चर्म रोग का इलाज (charm rog ka ilaj)

चर्म रोग का इलाज (charm rog ka ilaj)

 

आपको अगर चर्म रोग है, तो इस बीमारी के कारण कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है . बारिश  या फिर गर्मी के मौसम में इस तरह की समस्या  अधिक होती है. इस मौसम में हमें अपने त्वचा का बचाव करना बहुत जरुरी है नही तो चर्म रोग होने की संभावना हो जाती है . हम आपको चर्म रोग से बचने के लिए कुछ विशेष जानकारी दे रहे हैं.

चर्म रोग के कारण:-

  • केमिकल चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन,चुना और डिटर्जेंट .
  • पेट में अधिक समस्या होने से भी चर्म रोग होता है .
  • रक्त विकार होने की वजह से भी यह होता है
  • महिलाओं में भी यह समस्या हो जाती है अगर उनको सही समय पर मासिक धर्म (periods) न आये .
  • जो मरीज पहले से ही चर्म रोग से ग्रसित है उसके कपडे पहनने से भी ये रोग हो सकता है .

 

 

चर्म रोग के लक्षण :-

  • इस समस्या में चेहरे या स्किन पर छोटे छोटे दाने निकलने लगते है .और धीरे धीरे ये लाल रंग में बदल जाते है . फिर उसमे खुजली होने लगती है और ज्यादा खुजली होने पर इसमें जलन भी होने लगती है . ये दाग पूरे शरीर  पर हो जाता है फिर हल्का बुखार हो जाता है .

 

चर्म रोग से बचने के घरेलु उपाए-

 

जैसे कि गेंदा का फूल  ये फल गहरे पीले रंग और नारंगी रंग का होता है. यह हमारी त्वचा की समस्याओं के लिए प्रभाव शाली घरेलू  उपाए है. यह छोटे मोटे कटे  हुए शरीर पर या जलने या फिर मच्छर के काटने से रुखी त्वचा आदि के लिए शानदार घरेलू  उपचार है . गेंदे में एंटी बोवेलियल और एंटी वायरल गुण होते हैं.  हमारे शरीर में सूजन  है तो यह सूजन  को कम करने में मदद करता है. यह हमारी त्वचा के लिए हर प्रकार से लाभदायक है

 

गेंदे की पत्ती और पानी (Gende kii patti or Paani)-

 

हम गेंदे की पत्ती को पानी में उबाल कर उसी से दिन में कम से कम दो तीन बार आप आपना चेहरा धोएं . आपकी एवने की समस्या दूर हो जाती है, और साथ में इसका सेवन किया जाए तो हमें ये आंतरिक शक्ति प्रदान करवाता है, और इसी के साथ ही यह केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली पर भी यह बबुने के फूल सकारात्मक असर डालता है.यह एक्जिमा में भी बहुत ज्यादा मददगार होता है. केमोमाइल या बबुने के फूल सेबनी हर्बल टी दिन में 3 बार सेवन करें तो आपको काफी फायदा  पहुंचता है. इसके साथ ही एक्जोमाओ सोरायसिस जैसी बिमारियों से छुटकारा पाने से यह फूल हमारी काफी मदद करता है. आप एक सफ़ेद कपड़ा ले और  केमोमाइल टी में डुबोकर आप अपने त्वचा के संक्रमक हिस्से पर लगाने से आप को काफी लाभ मिलता है. उस प्रक्रिया को पन्द्रह पन्द्रह मिनट के लिए दिन में चार से छह बार करना चाहिए. यह केमोमाइल जो है कई अंडर आई( under eye ) moisturizer  में भी प्रयोग किया जाता है. इसे डार्क सर्कल (dark circle ) हमारे दूर होते हैं.

 

कमके के फूल (Kamke ke Phool)

 

कमके के फूल और पत्ते बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं. इस फूल के पत्ते और जड़ सदियों से हमारी त्वचा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने में इस्तेमाल करते आ रहे हैं. यह फूल अगर आपकी त्वचा में कहीं कट गया हो , जल गया हो तो वहां लगाने से कई प्रकार से लाभकारी होता है. इसमें मौजूद तत्व त्वचा द्वारा काफी तेजी से अवशोषित कर लिए जाते है जिससे कारण स्वस्थ कोशिकायों का निर्माण होता है. और इसी में हमारी त्वचा को आराम पहुचने वाले तत्व पाए जाते हैं. अगर आपकी त्वचा में कभी जख्म हो जाए तो आप कमके फूल कि जड़ो का पाउडर बना कर उसे आप गर्मपानी में मिला लें. और गाढ़ा सा पेस्ट बना लें. फिर इस पेस्ट को आप साफ कपड़े में फैला दें, अब इस कपड़े को जख्मों पर लगाने से हमें चमत्कारी लाभ मिलता है अगर आप रात में इसे बांध कर सो जाएं, तो सुबह  काफी आराम मिलता है. इसे कभी खाया नहीं जाता नहीं तो ये हमरे लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है.

आपको बहुत बड़ा जख्म है तो बड़े जख्म में इसे नहीं लगाया जाता, क्योंकि इससे त्वचा की उपरी परत तो ठीक हो जाती है लेकिन भीतर जो कोशिकायें हैं वह पूरी तरह ठीक नहीं हो पाती हैं.

 

अलसी के बीज(alsi ke beej)-

अलसी के जो बीज  होते हैं  बीजों में  ओमेगा थ्री फैंटी एसिड होता है, जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है. इसमें सूजन  को कम करने वाले तत्व मौजूद होते हैं. यह हमारी स्किन डिसऑर्डर ( skin disorder ) जैसी एक्जिमा (agzima ) और सोरासिस (sorasis ) को भी ठीक करने में हमारी मदद करता है. आप दिन में एक दो अलसी के बीज का तेल सेवन करने पर त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है. अलसी के बीज का तेल हम किसी अन्य अहार में ले तो ज्यादा ठीक रहेगा

 

अन्य उपाए (Any Upay)

 

हल्दी ,लाल चंदन ,नीम की छाल ,चिरायता बड्डे ,आवंला और अड्से के पत्ते को एक सामान मात्रा में लीजिए सभी को बराबर- बराबर मात्रा में लीजिए. इन सभी सामानों को पानी में भिगो दीजिये, जब ये अच्छी तरह  से फुल जाए तो इसे पीस कर ढीला पेस्ट बना लों .इसके चार गुना मात्रा में तिल का तेल को तेल के चार गुना मात्रा में पानी लो फिर इस सबको बड़े बर्तन में अच्छे से मिलाकर मंद आंच में तब तक पकाएं जब तक सारा पानी भाप बन कर उड़ न जाए. फिर ठंडा होने पर इसका सेवन करें. आपके शरीर में जहां जहां  खुजली ही रही ही वहां लगाएं या फिर पुरे शरीर में इस पेस्ट को लगाते रहिए. आपकी त्वचा का चर्म रोग ठीक हो जायेगा. अगर हमारा चर्म रोग ठीक नहीं होता ही व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार हो जाता है. आपको चर्म रोग की समस्या है तो आप चिकित्सक से सलाह जरूर लें और दवा कराएं.

 

 

 

अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan) in Hindi

 अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan)- हमारे घर के अंदर और घर के बाहर कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिसके कारण हमें अस्थमा की शिकायत हो सकती है. इनके कुछ कारण ये हैं:-

हवा प्रदूषण  (Hawa Pradhushan)- हवा में प्रदुषण बहुत ज्यादा है. प्रदूषण   ही अस्थमा का प्रमुख कारण माना जाता है. आज कल  ये जो प्रदूषित हवा है यह हमारे सांस  नलिका में जाती है और वहां से अस्थमा  की शरुआत होती है. आज कल जो गाडियों से धुआं निकतला है वह हमारी हवा को  दूषित कर देता है.

धूम्रपान (dhomrapaan)- धूम्रपान  करना या धूम्रपान  करने वाले व्यक्ति के पास न खड़े रहें. हम इस बात को याद रखें धूम्रपान  कोई भी करे लेकिन सिगरेट – बीडी से निकला धुआं जो है, वह हर व्यक्ति के उपर उसका बुरा असर पड़ता है. जैसे परफ्यूम  स्प्रे  हो साबुन , जेल इत्यादि की  तेज  गंध, आपको जिस गंध से एलर्जी हो उस गंध  से हमें तकलीफ पहुंच सकती है.   फूल के पराग के जो  कण होते हैं उससे भी अस्थमा हो सकता है, दीवार पर लगाये हुए तेल आदि  का जो रंग है उससे भी अस्थमा हो जाता है.

वातावरण में बदलाव के कारण-  

वातावरण के वजह से भी हमें अस्थमा का हमला हो सकता है, या फिर हमारी अस्थमा बढ़ भी सकती है | अगर अचानक बादल आ जाये या फिर अचानक बरसात हो जाये या फिर मौसम ठंडा या ठंडी हवा में साँस लेने के कारण भी यह अस्थमा हो सकता है |

मानसिक उतेजना – अगर आप जोर जोर से हंस  रहे है अत्यधिक चिल्ला रहे हो , रो रहे है रोते समय तेजी के साथ लम्बी साँस लेने के कारण भी अस्थमा से हम परहेज हो सकते है |

गहरी साँस लेने से- अस्थमा वाले मरीज को अत्यधिक कसरत नहीं करनी चाहिए  हम व्यायाम करे फिर खेलते समय गहरी साँस ले इसके कारण भी अस्थमा का हमला हमारे शरीर पर हो सकता है| हम किसी कारण वश  आवेश  जाने के कारण भी के मरीजो को मानसिक उतेजना के कारण भी अस्थमा हो सकता है जिन बच्चो को अस्थमा की शिकायत है उन्हें खेलने से आधे घंटे पहले उन्हें अस्थमा की दवाई ले लेनी चाहिए

घर के अन्दर प्रदूषण  से- हमारे घर के अन्दर भी कुछ वैसी चीज़ हैं, जिसके कारण भी व्यक्ति को अस्थमा की शिकायत हो सकती है| हम अपने घर में कुछ जैसे पालतू जानवर पालते है, उनके बाल  से ही अस्थमा की शिकायत हो सकती है हमारे घर की जो चीज़ है गीली  होने से भी उसमे ऊगने वाले फंगस जो होते है उनसे भी अस्थमा का हमला हो सकता है| तिलचट्टा (कॉकरोच) खाल हो या फिर छोटे किटाणु (House Dust Mite), खाना का भी कुछ ऐसे पदार्थ होते है जिनके कारण हमें एलर्जी हो सकती है कुछ ऐसे पदार्थ है दूध, मछली, टमाटर, अंडा आदि खाने के पदार्थ होते है अगर हमारा खाना मिलावटी है तो उससे भी हो सकता है| कुछ कपडे धोने के साबुन है डिटर्जेंट इत्यादि की ऐलर्जी हो सकती है घर के अन्दर जैसे धूप  हैं हम साफ सफाई करते समय धूल कचरा साफ करते है उससे भी हमें ऐलर्जी हो सकती है|

(बीमारी) कुछ बीमारी व्यक्तियों को हमारे नाक कान और गले से होने वाली बीमारी का शुरुआती  दौर में हम अपनी इलाज न करवाये | ये तो इसके कारण भी बीमारी हो सकता है उसका संक्रामक  साँस वाली नालिका  में जब वो फलने लगता है तो हमारे शरीर के अस्थमा बढ़ सकता है| हमें अगर खट्टी डकार  आ रही है हमारा खाना आधा पचा हुआ  है, खाना हमें अच्छे ढंग से जब नही पच   पता तो हमें खट्टी डकार  आती है हमारा खाना दूसरे नालिका  में से श्वसन नलिका में जा सकता है और इने सब कारणों से अस्थमा हो सकता है |

हार्मोन्स में बदलाव- हमारे शरीर के मासिक धर्म , गर्भावस्था, के दौरान स्त्रियों में हारमोंस के बदलाव कारण भी हमें अस्थमा की बीमारी हो सकता है|  कुछ ऐसी दवाइयां होती है जिनके कारण ही हमें अस्थमा बढ़ सकता है| जैसे की एस्प्रिन,  आईबुप्रोफेन, इत्यादि दर्द नामक दवाइयां है श्वसनी दमा एक फेफड़ो  की समस्या है जहाँ हवा के रास्ते यानि के श्वसनी अवरुद्ध होती है या बाधित होती है, यह हमारे साँस वाले रस्ते में रुकावट लाता है, और हमारे साँस में हवा के स्तर में कमी होने के वजह से मरीज को घुटन होने लगते है जिससे की उसे लेने में बहुत तकलीफ होती है व्यक्ति की प्रतीक्षा प्रणाली और एलर्जी के लिए प्रतिरोधक उच्च स्तर श्रावणी में हवा के बहाव के रुकावट का कारण बनता है|

हालाकि  हमारे साँस की मांसपेसियो दिल के ऑक्सीजन पंप करने के लिए बहुत ज्यादा परिश्रम करती है वे समय के अनुसार हमें जब ज्यादा तनाव हो जाते है उसके कारण भी अधिक कमजोर हो जाता है हमारे मांसपेसियो पर साँस और हवा का आना और जाना प्रकिया के करने के तनाव स्तर के बावजूद रक्त वाहिकाए हवा के बहाव के कारण सहायता करने में असमर्थ होती है| इसके परिणाम स्वरुप साँस हमारी प्रभावित होती है और मांसपेसियो को ऐठन और साँस दीवार पर सूजन  आता  है जिसके कारण हमारी शरीर में बलगम का श्राव होकर साँस मार्ग अवरुद्ध होता है |हड्डी और शुष्क हवा धुआ प्रदुषण परगकिरण धूल, तनाव, चिंता, और साँस सक्रमण जैसे एलर्जी किरणों से आप में दमा के विकास की होती है अस्थमा के मरीज अपनी एलर्जी का खुद ध्यान रखे हमें किसी चीज़ से एलर्जी ज्यादा अपने आप को बचा कर रखे डॉक्टर की सलाह से दवा  ले |

अस्थमा की बीमारी को आप हल्के में ना ले . उसे एक गंभीर बीमारी के रूप में समझे और तुरंत उसके लक्षण दिखने पर इसका इलाज कराए.वैसे तो हमने आपको बता ही दिया है की इसके लक्षण क्या है तो इस लिए इसे ध्यान से पढ़े और समझे. की इसका इलाज कैसे हो सकता है . इसके बारे में खुद भी जागरूक रहे और दूसरे को भी जागरूक करे.

ola कैब में कैसे सवारी करे “ola cab main kaise sawari kare ”

 

इंटरनेट कितनी तेजी से बाद रहा है ये तो आप भी मानते होंगे, इंटरनेट की मदद से हमारे बहुत से काम

बहुत आसान और जल्दी हो जाते है। जैसे घर बैठे शॉपिंग करना, अपने मोबाइल को इंटरनेट से रिचार्ज

करना। इंटरनेट की ढेरो सुविधा में से एक है इंटरनेट की मदद से टैक्सी बुक करना ola कैब से।

ola कैब क्या है ? “ola kab kya hai ’’

ola कैब एक टैक्सी सर्विस है बहुत तेजी से अपना व्यापार बढ़ा रही है और ये इंडिया की टॉप टैक्सी

सर्विसेस में से एक है। ola कैब को सिर्फ ola भी कहते है।

ola कैब की शुरुआत 3 दिसंबर 2010 में की गयी थी। इसके फाउंडर का नाम भविष अग्गरवाल है।

ola कैब की सबसे पहले भारत में शुरुआत मुंबई से हुई थी और फिर धीरे धीरे इसका व्यापर बढ़ता गया

और फिर पूरे भारत में किसी जाल की तरह फ़ैल लगा। 2014 में ola कैब ने अपने सर्विस को 85

शहर तक बढ़ा दिए और उनके पास अभी 200,000+ कार्स से भी ज्यादा कार है।

मेरा खुद का एक्सपीरियंस है ओला कैब में। इनकी सर्विस है वो बहुत ही बढ़िया है। में आपको सुझाव दूंगा

की आप काम से काम एक बार ओला कैब से सफर का आनंद जरूर ले। ओला कैब को बुक करने के लिए

सबसे पहले आपको ओला का एप अपने फ़ोन में डाउनलोड करना पड़ेगा फिर उसमे अकाउंट बना कर

टैक्सी बुक कर सकते है।

ओला कैब का एप कहा से डाउनलोड करे ? “ola cab ka app kaha se  download kare ’’

ओला कैब का एप डाउनलोड करने से लिए आपको अपने मोबाइल फ़ोन में प्लेस्टोर में जाना होगा। वहाँ

पर सर्च करें ओला कैब्स वहाँ पर आपको वो मिल जायेगा।

ओला कैब्स में रजिस्टर कैसे करे ?

रजिस्टर करना भी बहुत आसान है।

स्टेप 1 : एप को इनस्टॉल करके उसे ओपन करे।

स्टेप 2 : अकाउंट बनाने के लिए साइन उप पर क्लिक करे।

स्टेप 3 : अब जो फॉर्म आएगा उसे भरे।

  • अपनी ईमेल डाले।
  • अपने अकाउंट के लिए पासवर्ड डाले।
  • वो ही पासवर्ड फिर से डाले।
  • अपना पूरा नाम डाले।
  • अपना मोबाइल नंबर डाले।
  • रेफरल कोड अगर है तो डाले वरना उसे खली ही छोड़ दे।
  • साइन उप पर क्लिक करे।

स्टेप 4: अब अपना मोबाइल नंबर कन्फर्म करे।

  • अब मोबाइल पर एक मेसेज आएगा उसमे कुछ अंको का एक कोड आएगा वो डालना है। अगर

नहीं आता तो कॉल मी के बटन पर क्लिक करना है फिर उसमे जो कोड बतायंगे वो डालना है।

  • कोड डालने के बाद नेक्स्ट पर क्लिक करें।

अब आपका अकाउंट बन चूका है।

टैक्सी का कितना किराया है ओला कैब से “taxi ka kitna kiraya hai ola cab se ’’

ये हर शहर में अलग अलग है, इसके लिए आप ओला कैब्स की साइट पर देख सकते है, या फिर एप में

अपनी लोकेशन सेलेक्ट करके भी उसका चार्ज देख सकते है। किराया पता करने के लिए जो वर बुक करनी

है, उसको दबा कर रखे तो उसका कितना किराया है आ जाएगा।

ओला कैब्स में कैसे कही जाए “ola cab main kaise kahi jaye ’’

ओला कैब्स को बुक करना भी बहुत आसान है। सिम्पल हमें कहा पर टैक्सी को बुलाना है। पिन भर कर

राइड नाउ के बटन पर क्लिक करें। अगर हम जहाँ पर है वही टैक्सी को बुलाना है तो अपनी लोकेशन को

सेलेक्ट करके राइड नाउ के बटन पर क्लिक करे।

  • जहाँ अभी है वहीं बुक करनी है तो अपनी लोकेशन पर क्लिक करे।
  • कही और टैक्सी बुलाना है तो पिन को उस जगह ले जाये।
  • किस कार को बुक करना है उस पर क्लिक करे (कितने टाइम में आ सकती है वो भी दिखेगा )
  • राइड नाउ पर क्लिक कर बुक करने के लिए अपनी टैक्सी को कन्फर्म करे।
  • पिन को देखे की यही आप टैक्सी को बुलाना चाहते है।
  • कन्फर्म करे टैक्सी को बुलाने के लिए।

अब ओला कैब बुक हो चुकी है और जो टाइम उसमे बता रहा है उतने टाइम में वो आपके पास आ

जाएगी।

ओला कैब की बुकिंग को कैंसिल कैसे करे “ola  cab ki booking ko cancel kaise kare ’’

जब हम टैक्सी को बुक कर देते है तो हमारे सामने मोबाइल में टैक्सी और उसके ड्राइवर की डिटेल आ

जाती है और हम टैक्सी को कैंसिल भी कर सक्ते है अगर हमें नहीं जाना है तो।

आपके मोबाइल के स्क्रीन पर ये सारे ऑप्शन आपको दिखाई देंगे।

  • हमारी लोकेशन में टैक्सी को आने में कितना टाइम लगेगा।
  • टैक्सी के ड्राइवर का नाम।
  • उसकी गाड़ी कोन सी है।
  • गाड़ी का नंबर।
  • ड्राइवर को कॉल करने के लिए कॉल ड्राइवर पर क्लिक करे।
  • ड्राइवर की फोटो।
  • ट्रैक राइड : गाड़ी अभी कहा है उसका पता करने के लिए।
  • कैंसिल राइड : टैक्सी की बुकिंग को कैंसिल करने लिए क्लिक करें।

आप चाहो तो अपनी राइड को कैंसिल भी कर सकते हो।

ओला कैब की पेमेंट कैसे होती है “ola cab ki payment kaise hoti hai ’’

ओला कैब में पेमेंट हम ऑनलाइन भी कर सकते है और अपनी राइड खत्म करके हम टैक्सी के ड्राइवर को

भी दे सकते है जितना किराया हुआ है।

ओला कैब की मेन्यू “ola cab ka menu”

ऊपर कोने में क्लिक करने पर एप के कुछ ऑप्शन आते है उनके बारे में भी हम जान लेते है।

बुक माय राइड : टैक्सी बुक करनी हो तो इस पर क्लिक करके कर सकते है।

माय राइड्स : हम टैक्सी से खा खा गए है वो देख सकते है।

रेट कार्ड : किस टैक्सी का कितना किराया है वो देख सकते है।

ओला मनी : हम ओला मनी में पैसे ऐड करके रख सकते है फिर हम जब भी कही जायेंगे तो उसमे से

पैसे अपने आप कट जायंगे।

ऑफर्स एंड फ्री राइड्स : हमें अगर कोई ऑफर मिला है तो यहाँ देख सकते है और अपने दोस्तों को रेफेर

करके डाउनलोड करने पर आपको दोसतो को 50-50 फ्री राइड्स भी मिलेगी।

ओला शेयर ग्रुप : इसमें अगर कोई कही जा रहा है और अगर हमें भी वही जाना है तो हम उसके साथ

जा सकते है और किराया आधा आधा दे सकते है।

इमरजेंसी कॉन्टैक्ट : इसमें हम एक कॉन्टैक्ट सेव कर सकते है, जो हमारे पहचान का हो या हमारे

फैमिली का हो। जिसके पास हमारी जानकारी चली जाए।

सपोर्ट : अगर इसमें कोई हेल्प चाहिए तो आप यहाँ से ले सकते है।

अबाउट : इसमें ओला कैब एप के बारे में जान सकते है।

 

ऑनलाइन शॉपिंग कैसे करे- Online Shopping Kaise Kare

इंटरनेट की दुनिया इतनी बड़ी है की हम ऑनलाइन इंटरनेट के बारे में जितना सीखे उतना काम है। इंटरनेट ने हमारी ज़िन्दगी कितनी आसान कर दी है आप सोच भी नहीं सकते, आज इंटरनेट की मदद से हम बहुत कुछ बड़े आसानी से कर सकते है। आज के दौर में सबसे ज्यादा ऑनलाइन पॉपुलर है वो है ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स। क्योंकि शॉपिंग साइट्स की मदद से हम घर बैठे कुछ भी खरीद सकते है और हमारा खरीदा हुआ सामान हमारे दिए हुए पता पर बड़े आराम से आ जाता है और हमें कही जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

ऑनलाइन शॉपिंग के लिए क्या क्या होना चाहिए- “online shopping ke liye kya hona chahiye”

इंटरनेट से ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले हमे ये पता होना जरुरी है की ऑनलाइन शॉपिंग करने के

लिए हमारे पास क्या क्या होना जरुरी है।

  1. कंप्यूटर, टेबलेट, मोबाइल। (आपके पास जो भी हो )
  2. ईमेल आईडी (ऑनलाइन शॉपिंग वाली साइट पर साइन उप करने के लिए)
  3. मनी/पैसा (सामान खरीदने के लिए)
  4. क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड (भुगतान करने के लिए)
  5. एड्रेस (सामान रिसीव करने के लिए )

ऑनलाइन शॉपिंग करने करने में क्या फायदा होता है? “online shopping karne main kya fayada hota hai”

ऑनलाइन शॉपिंग करने से बहुत फायदे है। यहाँ मैं आपको कुछ पॉइंट दे रहा हुँ। आप खुद समझ जाओगे।

  1. समय की बचत “samay ki bachat”

सबसे बड़ी बात समय की बचत होती है । क्युकी अगर आप दुकान पर सामान लेने जाओगे तो आपको खुद दुकान पर जाना पड़ेगा जबकि ऑनलाइन शॉपिंग करने से सामान खुद आपके घर पर पहुंचाया जायेगा

 

  1. पैसे की बचत “paise ki bachat”

जब हम किसी दुकान से सामान खरीदेंगे तो जाहिर है को दुकानदार भी उस सामान पर हमसे 10-20 रुपए का मुनाफा कमाएगा। ऑनलाइन शॉपिंग करने से दुकानदार का बेनिफिट काम हो जाता है और कंपनी डायरेक्ट सामान हमारे घर भेज देती है ।

 

  1. अच्छा और सस्ता सामान “accha aur sasta saman”

बाजार में दुकानदार के बार हमे नकली सामान दे देते है। ऑनलाइन शॉपिंग करने से पर हमे ओरिजिनल सामान ही मिलेगा ।

 

  1. 30 दिन तक सामान वापिस करने की सुविधा “30 din tak saman vapis karne ki suvidha”

ऑनलाइन सामान करने के बाद आप अगर आपको वो सामान पसंद न आये तो आप उसे 30 दिन से पहले वापिस भी कर सकते हो । जबकि दुकान पे से ख़रीदा हुआ सामान दुकानदार वापिस नहीं करता है।

  1. पेमेंट सामान घर पहुंचने के बाद होता है “payment saman ghar pahuchne ke baad”

जब आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हो तो आपको उसका पेमेंट सामान घर आने के बाद में करना होता है । इससे आप अपने सामान को अच्छी तरह चेक करने का मौका भी मिल जाता है ।

 

  1. पूरा सामान एक आर्डर से “pura saman ek order se”

बाजार में हमे एक एक सामान के लिए के दुकानों पर जाना पड़ता है पर ऑनलाइन शॉपिंग से हम सारा सामान घर बैठे माँगा सकते है ।

 

  1. महंगा सामान होने का दर ख़त्म “mehnga saman hone ka darr kahtam”

बाजार में हमे दर रहता है की कही कोई हमे कोई सस्ता सामान महंगा नहीं दे दे । पर ऑनलाइन सामान खरीदने पर ये दर नहीं रहता । क्युकी हमारे सामान बहुत सी कंपनी होती है । जो सबसे सस्ता दे हम उसे सेलेक्ट कर सकते है । तो दोस्तों अब आप खुद समझ ही गए होंगे । सो आपको और कुछ बताने की जरूररत नहीं है । तो चलिए आगे जानते है की ऑनलाइन शॉपिंग कहा से करे ।

 

ऑनलाइन शॉपिंग कहा से करे ? “online shopping kaha se kare”

आपके दिमाग में ये सवाल आ ही गया होगा । वैसे तो बहुत सी साइट्स है । ऑनलाइन शॉपिंग करने के

लिए। जिनमे से कुछ के बारे में मैं आपको बता देता रहा हुँ :

  1. Flipcart.com
  2. amazon.com
  3. OHMH.IN
  4. yepme.com
  5. snapdeal.com
  6. myntra.com
  7. jabong.com
  8. homeshop.com
  9. junglee.com
  10. ebay.in
  11. paytm.com
  12. ensoga.com
  13. aliexpress.com
  14. naaptol.com
  15. infibeam.com
  16. shopclues.com
  17. indiatimesshoping.com
  18. ezoneonline.com
  19. fashionara.com
  20. babyoye.com

ऑनलाइन शॉपिंग की और भी बहुत सी साइट है । पर इनमे से पॉपुलर साइट्स Flipcart.com, amazon.com, paytm.com, snapdeal.comहै । आपको जिस साइट्स पर सामान सस्ता और अच्छा मिले आप उससे ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते है। ऑनलाइन सामान खरीदने पर पेमेंट कैसे की जाती है ? पेमेंट करने के तरीके है । पर मैं आपको सबसे आसान तरीका बताऊंगा , किसी भी बैंक के ATM से पेमेंट करना यानि डेबिट कार्ड से । जैसा की आप इमेज में देख रहे है । आप इसी तरीके से पेमेंट कर सकते है ।

  1. डेबिट कार्ड पर सेलेक्ट करे ।
  2. यहाँ अपने कार्ड का 16 नंबर का अंक भरे ।
  3. अपने कार्ड की एक्सपीरे डेट सेलेक्ट करे ।
  4. अपने कार्ड के पीछे 3 अंको का एक cvv नंबर होता है । वो यहाँ डाले .
  5. पे नाउ पर क्लिक करे ।

अब आपके नंबर पर एक मेसेज आएगा उसमे OTP पासवर्ड होंगे । वो आपको वेरीफाई करने है । अब आपका पेमेंट हो चूका है । अब 2 से 5 दिन में आपके द्वारा आर्डर किया हुआ सामान आपके बताए एड्रेस पर पहुंच जायेगा ।

 

अमेज़न पे कैसे शॉपिंग करे ? “amazon per kaise  shopping kare”

  • आप को जो भी शॉपिंग करनी हे ओर ऊपर दिए गए सर्च बार में लिखे और सर्च करे । सर्च करनेके बाद आपके पास उस प्रोडक्ट का एक लिस्ट आएगा । फोटो देखकर आप प्रोडक्ट चुन करसकते हो । अगर आपको कोई प्रोडक्ट पसंद है तो आप उसके ऊपर क्लिक करे . तो आपको उस प्रोडक्ट का पूरा डिटेल्स मिलजायेगा । अगर आप को उस प्रोडक्ट को खरीदना हे तो बॉय नाउ पर क्लिक करे ।आपके पास एक 'एंटर आ शॉपिंग एड्रेस ' का पेज खुलेगा । उसमे अपनी पूरी डिटेल्स देना होगा ।जैसे आपका नाम , एड्रेस , सिटी , स्टेट , पिंन कोड , मोबाइल नंबर , लैंडमार्क देना होगा . उस एड्रेस पे आप जो भी आर्डर करेंगे वो आपके एड्रेस पे पहोच जाये जा . आपने सही नाम , एड्रेस , सिटीज , पिन कॉर्ड , मोबाइल नंबर , लैंडमार्क देने के बाद " continue " करे ।

 

  • इस में दो एड्रेस दिखायेगा । ओरिजिनल एड्रेस और सजेस्ट एड्रेस । जो एड्रेस आपने लिखा थाओर ओरिजिनल एड्रेस और सजेस्ट एड्रेस है जो कंपनी आपको सजेस्ट किया हे । आप ओरिजिनलएड्रेस पे क्लिक करे और कंटिन्यू करे ।

 

  • आगे आप आपने पेमेंट ऑप्शन सेलेक्ट करे । Credit card, debit card, net banking ya COD (cash on delivery) आप कोनसी तरीका से पेमेंट्स कर न चरते हो सेलेक्टकरे। पेमेंट करते ही आपका आर्डर पूरा हो जायेगा और आपको आपने मोबाइल पे मेसेजमिलजएगी आपने आर्डर कब मिलेगा उसका डिटेल्स आपको मिलजायेगा। तो इस तरीके से आप अमेज़न पे ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हो।