने से आपका पेट भी भरेगा और आपको संतुष्टि भी मिलेगी साथ ही आप हर रोज 441 कैलोरी कम लेंगे।
  • मलाई रहित दही का सेवन करें जिससे आपके शरीर में कैल्शियम की बढ़ोत्तरी भी होगी साथ ही आपका वजन भी कम होगा।

पेट दर्द का घरेलू उपचार

आजकल पेट में दर्द होना एक आम बात हो गयी है। पेट के दर्द में अचानक पेट के किसी भाग में दर्द होने लगता है।कभी-कभी यह दर्द इतना तेज हो जाता है कि वह असहनीय हो जाता है।चाहे बच्चे हो, बूढ़े हो या जवान हो, पेट का दर्द किसी भी उम्र में हो सकता है।सामान्य तरह का पेट दर्द होने पर वह ज्यादा समय तक नहीं रहता, बहुत हुआ तो कुछ घंटों से लेकर एक दिन तक पेट में दर्द हो सकता है और इस तरह का पेट दर्द होने पर उसे आसानी से कुछ घरेलू उपचार द्वारा ठीक किया जा सकता है, परन्तु कई दफा पेट का दर्द कुछ गंभीर कारणों से होता हैं जो काफी दिनों तक रहता है।यदि लम्बे समय तक इस प्रकार का दर्द हो तो डॉक्टर के पास जाकर उनकी सलाह लेनी चाहिए और इलाज करवाना चाहिए।साधारण पेट दर्द के कई कारण हो सकते हैं :

  • अत्यधिक खाना खाने से पेट में दर्द हो सकता है।
  • खाना ठीक से न पचने के कारण पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
  • पेट में गैस (Gas) बनने पर पेट में दर्द हो सकता है।
  • अधिक मात्रा में बाहर का खाना खाने या दूषित खाना खाने से पेट दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।
  • दूषित पानी पीने से भी पेट दर्द हो सकता है।
  • अम्लता (Acidity) भी पेट दर्द का कारण हो सकता है।
  • कब्ज की शिकयत होने पर पेट में दर्द उत्पन्न हो सकता है।
  • दस्त के कारण भी पेट में दर्द हो सकता है।

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कभी-कभी कुछ गंभीर कारणों से भी पेट में दर्द होता है, जिसे अनदेखा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।यदि पेट का दर्द दो दिनों से अधिक समय तक रहे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और उचित चिकित्सा करवानी चाहिए।इस तरह के दर्द कई कारणों से उत्पन्न हो सकते हैं :

  • पेट में अल्सर (Ulcer)होने से पेट में दर्द हो सकता है।
  • पित्ताशय (Gall bladder) में पथरी (Stone) होने से पेट दर्द हो सकता है।
  • मूत्राशय (Kidney) में पथरी (Stone) होने पर भी पेट में दर्द हो सकता है।
  • किसी संक्रमण (Infection) के कारण भी पेट दर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • पेट की अंतड़ियों (Intestine) से संबंधित रोग होने पर पेट दर्द की शिकायत हो सकती है।

आम तौर पर होने वाले पेट दर्द के लिए कुछ घरेलू उपाय :

  1. अदरक, काली मिर्च और हिंग : पेट दर्द में अदरक, काली मिर्च और हिंग को एक साथ मिलाकर, उसका सेवन करने से तुरंत राहत मिलती है।अदरक के एक छोटे से टुकड़े को पीस लें, इसके बाद एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच पीसी हुई अदरक, एक चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और एक चम्मच हिंग का चूर्ण मिलाकर और आधा चम्मच सेंधा नमक मिलाकर एक घोल तैयार करके उसका सेवन करें।दिन में दो बार इस घोल को पीने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
  2. पान का पत्ता : पेट दर्द से राहत पाने के लिए एक पान के पत्ते को हाथों से मसल लें।फिर उसमें थोड़ी-सी मात्रा में सेंधा नमक मिलाकर उसे खाएं। दिन में दो बार इस तरह से पान का पत्ता खाने से पेट के दर्द में फर्क पड़ता है।
  3. छाँछ : गैस (Gas) के कारण होने वाले पेट दर्द के लिए खाली पेट छाँछ का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद है।एक गिलास छाँछ में थोड़ी-सी मात्रा में सेंधा नमक मिलाकर पीने से गैस से उत्पन्न पेट दर्द में राहत मिलती है।
  4. हिंग : गैस (Gas) के कारण होने वाले पेट दर्द में हिंग क प्रयोग लाभदायक है।छोटे बच्चों के लिए यह बहुत ही प्रभावी उपाय है।थोड़ी-सी हिंग लेकर उसमें थोड़ा-सा पानी या माँ का दूध मिलाकर एक लेप तैयार कर लें।फिर उस लेप को बच्चे के नाभि के चारों ओर लगाकर पंद्रह से बीस मिनट तक छोड़ दें। उसके बाद एक कपड़े को ठन्डे पानी में भीगोकर नाभि के इर्द-गिर्द लगे हिंग के लेप को पोंछ दें।इससे पेट का दर्द खत्म हो जायेगा और इससे बच्चे को राहत मिलेगी।
  5. धनिया : धनिया के पत्तों का रस पीने से अम्लता (Acidity) से होने वाली जलन और पेट दर्द कम हो जाता है।एक कप गुनगुने पानी में दो चम्मच धनिया के पत्तों का रस मिलाकर पीयें, इससे अम्लता में फर्क पड़ेगा और पेट का दर्द भी कम हो जायेगा।
  6. सौंफ : पेट दर्द से राहत पाने के लिए सौंफ का प्रयोग बहुत ही लाभदायक है।अत्यधिक तेल, मसालेदार और वसा (Fat) वाले खाने से होने वाली अपच (Indigestion) को सौंफ से ठीक किया जा सकता है। अत्यधिक खा लेने बाद जब जी मिचलाता है, तब सौंफ खाने से बहुत फर्क पड़ता है।पेट दर्द से बचाव के लिए सौंफ के दानों को तवे पर हल्का गर्म करें और उसे पीसकर चूर्ण बना लें।एक कप पानी में एक से दो चम्मच सौंफ का चूर्ण मिलाकर दिन में दो बार उसे पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
  7. बेकिंग सोडा (Baking Soda) और नींबू : गैस (Gas) और अम्लता (Acidity)के कारण होने वाले पेट दर्द से राहत के लिए बेकिंग सोडा और नींबू सबसे आसान और असरदार उपाय है। आधे गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा और नींबू का रस मिलाकर पीने से पेट दर्द में तुरंत राहत मिलता है।
  8. गर्म सेंक : अपच के कारण होने वाले पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए पेट के ऊपर कपड़े को गर्म करके सेंक दें सकते है, जिससे पाचन क्रिया को गति मिलती है और भोजन ठीक से पचता है और पेट दर्द से राहत मिलती है। गर्म सेंक के लिए बोतल में गर्म पानी भरकर या हीटिंग पैड (Heating Pad) का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  9. अजवाइन : अजवाइन पेट को दुरुस्त रखने और खाने को पचाने के साथ पेट दर्द में भी राहत देती है।सौंठ और अजवाइन बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें।उस चूर्ण का एक चम्मच लेकर उसमें थोड़ी-सी काली मिर्च मिलाएं और उसे गुनगुने पानी में मिलाकर पीयें।इस पेय को दिन में दो बार पीने से पेट दर्द खत्म हो जाता है।पेट दर्द में आप अजवाइन में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर भी खा सकते है, इससे भी पेट के दर्द से तुरंत राहत मिलती है।इसके अतिरिक्त कब्ज की शिकायत होने पर गुनगुने पानी में अजवाइन का चूर्ण मिलाकर पीने से भी राहत मिलती है।
  • मेथी : मेथी पेट दर्द की समस्या को दूर करती है और पेट को भी ठंडा रखती है।मेथी के बीजों को पानी में कुछ देर तक भीगोकर रखें, फिर उन बीजों को पीस लें।एक कप दही में पीसी हुई मेथी और थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर उसका दिन में दो बार सेवन करने से पेट का दर्द ठीक हो जाता है।दस्त से होने वाले पेट दर्द में यह बहुत ही फायदेमंद है।
  1. पुदीना : पुदीना हमारे स्वास्थ्य के लिए वरदान की तरह है।गैस (Gas) और अम्लता (Acidity)से उत्पन्न पेट दर्द में पुदीना बहुत लाभदायक है। पुदीने के कुछ पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें और एक कप गुनगुने पानी में मिलाकर उसे दिन में दो बार पीयें। इससे पेट के दर्द में फर्क पड़ता है।
  • नींबू : पेट दर्द में नींबू बहुत ही असरदार है।एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर उसमें थोड़ा-सा काला नमक, चुटकी भर भुने हुए जीरे का चूर्ण, चुटकी भर अजवाइन का चूर्ण दो चम्मच मिश्री का चूर्ण और एक चम्मच पुदीने का रस मिलाकर पीने से पेट दर्द की समस्या में राहत मिलती है।
  • चूरन :बाजार में पेट दर्द के लिए बहुत से चूरन मिलते हैं, पर बाजार से खरीदे हुए चूरन का खाने से बेहतर है कि आप अपने घर पर ही चूरन बना लें। घर पर चूरन बनाने के लिए धनिया, हिंग, काली मिर्च, सौंठ, जीरा और पुदीना को बराबर मात्रा में लें और बारीक पीसकर चूरन बना लें।अब एक गिलास गुनगुने पानी में इस चूरन को मिलायें साथ ही थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर उसे पीयें।इससे पेट के दर्द में तुरंत राहत मिलेगी।
  1. सेब का सिरका : पेट दर्द से राहत पाने के लिए सेब का सिरका भी एक बेहतरीन उपाय है।आधा गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार उसका सेवन करें।इससे पेट का दर्द कम हो जायेगा।

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उपर्युक्त घरेलू नुस्खों के द्वारा आप पेट के दर्द से निजात पा सकते हैं। सामान्य पेट दर्द में आप इन नुस्खों का प्रयोग कर सकते हैं, पर गंभीर मामलों में या इन उपायों द्वारा भी यदि दो दिनों तक पेट का दर्द ठीक न हो, तो तुरंत डॉक्टर से जाँच करवाएं।वैसे पेट दर्द होने पर आपको कुछ बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिए, साथ ही अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के खान-पान में कुछ बदलाव लाने से पेट दर्द की समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी, जैसे :

  • पेट दर्द के समय कोल्डड्रिंक का सेवन न करें।
  • ज्यादा मीठी या चीनी वाले पदार्थों का सेवन पेट दर्द के समय न करें।
  • कच्चे और कटे हुए फलों और सलाद का सेवन न करें।
  • यदि आप पेट दर्द की समस्या से जूझ रहें हैं तो अपने शरीर को अधिक से अधिक आराम दें, ज्यादा घूमने या परिश्रम करने की कोशिश न करें।
  • समयके अनुसार खाना खाईये, ज्यादातर समय देखा जाता है कि अनियमित तरीके से खाना खाने से पेट में दर्द उत्पन्न हो सकता है।
  • तेल, वसा, और मसालेदार खाना जितना हो सकें कम खायें।बाहर के खाने से परहेज करें।दूषित खाना पेट दर्द का कारण हो सकता है।
  • दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें जिससे आपका पाचन तंत्र ठीक रहें।
  • मद्यपान और धूम्रपान करना छोड़ दें, इससे भी आपका पाचन तंत्र बिगड़ सकता है, और पेट की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • अपने रोजाना के खाद्य में ताजे फलों को शामिल करें।
  • अत्यधिक मात्रा में कॉफी (Coffee) और कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

 

पीलिया के घरेलू उपाय

पीलिया लीवर से संबंधित बीमारी है । जब यकृत या जिगर में से निकलने वाली पित्त्वाहिनी के विशेष स्थान पर रुकावट पैदा होती है तो पित्त पित्ताशय में न जाकर खून में मिल जाता है, ऐसी स्थिति में पीलिया हो जाता है । जो लोग पित्त को बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करते हैं, उनके पेट में यकृत या जिगर की अग्नि बढ़ जाती है, फलस्वरूप शरीर में पित्त बढ़ जाता है जो इस रोग को जन्म देता है । यह रोग होने पर रोगी के शरीर के सभी अवयवों में पीलापन आ जाता है । पीलिया हेपाटाइटिस ए, हेपाटाइटिस बी या हेपाटाइटिस सी (Hepatitis A, Hepatitis B or Hepatitis C ) के वायरस (Virus) के कारण फैलता  है ।

पीलिया शरीर के अनेक भागों को अपना शिकार बनाता है और शरीर को हानि पहुंचाता है । इस रोग में रोगी की आँखें पीली पड़ जाती हैं, पेशाब का रंग पीला हो जाता है, नाख़ून भी पीले हो जाते हैं । इस रोग में पाचन तंत्र सही ढंग से कार्य करना बंद कर देता है । पीलिया होने पर रोगी को तेज बुखार रहता है, सिर में दर्द होता है, पेट में दर्द होता है, जी मचलता है, उल्टियाँ होती हैं, नींद पूरी नहीं होती, भोजन करने की इच्छा खत्म हो जाती है, खाया भोजन ठीक से नहीं पचता, थकावट महसूस होने लगती है, मुँह का स्वाद खराब हो जाता है तथा शरीर में जगह-जगह सूजन होने लगती है । पीलिया होने पर यदि उसका सही समय पर इलाज न हो तो इसका भयंकर परिणाम हो सकता है और रोगी की जान तक जा सकती है । पीलिया के कई कारण हो सकते हैं, जैसे :

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  • दूषित खान-पान और दूषित पानी के सेवन से हेपाटाइटिस ए (Hepatitis A) वायरस (Virus) का जन्म होता है जो लीवर को प्रभावित करता है और इससे पीलिया हो सकता है ।
  • यदि कोई व्यक्ति मलेरिया (Maleria) से ग्रसित है तो उसे भी पीलिया होने की पूरी संभावना बनी रहती है क्योंकि मलेरिया में रोगी की क्षमता कम हो जाती है और उसका लीवर भी कमजोर रहता है, जिसके कारण पीलिया हो सकता है ।
  • भोजन में पौष्टिक पदार्थों की कमी या कुपोषण के कारण पीलिया हो सकता है ।
  • जिस स्थान पर आप रहते है अगर वहां किसी प्रकार की गंदगी या कूड़ा-कचरा बिखरा रहता है तो उस स्थान पर अनेक तरह के रोग स्वतः उत्पन्न हो जाते हैं जो पीलिया का कारण बनते है ।
  • अक्सर वे लोग जो अधिक मात्रा में शराब का सेवन करते हैं, उन्हें पीलिया होने की संभावना होती है । शराब में पाये जाने वाले हानिकारक तत्व व्यक्ति के लीवर को प्रभावित करते हैं जिससे पीलिया रोग होने की आशंका होती है ।
  • एनीमिया (Anemia) के रोगी को भी पीलिया रोग होने की संभावना रहती है । एनीमिया होने पर शरीर में रक्त की कमी होती है जिससे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पोषक तत्व नहीं पहुँच पाता और पीलिया शरीर पर आसानी से आक्रमण कर देता है ।
  • कुछ लोगों को दिन में सोने की आदत होती है । इससे उनमें आलस तो बढ़ता ही है साथ ही पीलिया जैसी बीमारी उन्हें अपना शिकार बना लेती है ।

पीलिया के घरेलू उपचार

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  1. टमाटर का रस : टमाटर रक्त को साफ करने में सहायक है, साथ ही यह भूख बढ़ाने में भी मदद करता है । यह त्वचा और आँखों के पीलेपन को दूर करता है । पीलिया होने पर एक गिलास टमाटर के रस में एक चुटकी नमक और कालीमिर्च मिलाकर सुबह खाली पेट रोगी को पिलायें । इससे रोगी को राहत मिलेगी ।
  2. गन्ना : पीलिया होने पर शरीर में ग्लूकोस (Glucose) का स्तर कम हो जाता है । ऐसी स्थिति में गन्ने का रस ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित रखने और एसिड (Acid) के स्तर को कम करने में मदद करता है साथ ही यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है । एक गिलास गन्ने के रस में थोड़ा-सा नमक और आधे नींबू को निचोड़कर अच्छे से मिला लें । दिन में दो से तीन बार इसी रस को रोजाना दो हफ्तों तक रोगी को पिलाये । इसके सेवन से शरीर के ख़राब तत्व पेशाब के द्वारा बाहर निकल जायेंगे और जल्दी ही पीलिया की बीमारी ठीक हो जायेगी । आप अपने घर में ही गन्ने का रस बनाये, बाजार या ठेले वाले से गन्ने का रस बिल्कुल न लें ।
  3. तुलसी के पत्ते : तुलसी के पत्ते लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है । दस से बारह ताजे और साफ तुलसी के पत्तों को हाथों से मसल लें । अब 200 लीटर पानी में उन्हीं मसले हुए तुलसी के पत्तों को मिलाकर रोगी को पिलाये । इससे रोगी को आराम मिलेगा ।
  4. साबू या बार्ली (Barley) : पीलिया में साबू बहुत ही फायदेमंद है । यह शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालकर शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है । तीन लीटर पानी में एक कप साबू मिलाकर तब तक उबालें जब तक पानी गाढ़ा न हो जाये । उसके बाद उस पानी को ठंडा करके छान लें । अब उसमें थोड़ा-सा नींबू का रस और स्वादानुसार चीनी और नमक मिलाकर दिन में चार से पांच बार एक गिलास करके रोगी को तब तक पिलायें जब तक रोगी को इस बीमारी से निजात न मिल जाएँ । इसके अलावा आप एक चम्मच साबू का दानों को सूखा भून लें, फिर उन दानों को पीसकर चूर्ण बना लें । अब एक कप पानी में साबू के चूर्ण और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार रोगी को पिलाने से पीलिया की बीमारी से राहत मिलेगी ।
  5. छाछ : छाछ में वसा (Fat) नहीं होती इसलिए यह पाचन तंत्र के लिए बहुत ही उपयोगी है साथ ही यह शरीर को भीतर से ठंडा रखने में सहायक है । एक गिलास छाछ में थोड़ा-सा नमक, कालीमिर्च, जीरा पाउडर और हल्दी मिलाकर रोगी को पिलाने से रोगी को आराम मिलता है और पीलिया की बीमारी में फर्क पड़ता है ।
  6. पपीता के पत्ते : पपीता लीवर की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है ।  कुछ ताजे और साफ पपीते के पत्तों को पीसकर एक पेस्ट (Paste) बना लें । अब उसमें से आधे चम्मच पेस्ट में एक छोटी चम्मच शहद मिलाकर रोगी को दें । इससे पीलिया की बीमारी से राहत मिलेगी । आप कच्चे पपीते की सब्जी बनाकर भी रोगी को खिला सकते है । पपीते के सेवन से पाचन तंत्र भी सही रहता है ।
  7. हल्दी : पीलिया का वायरस (Virus) लीवर को अत्यधिक मात्रा में प्रभावित करता है । हल्दी में मौजूद आवश्यक तत्व खतरनाक टोक्सिन (Toxin) को दूर करके लीवर को खराब होने से बचाता है । एक गिलास गुनगुने पानी में डेढ़ चम्मच हल्दी का पाउडर मिलाकर दिन में दो से तीन बार रोगी को पिलाने से फायदा होता है । इसके अलावा एक कप गुनगुने पानी में एक छोटी चम्मच हल्दी का पाउडर और बराबर मात्रा में नींबू का रस, शहद और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर दिन में एक बार कुछ हफ्तों तक रोगी को पिलाने से भी इस बीमारी से राहत मिलती है ।
  8. नारियल का पानी : पीलिया होने पर रोजाना दिन में दो बार रोगी को नारियल का पानी पिलायें । इसके सेवन से पेशाब के माध्यम से शरीर के खराब तत्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है ।
  9. अदरक : अदरक लीवर को कई खराब तत्वों से बचाने में सहायक है । एक छोटे-से अदरक के टुकड़े को पीसकर रस निकाल लें । अब डेढ़ चम्मच अदरक के रस में एक छोटा चम्मच पुदीने का रस और उसी मात्रा में नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें । रोजाना दिन में तीन से चार बार इसी मिश्रण को दो हफ्तों रोगी को दें । इससे रोगी को आराम मिलेगा ।
  10. पालक : आयरन (Iron) से समृद्ध पालक पीलिया से निजात दिलाने में सहायक है । इसके सेवन से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है । कुछ ताजे पालक को पीसकर रस निकाल लें । फिर उसमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर रोगी को पिलायें । इससे रोगी को आराम मिलेगा ।
  11. अनार : अनार शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाने और संतुलित रखने में मदद करता है । रोगी को रोजाना एक साबुत अनार खिला सकते हैं या घर पर अनार का रस बनाकर भी पिला सकते हैं । पीलिया की बीमारी अनार बहुत ही लाभदायक है ।
  12. दही : दही शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है । रोजाना दिन में एक बार रोगी को एक कटोरी दही खिलाएं । इससे रोगी को आराम मिलेगा ।
  13. मूली के पत्ते : मूली के ताजे हरे पत्ते पीलिया में बहुत लाभदायक हैं । मूली के कुछ पत्तों को पीसकर उनका रस निकाल लें । अब उसे छानकर रोगी को पिलायें । इससे आंतें साफ होती है और भूख भी बढ़ती है ।
  14. आंवला : आंवला विटामिन सी (Vitamin C) से भरपूर होता है । पीलिया के रोगी को आँवले का सेवन कराना लाभदायक होता है । आँवले के सेवन से लीवर भी स्वस्थ रहता है ।
  15. बेल की पत्ती : बेल की कुछ ताजे और साफ पत्तों को पीसकर चूर्ण बना लें । एक गिलास पानी में एक चम्मच बेल पत्ती के चूर्ण को मिलाकर रोगी को रोजाना दिन में एक बार पिलायें । पीलिया के उपचार के लिए यह बेहद प्रभावी उपाय है ।

उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप पीलिया रोग से निजात पा सकते हैं । स्थिति खराब होने पर डॉक्टर की सलाह लें और उपयुक्त जाँच करवाएं । पीलिया होने पर निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें, जैसे :

  • मसालेदार, तेलयुक्त खाद्य का सेवन न करें ।
  • जितना हो सके आराम करें ।
  • अधिक मात्रा में पानी का सेवन करें । पानी उबालकर और ठंडा करके पीयें ।
  • मद्यपान और धूम्रपान से परहेज करें ।
  • दूषित और बासी खाद्य पदार्थों का सेवन न करें ।
  • अपने खाद्य में फलों और सब्जियों को शामिल करें ।
  • कैफ़ीन (Caffeine) युक्त पेय से परहेज करें ।
  • दाल का सेवन न करें ।
  • कुछ समय तक मांस-मच्छी का सेवन न करें ।
  • ऐसे खाद्य पदार्थो का सेवन करें जो आसानी से पचे ।
  • अपने आस-पास के जगहों को साफ-सुथरा रखें ।

Acne Ka Ilaz Hindi Me

Acne (muhase) ek aam pareshani hai. Isse bahut se log grasit hote rahte hai. Iske hone ka karan , hai agar aapke chehre par gandgi jama ho jati hai ya aapki skin bahut oily hoti hai.
Aaj ham aapko acne ( muhaso ) ka ilaz hindi me bata rahe hai .
Aap in tareeko ko apna ke bedag twacha ( skin ) paa sakte hai , aur aapka chahera khoobsoorat bana sakte hai

1 – kheere ka upyog –


Kheera bahut hee asarkarak hai , acen ke ilaz me .

Vidhee ( process ) –
Kheere ko pees kar use apne chahere me lagae aur ek ghante ( onne hours ) tak lage rahne de aur fir thande pane ( cold water ) se dho le .
Acen ke ilaz ka ye prayog karne se aapke acen bahut jaldi mit jaege aur aapki twacha ( skin ) bedag ho jaegi .
2 – Gulab jal aur neebu ka ras ( use rose water and lemon juice ) –


Ye bahut hi jada upyogi cheej , ise roj use karne se aapko bahut hi jada asar hoga .
Aaie acen ke hindi ilaz me ham aapko ye ek aur treatment bata rahe hai

Samagree ( ingreadients ) –
Gulab jal ( rose water )
Neebu ( lemon )

Vidhee ( process ) –
Ek chammach ( spoon ) neebu , aur do chammach gulab jal ko aapas me mila ke chahere me lagae aur lagbhag 25- 30 minut tak laga rahne de , aur fir sade pane ( simple water ) se poch le .
Aisa roj din me ek bar kare jisse aapka chahera khil jaega aur acen se mukti milegi .
Ye acen ka ilaz sabse acha hai .

3 – santare ke chilke aur besan ka upyog –


Santara khane me jitna jada upyogi hota hai utna hi jada useful uska chhilka hota hai .
Aaj ham aapko batate hai ki jis chhilke ko santare se nikaal ke aap fek dete the wo acen ke ilaz ke liye kitna acha hai .

Samagree ( ingreadients ) –
Santare ka chilka
Besan
Gulab jal ( rose water )
Vidhi ( process ) –
Santare ke chikle ko aur besan ko aapas me gulab jal ki sahayta ( help ) se milae aur uska lep ( paste ) bana le , aur chahere me lagae .
Din me aisa ek bar jaroor kare aur aisa karne se aapki twacha ( skinn ) nikhar ( glow ) jaegi aur aap khoobsoorat ho jaege .

4 – namak aur neebu ka use ( use of salt and lemon ) –
Ye ek aisa treatment hai jo acne ka desi ilaz me best hai , aur aasaan bhi hai .
Isko upyog karne se aapko bahut jaldi acne se chutkara ( free ) miilega .
Samagree ( ingreadients ) –
Namak aadha chammach ( half spoon salt )
Lemon juice 2 chammach ( 2 spoon lemon juice )

Vidhi ( process ) –
Aadha chammach ( spoon ) namak aur , 2 chammach lemon juice mila ke chahere ( face ) me lagaye aur ise 20 – 30 minut tak laga rahne de , fir ise halke hatho se dho le .
Aisa roj kare asar aapko khud hi dikh jaega

5 – gobhi ke patte ka use kare ( use of cabbage leaves ) –
Gobhi jaise khane me faydemand hoti hai usi tarah ye acne ke ilaz ke lie bhi bahut jada asarkarak hai .
Aaj ham apko acne ke desi ilaz me ek aur tareeka bata rahe hai jisse aap apne chahere ka acne hata sakte hai .

Samagree ( ingreadients ) –
Gobhi ke patte ( cabbage leaves ) –

Vidhee ( process ) –
Gobhi ke patto ko pees kar ise chahere me lagae aur lagbhag aadhe ghante ( half hour ) tak laga rahne de , aisa karne se aapke chahere ke acne door ho jaege , aur aapki skin saaf ( clean ) ho jaegi .
6 – neem ke patte ka pryog –
Neem ek bahut hee gunkaaree ( qualityful ) aaushdhee hai, neem ko khaane aur lagane dono me use kare.
Roj subah 7-8 neem ke patte le aur kha le isse khoon ( blood ) ki safai hotee hai , aur chahere me nikhaar ( glow ) aata hai .
Neem ko chahere me bhee lagae. Neem ki pattiyo ( neem leaves ) ka paste banae , paste banane ke lie aap pani ya fir gulab jal ( rose water ) ka upyog kar sakte hai, aur ise chahere me achee tarah lagae aur kuch samay ke bad ise dho le jisse aapko acne me kaafi aaram milega , ye prayog din me kam se kam ek baar jaroor kare .

7 – jayfal aur gaay ka doodh ( jaayfal and cow milk ) –
Samagree –
Jaayfal
Gay ka doodh

Vidhee ( process ) –
Jaayfal aur gay ( cow ) ke doodh ko lep ( paste ) bana le aur ise ubtan kee tarah chahere me ghise aur aadhe ghante tak aisa karte rahe fir saaf panee me is dho le isse apko rahat milegee .

8 – baking sode aur sahad ka use ( use of baking soda and honey ) –
Ye ek ecne ka ilaz ka bahut acha tareeka hai .
Aaie ham aapko batate hai ki isme kaun kaun see cheeje lagegi aur isko kaise use karna hai .

Samagree ( ingreadients ) –
Baking soda ( one spoon )
Sahad
Warm water

Vidhi ( process ) –
Thoda sa garam pani kare aur usme sahad ( honey ) milae aur ek chammach ( spoon ) baking soda mila de , fir ise chahere ( face ) me lagae aur lagbhag 10 minut tak laga rahne de aur fir halke halke dhoe .
Aisa rojana kare aapko acne se chutkara milega .

Hamne aapko yaha acne ka ilaz hindi me bataya hai .
Ab kuch aisee saawdhaniya ( precautions ) bata rahe hai hai jinhe aap jaroor apnaae
1 – khoob paanee piye – jada pane peene se aapke sharer ke gande tatwa bahar nikal jaege jisse chahere ( skin ) me chamak ( glow ) aaega .
2 – fast food khhane se bache – market mil rahe teliy ( oily ) food se bache aur jada mirchee aur tel na khhae .

    सफ़ेद बालो का इलाज़

हमारे सिर के बाल बिना समय के  ही सफ़ेद हो जाते हैं. यह हमारे लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है. सफ़ेद होने के कारण हम बालों में कलर करने लगें है. ये कलर  हमारे बालों को जड़ से कमजोर बना देते हैं. हमारे कई घरेलू  उपाए है, जो सफ़ेद होने से हमारे बालों को रोक सकते हैं.

कमाल आवलें का (Kamaal aawle ka)-

आंवला   बहुत ही गुणकारी है. हमें इसे नियमित रूप से प्रयोग करें तो हमारे सेहत के आलावा ये आंवला  हमारे बालों को सफ़ेद होने से रोकता है. हम जब मेंहदी  लगाते हैं तो आवले को भीगो दें, और उसी पानी से मेहंदी लगाएं. ये आवले का घोल हमारे बालों को कंडीशनिंग (conditioning) करते रहते हैं. या फिर आवले को बारीक़ काट लें, नारियल के तेल में गर्म कर लें और सिर पर लगाएं, इसे बाल सफ़ेद होने से रोकते हैं.

छोटी मिर्च का उपयोग –

काली मिर्च हमारे खाने के स्वाद को बढाती है और साथ में सफ़ेद बाल भी काले होते हैं. काली मिर्च के दाने को हम पानी में उबाल लें और उस पानी को बाल धोने के बाद सिर में डाले, हमेशा करते रहिए आसर जरूर दिखेगा.

काफी और काली चाय बालों को काला  बनाती हैं (Coffee or black tea)-

हम अपने बाल सफ़ेद देख कर परेशान होते है, तो ब्लैक टी(black tea ) और काफी का प्रयोग करें, जो बाल सफ़ेद हो गये हैं उनको हम काली टी और काफी के अर्क से धोयेंगे  तो जो हमारे बाल सफ़ेद हो चुके हैं, वे फिर से कालें हो जाएंगे. यह प्रयोग दो दिन में एक बार जरूर करें.

एलोवीरा में है गजब का जादू (Elovera ka kaamal)

हम अगर अपने बालों में एलोवीरा जेल लगाये तो इससे हमारे बालों का झड़ना और बाल सफ़ेद होना रुक जाएगा . एलोवीरा के पेस्ट में आप नीबू का रस मिला कर लगाएं. 

बालों को काला करने के लिए घरेलु उपाए (Balon ko kala krne ke upaye)-

घने और काले बाल हमारी चाहत हैं. हर महिला को यह अच्छा लगता है. हमें  अपने  पुराने तरीकों से अपने बाल काले और घने बनाने की कोशिश करनी चाहिए. समय से पहले जो हमारे सिर के बाल सफ़ेद हो जाते हैं. इसका कारण है हम जो बाजार में मिलने वाले रासायनिक रंग लगाते हैं. और अपने बालों में उसका नुकसान पहुंचाते हैं.  अगर हम इनकी जगह घरेलु उपचार करें तो बालों को  सुन्दर और रेशमी आकर्षण बनाकर  सफ़ेद होने से रोका जा सकता है. हमारे जो बालों की बड़ी समस्या ये है की वो जल्दी सफ़ेद हो जाते है , यह महिलाओं की बेसिक समस्या हो सकती है. या फिर ये कारण भी हो सकता है हमारी असंतुलित जीवन का.  हमारे हिमोग्लोबिन(hemoglowin) के कमी के कारण भी हमारे बाल समय से पहले ही सफ़ेद  होने लगते हैं.

असमय बाल की सफेदी अन्य कारक  आनुवंशिकता  शरीर में रासायनिक परिवर्तन-

आज कल हमारे वायु में प्रदूषण बहुत ज्यादा हो गया है, ये भी समस्या हमारे बालों में हो सकती है. भावनात्मक चिंता का होना भी बालों को नुकसान पहुंचता  है. तनाव आदि प्रमुख कारण हैं.

हर्बल  का प्रयोग (harbal ka pryog)

हमारे बालों के लिए हर्बल का सेवन करना बेहतर है, जब हम बाजार से डाई बालों को डाई करने के लिए कई तरह का सामान लेते  हैं ताकि  हमारे बाल सफ़ेद न दिखाई दें. यह रासायनिक शेम्पू (shampoo) और लोशन(lotion) हम अपने सफ़ेद बालों में इस्तेमाल करतें रहते हैं.  लम्बे समय तक यह शेम्पू और लोशन हमारे बालों को नुकसान  पहुंचाते हैं. अगर हम अपने बालों को  काले घने और लम्बे रखना चाहते हैं तो केमिकल यूक्त रंग या शेम्पू  से अपने बालों को  बचाइए

प्राक्रतिक उपचार आपके लिए एक बेहतर विकल्प है. इस विकल्प को आप अपने घर में ही मिलने वाली सामग्री द्वारा अपना सकती हैं. घने काले चमकदार बाल बना सकती हैं.

इसके लिए आप आधा लीटर पानी ले उसमें दो चम्मच आवंला पाउडर (aanwla powder ) मिलाकर आधा नीबू भी उसमें निचोड़ दीजिये और इस पानी से रोज आप अपने बालों को नियम बना कर धोएं.  आप यह नियम  न तोड़े कुछ दिन बाद ही आपके सफ़ेद बाले काले घने मुलायम चमकदार दिखने लगेंगे.

मुलेठी और आवंले का रस (Mulethi or awnle ka ras)-

एक गिलास मुलेठी ले उसमें एक लीटर आवंले के रस को  धीमी आंच  पर पकने दें, जब तक सारा पानी न उड़ जाए. उसके बाद अच्छे से इस मिश्रण से रोजाना नहाते समय आप अपने बालों को अच्छे तरह धोएं. आपके बाल चमक उठेंगे.

 

आम की पत्तियां (Aam kii pattiyan)-

बालों के लिए आम की पत्तियां जो हैं ,उनको आप अच्छे से साफ़ करके पीस लें और पेस्ट बनाकर बालों पर लगाएं और 15 से 20 मिनट बाद आप पानी से धो लें. ऐसा करने से आपके बाल काले घने चमकदार हो गाएंगे .

आम की पत्तियां कुछ कच्चे आम भी ले लीजिए इनकों भी आप तेल में पीस कर धूप  में सुखाएं और इस पेस्ट को लगालें फिर बालों कि धो दें. इसको करने से बाल काले और सुन्दर होते हैं.

महेंदी (Mehndi)-

बालों को सफ़ेद होने से रोका जा सकता है. ताजी महेंदी का पेस्ट बनाये पत्ते वाली मेहंदी उसमे 3 चम्मच करोंदे का पाउडर एक चम्मच काफी थोड़ी से पानी  में मिलाकर इस पेस्ट को आप बालों में लगा कर दो घंटे तक छोड़ दें और उसके बाद साधारण शेम्पू से धो लें. यह बालों में रंग लाता है.

नारियल या आवंला हो बादाम हो तेल में गर्म कर के बालों की जड़ों में लगाकर मालिश  करें, ऐसा करने से हमारे बाल काले हो सकते हैं.

 

करी पत्ती (Kari patti)-

घर में बनने वाले भोजन में आप करी पत्ती का सेवन करें. इससे हमारे बाल काले होते हैं.  यह करी पत्ती हमारे लिए लाभदायक है. भोजन का स्वाद बढाती हैं और हमारे बालों को सफ़ेद होने से रोकती है.

हम अपने खान पान का ध्यान रखें इससे भी बालों में फर्क पड़ता है.

 

 

 

 

 

Anti ageing foods-

इसका अर्थ ये होता है की कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जिनको खाने से आपकी उम्र कम दिखे और आपकी बढती उम्र का असर आपके चहेरे पे ना दिखे इन्हों खाद्य पदार्थो को हम एंटी एजिंग फूड्स लहते है .

Anti ageing Food की बात करें तो जाहिर है कोई भी इंसान अपनी सही उम्र नहीं बताना चाहता. हर इंसान की जितनी उम्र होती है उससे कहीं ज्यादा जवान दिखे यही चाहता है, क्योंकि ये भी हमारे लिए एक इम्प्रेशन फैक्टर (impression factor ) है, कि हम आपनी Health को लेकर कितने गंभीर है. अगर आप अपनी असली उम्र को छिपाने में कामयाब हो जाएं तो हमारे कुछ एसे foods एंड tips है जो आप करेंगे तो आप अपनी उम्र को मात दे सकते हैं. आप अपने look को maintain कर सकेंगे और हम पहले जैसे ही जवान नज़र आ सकते हैं.

ये कुछ ऐसे foods जो आपकी मदद कर सकते हैं :-

1- विटामिन सी:-
हमारे लिए एक बढ़िया एंटी ऑक्साइड (anti-oxide) है, ये हमारी त्वचा के लिए उत्तम है. नीबू में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. आप जब सुबह उठते हैं तो आप अपने चेहरे पर नीबू का रस लगाएं और 15 से 20 मिनट के लिए नीबू का रस चेहरे पर लगा कर रखें . उसके बाद सादे पानी से धो लें. इसको लगाने से आपके चेहरे में जो दाग धब्बे होते हैं वो धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और हमारा चेहरा साफ सुथरा सुन्दर दिखने लगता है. नीबू के रस में क्रीम (cream) और अंडे को मिला लें और फिर अच्छी तरह से पेस्ट बनाकर आप उसे चेहरे पर लगा सकते हैं. 15 मिनट के बाद हम उसे सादे पानी से धो लें . शहद के साथ नीबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है. और नीबू का रस शहद दोनों को मिलाकर हमें अपने चेहरे पर लगाये तो आप का चेहरा काफी साफ़ रहता है. आपको नीबू से बहुत लाभ मिलता है. और यह आपका मोटापा कम करता है.

2- कच्चा नारियल (Kaccha nariyal)

कच्चा नारियल जो होता है, उसमें भी हमारे स्किन(skin ) के लिए बहुत सारे पोषण तत्व होते है. इस कच्चे नारियल में विटामिन c आपको अच्छी मात्रा में मिल जाता है. कच्चे नारियल का जो दूध होता है उसको आप 20 मिनट तक आप अपने चेहरे पर लगा कर रखें. उसके बाद आप गुनगुने पानी से मुंह धो लें. केरल और अन्य समुद्रीय तटीय जो इलाका है, जहां पर नारियल की पैदावार बहुत ज्यादा होती है वहां के लोग रोज जिन्दगी में अच्छा खासा इसे उपयोग करते हैं. और ये लोग इस कच्चे नारियल का कई तरीके से इसका इस्तेमाल करते हैं. खाने की चीजों से लेकर बालों तक और स्किन केयर के लिए अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करते हैं.
नारियल के तेल और इसके दूध से कई तरह हेल्थ बेनेफिट्स (health benifits) आपको मिलते हैं. और यह प्राक्रतिक भी है. यह एक कमाल का anti aging food भी है, और इस food को हम कई विधि रूपों से इस्तेमाल करते हैं.

लेकिन प्रदूषण जैसे अन्य प्रभावों की वजह से हमारे त्वचा की नमी और लचक खो जाती है जिसे वापस gain (पाना ) करने में पपीता(papaya) आपकी मदद करता है. इसके लिए पपीते के गुद्दे को आप अपने चेहरे पर लगाओ २० मिनट के लिए लगा रहने दे उसके बाद गुनगुने पानी से चेहरा अच्छे से धो ले हमारे लिए पपीता को एक अच्छा aging food हैं.
खीरा का प्रयोग से हम अधिकतम वाकिफ है कई तरह के स्किन के उपचारों में भी खीरा का सेवन किया जाता है . खीरे का आप अच्छे तरह से पीस ले और उसमे आधा कप दूध मिला ले अच्छे से मिला कर के पेस्ट तैयार करे पेस्ट को आप अपने चेहरे पर अच्छे से लगा दे और २० मिनट के बाद गरम पानी से चेहरा धो ले . बाज़ार में मुल्तानी मिटटी वाले भी कुछ फेस पैक (face pack) आते है, मुल्तानी मिटटी (multaanee mitti) वाले फेस पैक में केमिकल नही होते है आपको नुकसान भी नही करते इनका इस्तेमाल आप अच्छी तरह से कर सकते है .
इसके अलावा इसी तरह के पोषक तत्व आपको कई तरह के फूलो से और प्राकृतिक चीजों से प्राप्त होता है . जिसका इस्तेमाल हम अपने त्वचा के पोषण के लिए कर सकते हैं . जैसे की बादाम एंटी ओक्सिडेंट विटामिन और मिनरल (minerals ) से प्रचुरता वाले खाद्य पदार्थो का सेवन आपकी बढती उम्र के प्रभाव को रोक सकता है जो कुछ खाते पीते है उसका सीधा असर आपके त्वचा पर पड़ता है .

3- एवोकाडो (evokado)-
यह फूल है . इस फूल में हमें बहुत सारे पोषक तत्व मिलते है, यह मोनोसेच्युरेटेड (monosaturated) फैट्स भरा फूल है, जो की और जलन से लड़ते है ये हल्दी फैट्स गुड कोलोस्टॉल (cholesterol) भी बढ़ाते हैं . एवोकाडो में फाइबर पोटाशियम फोलेट ( fiver potassium folet ) और विटामिन ई बहुत ज्यादा होते है ,हो सकते हैं कि आप इसे कई बार इसलिए ना खायें की इसमें कैलोरी काफी होती है ज्यादा फैट होने के कारण आपको देर तक भूख नही लगती है . इसकी सबसे अच्छी बात यह है की आप इसे सैंडविच (sandwich) में लेकर सलाद तक में खा सकते है .

4- अखरोट
अगर आपको जवान त्वचा चमकते हुये बाल जवान तन चाहिए तो आप अपनी दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बेहद सजग है तो रोज आप ८ या १० अखरोट खाइए विभिन्न शोध सावित कर चुके है, की अलजाइ मर्स (alzaai mers ) रोकने में याददाश्त बढाने में अवसाद कम करने में यह अखरोट जो है वह बहुत ही लाभदायक है गुणकारी माना गया है . हमें दूध भी लेना बहुत जरुरी है, हमें दूध दो बार तो जरुर ही लेना चाहिए. हमारी बढती उम्र जो दिखती हैं अगर हमें अपने खान पीने का ध्यान देगे तो हमारी उम्र बढती हुई नही दिखेगी .

इस तरह आप इन सब चीजों का अगर भरपूर तरीके से इस्तेमाल करे तो समझ लीजिये आपकी उम्र घटने की वजह बढती ही जायेगी .

Muhaso ke ghareloo upay in hindi

chahere me muhaso ki samasya aam baat ho gai hai,har koi apne jeevan kaal me kabhee na kabhee is samsya se grasit rahta hi hai .
agar chahere me muhase ho to confidence me bhe kami aati hai, aur saamne wala vyakti aapko utna dhyan se nahee sunta.
Aam taur pe ye kishorawastha ( teenagers ) me dekhi jaati hai.
Aaj ham aapko is samsya ka samadhan bata rahe hai ki kaise aap ghareloo nuskho ko apna ke apne chahere ke muhaso ko door kar sakte hai .

1. Coconet oil me haldee milaae-
Samagree (ingreadients )-


1.coconet oil
2.haldi
Vidhi ( process )-
• Coconet oil aur haldee ko milake chehre par achi tarah se ghise aur phir garam pani aur sabun se dhoye. Dead skin cells nikal jayenge, skin hydrate hoga aur nariyal tel mein jo antibacterials hai wo muhase ko nahi hone dega. Muhase tab hote hai jab ki chhidro mein oil bhar jaata hai aur clog hone ke wajah se bacterial action shuru hota hair aur natija hai muhaase .

2. Sahad aur daalcheene-

Samagree ( ingreadients )
1. Sahad
2. Daalcheene

Vidhi-
Shahad mein dalchini powder dalkar paste banaye aur isko chehre par ghise achi tarah. 20 minute ke baad dho dale. Isse aapko kafi had tak muhaso se aram milega .yah prayog din me ek baar jaroor kare.

Cough and cold treatment in hindi

Sardiyo aur barish ke mausam me aapko khaasee ( cough )

jukham ( cold ) ki kai saare kathinaiyo ( problems ) ka samna

karna padta hai.

Yaa to thodi jyaada sardi badh jaae yaa fir baarish ( rainy seson

) ka mausam ho , har koi kabhi na kabhi is bimaree se grasit (

inject ) rahta hi hai.

Aise me suruaat me sardi khaansee ( cold and cough ) hone ke

baad agar use naa roka jaae to samay ke sath wo bhayankar

bimaaree ka roop le letee hai aur ham jyaadaa bimar ho jate

hai.

Lekin aaj ham aapko cough and cold ke kuch treatment hindi

me bata rahe hai jine apna ke aap sardi aur khaansi ko mita

sakte hai, means cough and cold treaments .

1. Doodh aur haldee ka upyog kare ( mixture of milk

and haldee ) –

samagree (ingreadients ) –

Doodh

Haldee

Vidhee (process ) –

Ek glass doodh ko garm karke usme ek chammach ( spoon )

haldee mila le aur , pee le .

Ye ilaaz cough and cold treatment ke lie raambaan saabit ho

sakta hai .

Ye bahut hee asardaar ilaaz hai .

2 . Sahad aur dalcheenee ka mishran ( combination of

honey and honey cinnamon ) –

Yah ilaaz bahut hi jada asarkarak (effective ) ilaaz hai, aaie

ham aapko batate hai ki kaise is ko banae aur upyog kare

Samagree (ingreadients ) –

– sahad (honey )

– daalcheene ( honey cinnamon )

– neeboo ( lemon )

Vidhee (process ) –

ham aapko bata rahe hai ki aap kaise in teeno kaa mishran

(juice ) bana ke upyog kar sakte hai ,

sabse pahle ek chhotee kadhai le , aur usme sahad dale

lagbhag aadhee kadhai bhar le , aur use garm bhee karte

rahe aur patla kar de , aap double boiler kee help se sahad ko

patla kar sakte hai , iske baad usme thoda saa neeboo aur ek

chutkee daalcheene milaye , ab ise utar le aur iska sewan

kare aur ghar walo ko bhee pilaye ye bahut hee jada upyogee

cheej hai

3 . Sahad aur brandy ka mishran (mixture of honey

and brandy )–

Samagree ( ingreadients ) –

Sahad ( honey )

Brandy

Vidhee ( process ) –

Brandy garm hoti hai jiske sevan se aapke chhatee ( cheast ) ka

taap ( tempreture ) badhta hai aur sardee ( cold ) nahee hotee

aur sahad me cough ko door ke gun hote hai, aur jab dono ek

saath mil jate hai to kamaal ki aaushdhi ban jatee hai .

Dono ko samany roop me halka sa milae aur dono kaa mishran

bana le , aur sevan kare isse aap cough and cold se bach sakte

hai .

4- Aamle ka upyog kare ( aamla can be extermly

beneficial ) –

Aamla aapko kai saare bimariyo se grasit hone se bachata

hai . ye ek bahut hi ache cheej hai .

Aamle me vitamin C ki maatra payee jatee hai , aur yah

aapke lever ke lie bhee bahut useful hai aur isme pratirodhak

( anti ) gun ( quality ) paya jata hai jisse ye sardee aur

khaansee se bhee bachata hai iska sewan niyamit roop se

karnma chahie .

5- Sardee khaansee ke lie sahad ( honey ) , garam pani

( warm water ) , aur neeboo ( lemon ) ka mishran (

mixture ) –

Samagree –

Sahad

Neeboo

Water

Vidhee ( process )

Pani ko garam kare aur usme sahad , neeboo mila de fir iska

sevan kare . dhyaan rakhe jab aap sahad aur neebo pani ko

aapas me milaye to , pane garam hona chahie .

6- Sardee khaasee ke liye patsan beej ( patsan seeds for

cough and cold treatment ) –

Ye bahut hi ache dawai hai aaie apko batate hai ki kaise aap

is mishran ko bana ke iska use kar sakte hai .

Smagree ( ingreadients ) –

Sahad ( honey)

Neeboo ( lemon )

Patsan ka beej ( seeds pf patsan )

Vidhhe –

Sabse pahle aap patsan ke beejo ko uubaal ( boli ) le aur ab

ye ishran gaadha ho jaye to ise chaan le aur fir isme neeboo

aur halka saa sahad milae aur iska sewan kare .

Isse aapko bahut hee jaldee sardee aur khaase se rahat mil

jaegee .

7 . tulsee adrak aur kaalee mirch ki chaay ( milk of

ginger , black pepper and tulsee ) –

Sardee jukhaam ko bhagane ke lie aap masaledaar chaay

bhee pee sakte hai .

Jab aap chaay banate hai to usme tulsee , adrak aur kali

mirch bhee dale aur chay ko piye isse apke shareer ko

garmee milegi aur kafi rahat mahsoos hogi .

8- Lahsun ( garlic ) ka use –

Lahsun bahut hee jada garam hoti hai to ye sardee aur

khaansee me bahut asrkark sabit hoti hai

Vidhee –

Lahsun ko cheel ke senk le, ghee ke saath au rise khaae . yah

jaroor bahut hee jyaada kadwa hoga lekin ye bahut

faaydemand bhee hai

9 – gud ka upyog kare ( use jaggery ) –

Gud bahut hee jada upyogi ( useful ) hai sardee aur khansee

ke lie

Samagaree ( ingreadients ) –

Gud ( jaggery )

Kali mirch

Jeera

Vidhee ( process ) –

Panee ko ubaal ( boil ) ke usme teeno cheeje saman ( same

quantity ) matra me dale aur iska mishran bana le aur fir pie

. nishchit roop ( surely ) se aapko ye bahut hee jada faydaa

dega aur aap jaldee se theek ho jaege .

Waise to khansee aur jukham ke bahut saare treatments hai

lekin hamne aapko yaha kuch aise treatments batae hai jinki

madat se aap ghar baithe swasth ho sakte hai .

Sardee jukham se bachne ke lie kuch in baato ka dhyaan

rakhe –

1- Bearish me bheegne se bache

2- Adhik thanda pane na pie

3 – sardee me bach ke rahe

बच्चों में कब्ज के लिए घरेलू उपाय “bacchon mai kabz ke liye gharelo upaye.”

 

बच्चों में कब्ज के लिए घरेलू उपाय  “bacchon mai kabz ke liye gharelo upaye”

माता-पिता को यह भी अच्छा नहीं लगेगा कि उनके बच्चे को कोई दिक्कत हो चिड़चिड़ापन हो रहा है. एक विशेष कारण इसका कब्ज हो सकता है. फिर भी माता-पिता को यह जानना आवश्यक है. कि यह कोई असामान्य शारीरिक रचना की समस्या नहीं है. बल्कि पोषण एवं व्यवहार की है.

परिणामस्वरुप दवाइयां खाने के बजाए माता-पिता अपने बच्चों को विभिन्न घरेलू उपचार से इस समस्या से निजात दिला सकते हैं.

आप कैसे पता चलेगा कि एक बच्चा कब से पीड़ित हैं. “aap kaise pta chalega ki ak baccha kab se pidit hai”

बच्चों के शौच की आवृत्ति भिन्न होती है. एक नवजात 1 दिन में एक बार से ज्यादा मल त्याग करता है. दूसरी और स्कूल जाने से पूर्व के बच्चों ने अपनी मल त्यागने की आदत का विकास किया है और वह व्यस्कों की तरह हर दूसरे दिन मल त्यागते हैं.

 लेकिन कौन से लक्षण दिखते हैं जब बच्चों को कब्ज़ होती है. “lakin kon se lakshan dikhte hai jab baccho ko kabz hoti hai”

  • उदर क्षेत्र में दर्द
  • मल त्यागते हुए समय दर्द
  • मल में रक्त
  • अपूर्ण मल के लक्षण
  • मल की कठोरता

बच्चो मे कब्ज कैसे होता है  “baccho mai kabz kaise hota hai”

बच्चो में कब्ज का कारण या तो जैविक या फिर अपोषित भोजन से हो जाता है. सामान्य जैविक कारणों में से है

  • उपापची असंतुलन
  • मधुमेह थायराइड असंतुलन
  • दवा सेवन
  • मलाशय विकृति

ऊपर बताए गए घटकों के कारण इसके अलावा कुछ कारण किसी जीवन शैली से भी उत्पन्न होते हैं कम रेशे वाले भोजन खाने से जैसे की जंक भोजन, परिष्कृत भोजन खाने से  बच्चे में एक विशेष मात्रा में रेशे  सब्जी और फल से मिलते हैं. निम्न सूची में से भोजन है. जिससे बच्चों में कब्ज होती है.

  • लाल मास
  • डेयरी उत्पाद जैसे पनीर
  • केले
  • तला हुआ भोजन
  • परिष्कृत भोजन आलू चिप्स
  • परिष्कृत भोजन

बच्चो में कब्ज़ दूसरी वजह ज्योति व्यवहारिक है वह यह है कि बच्चे अपना खेल बाधित ना हो इसलिए बाथरुम नहीं जाते और बच्चों की दैनिक दिनचर्या में बदलाव भी एक कारण हो सकता है.

 बच्चों में कब्ज को दूर करने के लिए घरेलू उपाय “baccho mai kabz door karne ke liye ghrelu upaye”

 

अधिकतर कहा जाता है कि बच्चे छोटे व्यस्क है इसलिए उन्हें भी वयस्कों के रूप में ही व्यवहार करना चाहिए. बच्चों को कब्ज़ समान है इसलिए माता-पिता को दवाइयों की सहायता नहीं लेनी चाहिए इसकी बजाय कई तुरंत घरेलू उपाय हैं जिनसे कब्ज में आराम दिलाया जा सकता है

गवार

गवार में सीतलक गुण होते हैं इसे घाव पर भी लगाया जा सकता है लेकिन यह बच्चों के मल त्यागने की क्रिया पर भी असर डाल सकता है

घटक “ingredient”

1 कप गवार पाठा का रस

निर्देश “instruction”

ग्वारपाठा के रस को अपनी पसंद के रस के साथ मिलाएं और सुबह पिए

 

नींबू “lemon”

निम्बू के रस में प्रचुर मात्रा में साइट्रिक एसिड होता है यह न केवल पाचन क्रिया को ठीक करता है जबकि अमाशय में आश्रित पदार्थ को भी हरता है बच्चों को यह पानी यह भोजन में देना अच्छा तरीका है.

घटक “ingredient”

एक कप गर्म पानी

1 शहद सुगंध के लिए इलायची

 निर्देश “instruction”

1 कप  गरम पानी में नींबू का नींबू का रस डालने उसे मीठा करने के लिए चम्मच शहद मिलाएं

 

जैतून का तेल “ Zaitoon oil”

वसा का सबसे अच्छा स्रोत के नाम से जाने जाने वाला जैतून के तेल का स्वस्थ भोजन में योगदान नकारा नहीं जा सकता. इसलिए यह बच्चों की कब्ज से लड़ सकता है जैतून का तेल खाने में तेल या मक्खन की जगह ले सकते हैं. यही सही रुप में या मलाशय की गति को ठीक करता है. और सुलभ मल त्यागने में सहायता करता है.

 

वसा युक्त चीजे “carbohydrate free item”

वसायुक्त खाना बच्चों के नियमित शौच के लिए अत्यंत जरुरी है

इस प्रकार के भोजन में मात्रा माता-पिता सेब, गाजर, मिला सकते हैं

घटक “ingredient”

  • एक छीली हुई गाजर
  • एक छीली हुआ सेब
  • एक मुट्ठी नट्स
  • एक संतरे का रस
  • एक संतरा

½ कप दुध

निर्देश “instruction”

फूड प्रोसेसर में सारे घटकों को मिलाकर मुलायम होने तक चलाएं चाहे जो कुछ चीनी मिला सकते हैं.

 

किवी  क्रीम पुडिंग “kiwi cream pudding

अध्ययनों से यह साबित किया है कि कीवी शौच का नियमित करता है इसमें उच्च रेशे और विटामिन सी है जो इस फल को बच्चों की कब्ज के लिए सबसे आवश्यक घरेलू उपाय बनाता है फिर भी यह फल बच्चों को पसंद नहीं .

घटक “ingredient”

  • 3 चम्मच फली
  • कीवी एक छीली हुई
  • एक चम्मच कॉर्न फ्लोर
  • 1 चम्मच शक्कर

निर्देश “instruction”

सारी सामग्री को मिलाकर फूड प्रोससेर  में चलाएं आवश्यकता हो तो पानी और मिलाया मिश्रित रंग का फलों का सलाद

 

Chicken Pox ka Gharelu Ilaj (Chicken Pox Treatment)

Chicken pox ek aisi bimari hai, jo chote-chote baccho me adhik hoti hai, is bimari me vyakti ke body pr red colour ke daane nikal aate hai, jo bad me pile rang ke ho jate hai. Chiken pox ek aise vishanu dwara failta hai, jo chune se failta hai chiken pox ke marij ke sath baithne uska jutha khane ya uske sath smpark me rhne se failta hai.

Chicken pox ka ilaj (chicken pox treatment)

Chiken pox aisi bimari hai, jo un vykatio ko teji se apni chpet me leti hai, jinki nirodhak kshmta kamjor hoti hai, ye bimari tv, aur aids ke rogi ko asani se apni chapet me le sakti hai.

Waise gaon me is bimari ko choti mata ke rup me mana jata hai, aur marij ki puja ki jati hai, lekin ye bilkul bhi andhwiswas hai.

Chiken pox ko kuch log daviy prkop mante hai, jo galat hai.

Chiken pox huye vyakti ko jyada oily bhojan nahi dena chahiye.

Chiken pox ke dauran bukhar hone pr asprin ka sewan nahi karna chahiye.

Chiken pox ke marij ko tailiy (oily) khano se dur rakhne me hi unki bhlai hai.

Chiken pox ke marij ko agar soap (sabun) se na nahlaye to hi isme unki bhlai hai.

Chiken pox ke marij ke samne nahi aana chahiye, kyunki iske vishanu hawa me udate rhate hai, jo kisi bhi samay aapko apni chapet me le sakte hai.

Body me khujali hona, body par lal dane nikal aana is bimari ke pramukh lakshan hai, ghrelu upchar se iska ilaj sambhw hai.

Sardi khatm hone ke sath thand ki shuruat hoti hai, aise me agar body ka sahi se dhayn nahi rakha gaya to kai sari khtrnak bimariya hone ki sambhawna badh jati hai, jinme khasra, chiken pox, kala jwar, khujali aadi mukhy hai.

Halanki is samay me 1 se 10 saal ke baccho me chiken pox ke failne ki sambhawna badh jati hai,jab bacche ka sahi se khyal nahi rakha jata hai, ya khane pine me aniymitata barti jati hai, to ye bimari logo ko apne chapet me lena shuru kar deti hai.

Yhan ham aapko chiken pox ke gharelu nukhse ke bare me btane jar he hai.

Chiken Pox ke Gharelu Nukhse (Home Remedies for Chicken Pox):

1.Chiken pox me logo ke body me teji se khujali shuru ho jati hai, jisse bachne ke liye aap jaii ke aate ko paani me milakr snana (bath) Kar skte hai, jisse khujali thodi kam ho jayegi.

2 Litter pani me 2 cup jaii ka  aata dalkar paani ko boil kre, paani boil ho jaane pr mishran ko kisi cotton ke kapde me bandhkar paani se bahri baalti me dale aur fir us paani se bacche ko nahlaaye.

2.Aadha cup bhure sirke ko paani me dalkar ubalne se body me khujali se nijat paaya ja sakta hai.

3.Nimbu ka ras chusne se chiken pox me kafi rahat milti hai, sabji aur falo (fruits) k eras bhi chiken pox me kaafi kargar sabit hote hai.

Chicken pox ka ilaj (chicken pox treatment)

4.Nim ko sabse badi aausadhi mana gaya hai, iske pattiyo aur tahniyo se kai prkar ke bimaari sahi ki jati hai, isliye chiken pox ke marij ko nim ki ptti daalkr ubale gaye pani se nahlane me khujli se nijat milti hai.

5.Aadha chammch beking soda ko ek gilas gungune dudh me milakar body pr lep lgaye au rise sukhne de, isse chiken pox ke thik hone me madd milti hai.

6.Aadha cup apple ke sirke ko garm pani me dalkar nahane se chiken pox thik hone me help milti hai.

7.Vitamin-E yukat tel (oil) ko body par lganae se body aur chiken pox ko aaram milta hai.

Chicken pox ka ilaj (chicken pox treatment)

8.Gajar chiken pox me bahut hi labhkari hota hai, isliye gajar ko ubal kar khilane ya uska juice pilane se marij ko raaht milti hai, aur chiken pox ke thik hone me madd milti hai. Isse body me hui kamjori ko bhi kam karne me help milti hai.

9.Gajar aur dhaniya ka sup bnakar pine se chiken pox me rahat milti hai.

10.Hari matar (pea) ko pani me ubaliye aur isko chiken pox wale marij ke body par lgaiye, isse chiken pox ke lal chakte sahi karne me help milti hai.

11.Body pr huye lal chakto pr shahd lgaaye, shahd lal chakto ko sahi krne me kaafi ahm bhumika nibhata hai, isse body ke chakte aasani se sahi ho jate hai. Ye chakte htaane ka sabse kargar ghrelu nukhsa hai.

12.Body me hone wali khujali ko km karne ke liye koi bhi body pr lgaye jane wala powder lgaye, isse rogi ko khujali kam hone me madd milti hai, dusri taraf agar khujali hoti hai, to chakto pr ppadi ko naakhun se na htaaye aisa karne pr ye teji se body kea nay hisso me failna shuru ho jata hai, aise me is pr dhyan dene ki kaafi jrurt hai.

13.Chiken pox hone ki sthtit me khan-paan pr mukhy rup se dhyan dene ki jarurt hai, marij ko jyada masaledar aur oily khana na khilaye isse ye teji se failne ki sambhwna hoti hai.

Chicken pox ka ilaj (chicken pox treatment)

14.Bath tub me paani bhare fir isme adrak dal kar 30 minute ke liye chod de, uske baad rogi ko is tab me baitha de jisse use khujali me aaram milega.

15.Chiken pox me vitamine E ka koi bhi tel use kare isse chiken pox me jald hi aaram milta hai.

Chiken pox ke marij ko kabhi bhi bukhar ya fir dard hone pr asprin ki tablet na de, isse uski halat aur bhi kharab ho sakti hai. Jyada bukhar hone pr bhi koi dawa na le kuch bhi karne se phle doctor ki slaah jarur le, chiken pox hone pr kabhi bhi bhid-bhad wale jagho pr na jaaye, jitana koshis kre in sab se bachne ki koshis kre.