लड़की को किश (चुम्बन) कैसे करें- Ladki ko Kiss Kaise Kare

चुम्बन एक लड़के लड़की के बीच प्यार का एक अदभुत अहसास होता है जिसे हर प्रेमी पाना चाहता है│ यह एक एहसास होता है जो किसी  भी प्रेमी जोड़े को शारीरिक रूप के साथ साथ मानसिक रूप से भी जोड़ने का काम करता है│

अगर आप एक खूबसूरत लड़की को किस करना चाहते है लेकिन आप को यह नहीं पता की वह भी आप में रूचि रखती है तो घबराने की कोई बात नहीं हम आपको कुछ ऐसे युक्तियां (टिप्स) बताएँगे जिसे जानकर आप आसानी से अपनी प्रेमिका के साथ चुम्बन कर सकते है│

जानिए लड़की को कैसे कर सकते है आप किश

42898d015f3483a37804f269e3c670791. स्वाभाविक रहे

जल्दबाजी न करे उनके साथ थोड़ा वक्त बीतए उनसे बाते करे उनकी तारीफ करे उन्हें अपने साथ घुलने मिलने दे उसके बाद ही आप किस के लिए आगे बड़े जिससे लड़की भी आप का सहयोग करेगी किश करने में│

2. लड़की के हाथो में हाथ डालिये

अगर आप उनके साथ चल रहे है तो उनके हाथो में हाथ डालकर चलिए या बैठे हुए है तो कोसिस कीजिये उनके  हाथो को पकड़कड़ उनसे प्यारी प्यारी  बात कीजिये उनकी आँखों में आंखे डालकर देखने की कोसिस करे│

3. लड़की के कंधे को सहलाये

अगर आप लड़की के साथ बैठकर बात कर रहे है तो कोमलता से अपने हाथो को उसके कंधो पर ले जाये और अगर वो उसका विरोध न करे तो उन्हें सहलाये और अपनी बहो म भर ले│

4. लड़की के कमर में हाथ डाले

आप उनकी कमर में हाथ डाले और उन्हें प्यार से अपने करीब लायें और उनकी आँखों में देखते हुए उनके बालो में हाथ डालें और आप उनको चुम्बन करने की कोशिश करें. अगर लड़की अपनी आँखे बंद कर लें तो समझे की वो भी चुम्बन के लिए तैयार है. किन्तु कुछ लड़कियां शर्म की वजह से एक दो बार हिचकिचाती है तो उनके मना करने पर आप उनके साथ जबरदस्ती न करें और उनके साथ थोडा समय और बितायें.

5. उन्हें अपनी भावनाओ का अहसास दिलाये

लड़की को अपना सिर अपने कंधे पर रखने  दें. इससे लड़की का आप पर विश्वास बनता है. अगर वो आपको गले लगाकर कुछ देर आपके पास रहना चाहे तो उन्हें करने दें. इससे उनकी भावनायें आपके लिए बढती है│

6. उनके इसरो को समझने की कोसिस करे

कुछ लडकिया बहूत सर्मिली होती है वह अपने भावनाओ को खुल के शो प्रकट नहीं करती लेकिन बाकि लडकिया अपनी भावनाओ को खुल कर जाता ती है और यह आपके लिए सबसे जरुरी चीज़ है की आप उनके इसरो को समझ पाए अगर वह आप में रूचि रखती है तो वह आप से बाते करंगे जोक करेंगी और आप का ध्यान आकर्षित करना चाहेंगी वह आपकी अंको में देखने की कोसिस करेंगी और सरमायेंगी भी वह अपने बालो को बार बार संवारेंगी और अपने होटो को एक दूसरे से काटेंगी और जब भी आपसे उनका स्पर्स होगा उनकी दिल की धड़कन बढ़ जाएगी और वह तेजी से साँस लेंगी│

7. प्यार भरी सरारत करे

अगर आप को ग्रीन सिग्नल मिल चूका तो जल्दबाज़ी न करे वरना आपके पहले किस का अनभव ख़राब हो सकता पहले कोसिस करे की लड़की को गले लागए उनके बालो को सहलाये उनके ग्लो को अपनी हाथो से स्पर्स करे और उन्हें बड़ी कोमलता के साथ गले लागए और अगर वो भी आपको अपनी बहो में भर लेती है तो कुछ देर आप उनसे गले लिपटे रहे फिर अपना एक हाथ लड़की के कमर के पीछे ले जाये और दूसरे हाथ को उनके गले के पीछे रखे और उन्हें बड़ी प्यार से स्पर्स करे और लड़की के कंधो को चूमे अगर अब लड़की आप को बिना किसी विरोद को और कस के गले लागए रहती है तो ये स्थिती चुम्बन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है आप अब किस के लिए तैयार हो जाये

8. होंटो से होंटो को टच करे

आप अपने दोनों हाथ लड़की की गर्दन पर रखें इससे उनके अंदर एक अजीब सा अहसास उत्पन्न होता है और वो अपनी आँखें बंद करके अपने होंठो को चुम्बन के लिए ऊपर कर लेती है. आप अपने होंठो को उनके होंठो से लगायें और उन्हें धीरे धीरे चुम्बन करें. आप लड़की की भावनाओं को बढ़ाने के लिए कुछ देर उनके होंठो के साथ भी शरारत कर सकते हो. अब लकी को हाथो को अपने हाथ में लेकर भी चुम्बन कर सकते हो, या उनके हाथो को अपने कंधे पर रखें और अपने हाथो से उनकी कमर को पकड़ कर उन्हें अपने पास करके चुम्बन करें और यदि लड़की आपके गले लगकर चुम्बन करना चाहती है तो आप उनकी गालो और बालो में हाथ रख कर उन्हें चुम्बन करें. अब आप चाहो तो उन्हें फ्रेंच किस भी कर सकते हो. जिसमे आप अपनी जीभ से उनकी जीभ के साथ छेड़छाड़ करते हो और उसे चूसते हो│

9. चुम्बन को ख़त्म कैसे करे

अब आप कुछ देर के लिए चुम्बन को रोकें और सांस लें किन्तु आप इसे भी थोडा रोमांटिक स्टाइल दें जैसेकि आप अपने होठों को उनके होंठो से हटाकर भी आप उनकी कमर को न छोड़ें, उन्हें अपनी करीब ही रखें, उनके सिर से अपना सिर लगायें और उनकी आँखों में देखें. आपको उनकी आँखों में शर्म और आपके लिए बहुत सारा प्यार दिखाई देगा.

10. पहली चुम्बन (किश) को यादगार बनाये

चुम्बन को खत्म करने के लिए आप थोड़ी देर उन्हें अपने पास ही रहने दे. इसके लिए आप उनके गालो पर चुम्बन कर सकते हो और कुछ देर उन्हें गले लगाकर बैठ जायें. आप उन्हें अपना जितना करीब हो सके रखे और उनकी आँखों से बिलकुल नजर न हटायें तो इस तरह किस करके आप अपनी साथी लड़की के साथ चुम्बन का आनंद लेकर उसे यादगार और एक हसीन पल बना सकते हो.

अगर आप अपने रिश्ते में एक रोमांटिक कदम उठाना चाहते हैं, तो आपको उसे यह बताने की जरूरत है कि आप असल में उसे एक दोस्त से अधिक मानते हैं। एक किस की शुरुआत, सीधा संकेत है कि आप उससे प्रेम का संबंध रखना चाहते हैं। उससे एक रोमांटिक केमिस्ट्री बनाएँ और उस पहले किस में सही हमारे बातये गए टिप्स का उपयोग करें। अंततः हम आप से यह कहना चाहेंगे  की किसी भी किश की सुरुवात से पहले आप लड़की से घुल मिल जाये उनके साथ स्वभाविक रूप से  बाते करे उन्हें अपने इच्छाओ के बारे में संकेत दे और एक घनिस्ट सम्बन्ध बनाये और जिससे वह आपके साथ बिलकुल स्वभाविक हो जाएगी और आप आसानी से किश के लिए आगे बढ़ सकेंगे।

फ्रेंच किश कैसे करे- French Kiss Kaise Kare

चुंबन अपने प्‍यार को दर्शाने का सबसे बेहतरीन तरीका होता है। आज कल किसींग का जो फार्मूला युवाओं के बीच सबसे ज्‍यादा प्रसिद्ध  है वो है फ्रैंच किस, लेकिन क्‍या आप जानतें है कि फ्रैंच किस कैसे किया जाता है।

यह “आवेशपूर्ण, गहरी, कामुक चुंबन है जिसमें प्रेमियों को अपनी जीभ को एक दूसरे के होंठ और उनके मुंह के अंदर छूना पड़ता है।

आज हम आपको इस लेख में बताऐंगे कि कैसे करें फ्रैंच किस। इस लेख को पढ़कर आप आसानी से अपने साथी को एक शानदार फ्रैंच किस का अनुभव करा सकतें है। फ्रैंच किस किस दोनों को एक गहरें प्‍यार के साथ-साथ अपने पन का भी पूरा अहसास कराता है और संभोग के दौरान यह उत्‍तेजित करना का बहुत ही शानदार तरीका है। आइऐ हम आपको कुछ बिन्‍दूओं के माध्‍यम से बतातें है कि कैसे करें फ्रैंच किस।

कैसे करे फ्रेंच किश

french-kiss-41. आपकी श्वास की महक अच्छी होनी चाहिए

यह एक व्यावहारिक सी बात है लेकिन बहुत  से लोग ये गलतिया करते है की बिना अपने सांसो की बदबू को हटाये किश करने की गलती कर बैठ ते है और उनके साथी के लिए यह एक बुरा अनुभव बनकर ही रह जाता है साथ ही साथ उन्हें भी सर्मिन्दा होना पड़ता है। लड़की कभी भी लहसुन सी या घटिया स्वाद को किस के बाद चखना नहीं चाहेगी तो कृपया किश करने से पहले माउथ फ्रेशनर का उपयोग जरूर करे जो आपकी किश को यादगार बनाने में पूरी तरह मदद करेगा। आप मिंट को मुँह में रख सकते है या मिलने के दौरान कुछ मिनिट के लिए मिंट युक्त चबाने वाले गम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

2. अपने होंठ नरम रखें

चुंबन के लिए एक नरम, चिकनी और थोड़ा सा नम मुंह आदर्श है। इससे पहले कि आप आगे बढ़ते हैं, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके होंठ सूखे नहीं हैं, जिस से की  आपका साथी का ध्यान न भटके और वह किश पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाए। चुंबन के पहले एक घंटे या उससे अधिक समय से पूर्व अपने होटो पर  बाम लगा ले जिस से की आपके चुंबन वाले साथी को आपके होंठ नरम लगेंगे।

3. स्वाभाविक रहे

आप अपने साथी  को पहली बार किस करने जा रहे हैं, साथी  के होंठों पर आपका प्यारभरा किस भी उसे इम्प्रेस कर सकता है, इसलिए जितना हो सके नेचुरल रहें । जल्दबाजी न करे उनके साथ थोड़ा वक्त बीतए उनसे बाते करे उनकी तारीफ करे उन्हें अपने साथ घुलने मिलने दे उसके बाद ही आप किस के लिए आगे बड़े जिससे लड़की भी आप का सहयोग करेगी किश करने में।

4. किश के लिए माहौल बनाये

आप अपने साथी के साथ थोड़ा समय बीतए कही एकांत में उनसे उनकी तारीफ करे उनकी आँखों में आंखे डालकर उनसे प्यार भरी बाते करे उनसे कहे की उनकी स्माइल बहुत अछि है और उनके काफी नजदीक जाकर बाते करे उन्हें अपनी सांसो  की गर्मी महसूस होंने दे और खुद उनके सांसो को महसूस करे जिनसे दोनों साथियो में एक अजीब सी उत्तेज़ना पैदा होगी और दोनों खुद ही एक दुसरो को किश करने के लिए आगे बढ़ेंगे। ऐसा करने के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप पूरी तरह से उस पल में घुल जाते है और अपने साथी  होंठ का स्पर्श महसूस करते हैं, जिस तरह से वे गंध करते हैं गंध चुंबन में अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है।

5. इश्कबाजी करे

उसे बताये जो उसने पहन रखा है वो बहुत अच्छा लग रहा हैं; उसे इससे अच्छा लगेगा! अपनी बाहें उसकी कमर पर रख सकते है और कुछ चंचल या अच्छा सा कह सकते है जैसे “तुम बहुत सुन्दर हो!” उसे सवारी के लिए पूछे, या गुदगुदी करे अगर वो ऐसा पसंद करती है।इश्कबाजी उसे आपको किस करने के लिए और खुला बनाएगी।उनके बालो को सहलाये उनके गालो को अपनी हाथो से स्पर्स करे और उन्हें बड़ी कोमलता के साथ गले लागए और अगर वो भी आपको अपनी बहो में भर लेती है तो कुछ देर आप उनसे गले लिपटे रहे फिर अपना एक हाथ लड़की के कमर के पीछे ले जाये और दूसरे हाथ को उनके गले के पीछे रखे और उन्हें बड़ी प्यार से स्पर्स करे और लड़की के कंधो को चूमे अगर अब लड़की आप को बिना किसी विरोध  के  और कस के गले लागए रहती है तो ये स्थिती चुम्बन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है आप अब किस के लिए तैयार हो जाये

6. अपना चेहरा धीमे से उसकी तरफ बढ़ाये

इस संकेत को सभी जानते है कि आप किस के लिए बढ़ रहे हैं। यह उसे चुनाव देगा जिससे आपको पता चल सके कि वह इस किस के लिए असहज है और आप थप्पड़ खाने से भी बच सकेंगे। अपनी आँखे तब तक बंद नहीं करे जब तक आप किस करने ही वाले हैं।

7. होंटो से होंटो को टच करे

आप अपने दोनों हाथ लड़की की गर्दन पर रखें इससे उनके अंदर एक अजीब सा अहसास उत्पन्न होता है और वो अपनी आँखें बंद करके अपने होंठो को चुम्बन के लिए ऊपर कर लेती है. आप अपने होंठो को उनके होंठो से लगायें और उन्हें धीरे धीरे चुम्बन करें. आप लड़की की भावनाओं को बढ़ाने के लिए कुछ देर उनके होंठो के साथ भी शरारत कर सकते हो. अब लकी को हाथो को अपने हाथ में लेकर भी चुम्बन कर सकते हो, या उनके हाथो को अपने कंधे पर रखें और अपने हाथो से उनकी कमर को पकड़ कर उन्हें अपने पास करके चुम्बन करें और यदि लड़की आपके गले लगकर चुम्बन करना चाहती है तो आप उनकी गालो और बालो में हाथ रख कर उन्हें चुम्बन करें. अब आप चाहो तो उन्हें फ्रेंच किस भी कर सकते हो. जिसमे आप अपनी जीभ से उनकी जीभ के साथ छेड़छाड़ करते हो और उसे चूसते हो│

8. जीभ का उपयोग करे

फ्रैंच किस में किसी भी तरह का ब्रेक नहीं होता है। साथी के नीचले होंठ अपने दोनों होठों के बीच दबायें इस दौरान आपके उपर का होठ आपके साथी के होंठों बीच होगा। फिर धीमें-धीमें अपने आपको साथी के और भी करीब लायें और उन्‍हे आप के आगोश की गर्मी का पूरा अहसास होने दें।

इस दौरान धीमें-धीमें इस क्रिया को जारी रखें जब आपका साथी आपके होंठों को पूरी तरह से चूमने लगे तो यही वक्‍त है जब आप अपने जुबान का बेहतरीन इस्‍तेमाल कर सकतें है। इस दौरान आप अपने जीभ को थोड़ा सा बाहर निकाल कर अपने साथी के होंठों पर स्‍पर्श करें।

जब साथी अपने होंठों के बीच थोड़ा सा गैप देना शुरू करे तो आप अपने जुबान को साथी के होंठों के अंदर डालने की कोशिश करें। ध्‍यान रहे इसमें किसी भी प्रकार की जल्‍दबाजी न करें जब साथी आपको मौका दे तभी ऐसा करें। धीमें-धीमें साथी आपके जुबान को अपने होठों से अपने मुख के अंदर लेगा और इसी समय आप अपने जुबान से साथी के मुख के अंदर ही जबान से खेलना शुरू करें। ऐसा करने से आपका साथी पूरी तरह रोमांचित हो जायेगा, और वो भी आपको पूरा सहयोग करेगा।

9. अपने साथी के होटो को हलके से काटे (वैकल्पिक)

किश करते समय अपने लिप्स के साथ टीथ का भी उपयोग करे ज्यादा  तर लोग  टीथ  का  उपयोग नही करते पर आपका एक हल्का सा टीथ का काटना अछा लग सकता है आपके साथी को । जब आपके होंठ बंद हो जाते हैं, तो अपने दांतों को अपने साथी के निचले होंठ पर रखें और धीरे-धीरे वापस खींचें, जब तक आपके दाँत लगभग होंठ के अंत में न हों। एक पल के लिए रोकें, फिर हमेशा की तरह चुंबन फिर से शुरू करें। अस्वीकृति के लिए तैयार रहें हर कोई अपने चुंबन के साथ दांतों की तरफ पसंद नहीं करता यदि आपका साथी अच्छी तरह से प्रतिक्रिया नहीं करता है, तो नाराज़ न होने की कोशिश करें – यह संभवतः व्यक्तिगत स्वाद की बात है, आपकी तकनीक में कोई चूक नहीं है।

10. किश को धीरे धीरे ख़तम करे

किश  जब  ख़तम  करनी  हो  तो  धीमे  धीमे  ख़तम  करे  और  लास्ट  में  एक  दो  छोटी  किश  भी  करे जो  आपके   पाटनर  को  बहोत  अछि  लगेंगी  है। अपनी साथी की प्रतीक्षा करे की कब वह अपने चुम्बन के जूनून तक पहुँचता है फिर अपने साथी से बड़ी ही विन्रमता से अलग हो जाये जिससे की आपका साथी आपको और चूमना चाहेगा और आप इस मौके का भरपूर फ़ायदा उठाये और चुम्बन का मज़ा ले।

तो इनसब बातो को ध्यान म रख कर आप फ्रेंच किस के लिए तयारी करे और इस कला में निपुण हो जाये जिससे की आपका साथी आपके बीने रह नहीं पायेगा और हमेसा उसे आपके फ्रेंच किश की याद आएगी और वह आपके पास खिंचा चला आएगा।

 

गर्लफ्रेंड को किश कैसे करे- Girlfriend ko Kiss kaise Kare

आप रिलेशन में होते हैं तो हर तरह से अपने प्यार को अहसास कराने की कोशिश करते हैं। हाथो में हाथ लेते हैं, रोमांटिक हग करते हैं और बांहों में बांहें डालकर घूमते हैं। परंतु जब किस की बारी आती है तो आप कुछ उलझ जाते हैं। वहां आपका दिमाग काम करना बंद कर देता है। उस वक्त आप यही साचते हैं कि कैसे अपने पार्टनर को किस किया जाए जिसे वह जिंदगी भर नहीं भूले। यह कुछ डराने वाला हो सकता हैं। लेकिन चिंता नहीं करे! एक छोटी तैयारी और थोड़ा सा अभ्यास और आपके जानने से पहले आप इसमें माहिर हो जायेंगे। बिल्कुल न डरे: आपने अपना मन बना लिया है….तो आगे बढे और लड़की को चूमे!

आखिर कैसे करे गलफ्रेंड को किश

5488587301b48b2ceb952a1ba4c57465f7b0e0fbe1. आपकी श्वास की महक अच्छी होनी चाहिए

यह एक व्यावहारिक सी बात है लेकिन बहुत  से लोग ये गलतिया करते है की बिना अपने सांसो की बदबू को हटाये किश करने की गलती कर बैठ ते है और उनके साथी के लिए यह एक बुरा अनुभव बनकर ही रह जाता है साथ ही साथ उन्हें भी सर्मिन्दा होना पड़ता है। लड़की कभी भी लहसुन सी या घटिया स्वाद को किस के बाद चखना नहीं चाहेगी तो कृपया किश करने से पहले माउथ फ्रेशनर का उपयोग जरूर करे जो आपकी किश को यादगार बनाने में पूरी तरह मदद करेगा। आप मिंट को मुँह में रख सकते है या मिलने के दौरान कुछ मिनिट के लिए मिंट युक्त चबाने वाले गम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

2. स्वाभाविक रहे

आप अपनी गर्लफ्रेंड को पहली बार किस करने जा रहे हैं, गर्लफ्रेंड के होंठों पर आपका प्यारभरा किस भी उसे इम्प्रेस कर सकता है, इसलिए जितना हो सके नेचुरल रहें । जल्दबाजी न करे उनके साथ थोड़ा वक्त बीतए उनसे बाते करे उनकी तारीफ करे उन्हें अपने साथ घुलने मिलने दे उसके बाद ही आप किस के लिए आगे बड़े जिससे लड़की भी आप का सहयोग करेगी किश करने में।

3. किश के लिए माहौल बनाये

आप अपने साथी के साथ थोड़ा समय बीतए कही एकांत में उनसे उनकी तारीफ करे उनकी आँखों में आंखे डालकर उनसे प्यार भरी बाते करे उनसे कहे की उनकी स्माइल बहुत अछि है और उनके काफी नजदीक जाकर बाते करे उन्हें अपनी सांसो  की गर्मी महसूस होंने दे और खुद उनके सांसो को महसूस करे जिनसे दोनों साथियो में एक अजीब सी उत्तेज़ना पैदा होगी और दोनों खुद ही एक दुसरो को किश करने के लिए आगे बढ़ेंगे। ऐसा करने के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप पूरी तरह से उस पल में घुल जाते है और अपने साथी  होंठ का स्पर्श महसूस करते हैं, जिस तरह से वे गंध करते हैं गंध चुंबन में अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है।

4. इश्कबाजी करे

उसे बताये जो उसने पहन रखा है वो बहुत अच्छा लग रहा हैं; उसे इससे अच्छा लगेगा! अपनी बाहें उसकी कमर पर रख सकते है और कुछ चंचल या अच्छा सा कह सकते है जैसे “तुम बहुत सुन्दर हो!” उसे सवारी के लिए पूछे, या गुदगुदी करे अगर वो ऐसा पसंद करती है।इश्कबाजी उसे आपको किस करने के लिए और खुला बनाएगी।उनके बालो को सहलाये उनके गालो को अपनी हाथो से स्पर्स करे और उन्हें बड़ी कोमलता के साथ गले लागए और अगर वो भी आपको अपनी बहो में भर लेती है तो कुछ देर आप उनसे गले लिपटे रहे फिर अपना एक हाथ लड़की के कमर के पीछे ले जाये और दूसरे हाथ को उनके गले के पीछे रखे और उन्हें बड़ी प्यार से स्पर्स करे और लड़की के कंधो को चूमे अगर अब लड़की आप को बिना किसी विरोध  के  और कस के गले लागए रहती है तो ये स्थिती चुम्बन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है आप अब किस के लिए तैयार हो जाये

5. उनके इसरो को समझने की कोसिस करे

कुछ लडकिया बहूत सर्मिली होती है वह अपने भावनाओ को खुल के शो प्रकट नहीं करती लेकिन बाकि लडकिया अपनी भावनाओ को खुल कर जाता ती है और यह आपके लिए सबसे जरुरी चीज़ है की आप उनके इसरो को समझ पाए अगर वह आप में रूचि रखती है तो वह आप से बाते करंगे जोक करेंगी और आप का ध्यान आकर्षित करना चाहेंगी वह आपकी अंको में देखने की कोसिस करेंगी और सरमायेंगी भी वह अपने बालो को बार बार संवारेंगी और अपने होटो को एक दूसरे से काटेंगी और जब भी आपसे उनका स्पर्स होगा उनकी दिल की धड़कन बढ़ जाएगी और वह तेजी से साँस लेंगी│

6. अपना चेहरा धीमे से उसकी तरफ बढ़ाये

इस संकेत को सभी जानते है कि आप किस के लिए बढ़ रहे हैं। यह उसे चुनाव देगा जिससे आपको पता चल सके कि वह इस किस के लिए असहज है और आप थप्पड़ खाने से भी बच सकेंगे। अपनी आँखे तब तक बंद नहीं करे जब तक आप किस करने ही वाले हैं।

7. होंटो से होंटो को टच करे

आप अपने दोनों हाथ लड़की की गर्दन पर रखें इससे उनके अंदर एक अजीब सा अहसास उत्पन्न होता है और वो अपनी आँखें बंद करके अपने होंठो को चुम्बन के लिए ऊपर कर लेती है. आप अपने होंठो को उनके होंठो से लगायें और उन्हें धीरे धीरे चुम्बन करें. आप लड़की की भावनाओं को बढ़ाने के लिए कुछ देर उनके होंठो के साथ भी शरारत कर सकते हो. अब लकी को हाथो को अपने हाथ में लेकर भी चुम्बन कर सकते हो, या उनके हाथो को अपने कंधे पर रखें और अपने हाथो से उनकी कमर को पकड़ कर उन्हें अपने पास करके चुम्बन करें और यदि लड़की आपके गले लगकर चुम्बन करना चाहती है तो आप उनकी गालो और बालो में हाथ रख कर उन्हें चुम्बन करें. अब आप चाहो तो उन्हें फ्रेंच किस भी कर सकते हो. जिसमे आप अपनी जीभ से उनकी जीभ के साथ छेड़छाड़ करते हो और उसे चूसते हो│

8. जीभ का उपयोग करे (फ्रेंच किसिंग)

किश  करते  वक्त  अपनी  जीभ  का  भी  उसे  करे ये  भी  आपके  साथ  को  एच  लग  सकता  है। जब आप अपने साथी के साथ चुम्बन की अवस्था में हो और आप अपने दोनों होटो से अपने साथी के होटो को चुम रहे हो तो कोसिस करे की अपने जीभ को भी थोड़ा घुमाये और साथी के होठो का स्पर्स कराये और यदि आपका साथी भी इस अवस्था में आपका साथ दे रहा है तो आप अपने जीभ का उपयोग कर के चुम्बन का भरपूर आनंद ले सकते है । अपने साथी के निचले होंठ के अंदर अपनी जीभ को झुकाएं धीरे-धीरे और हल्के ढंग से आगे बढ़ने की कोशिश करें, बढ़ती गति और दबाव केवल तभी करें जब आपका साथी अच्छा जवाब दे रहा हो।अपने साथी के मुंह के अंदर अपनी जीभ की तरफ स्लाइड करें और धीरे-धीरे उसे अपनी जीभ की नोक के ऊपर ले जाएँ। प्रकाश, गतिशील गति का प्रयोग करें और अपनी जीभ को आगे बढ़ते रहें।

9. अपने साथी के होटो को हलके से काटे (वैकल्पिक)

किश  करते  समय  अपने लिप्स  के  साथ  टीथ  का  भी  उसे  करे ज्यादा  तर लोग  टीथ  का  उपयोग  नही  करते  पर  आपका  एक  हल्का  सा  टीथ  का  काटना  अछा  लग  सकता है आपके साथी को । जब आपके होंठ बंद हो जाते हैं, तो अपने दांतों को अपने साथी के निचले होंठ पर रखें और धीरे-धीरे वापस खींचें, जब तक आपके दाँत लगभग होंठ के अंत में न हों। एक पल के लिए रोकें, फिर हमेशा की तरह चुंबन फिर से शुरू करें। अस्वीकृति के लिए तैयार रहें हर कोई अपने चुंबन के साथ दांतों की तरफ पसंद नहीं करता यदि आपका साथी अच्छी तरह से प्रतिक्रिया नहीं करता है, तो नाराज़ न होने की कोशिश करें – यह संभवतः व्यक्तिगत स्वाद की बात है, आपकी तकनीक में कोई चूक नहीं है।

10. किश को धीरे धीरे ख़तम करे

किश  जब  ख़तम  करनी  हो  तो  धीमे  धीमे  ख़तम  करे  और  लास्ट  में  एक  दो  छोटी  किश  भी  करे जो  आपके   पाटनर  को  बहोत  अछि  लगेंगी  है। अपनी साथी की प्रतीक्षा करे की कब वह अपने चुम्बन के जूनून तक पहुँचता है फिर अपने साथी से बड़ी ही विन्रमता से अलग हो जाये जिससे की आपका साथी आपको और चूमना चाहेगा और आप इस मौके का भरपूर फ़ायदा उठाये और चुम्बन का मज़ा ले।

हमें यकीन है की आपको हमारे ये टिप्स जरूर पसंद आएंगे और आप इनका उपयोग जरूर करेंगे। एक अछे किश की नीव होती है तरोताज़ा साँसे और आपके महकते जिस्म जिससे आप अपनी गर्लफ्रेंड को मदहोस कर सके।  हमारे इस लेख से आप समझ गए होंगे की किश के लिए सिर्फ होटे ही नहीं बल्कि पूरा सरीर आपका स्वाभाव और आपका आपकी गलफ्रेंड साथ केमस्ट्री भी बहूत जरुरी है। तभी जाकर आप एक अछे और यादगार चुम्बन का स्वाद चख पाएंगे।

 

 

किस (चुम्बन ) करने के तरीके- Kiss Karne ke Tarike

किस (चुम्बन ) अपने प्यार को प्रदर्सित करने का एक तरीका है। जब भी हमें अपने पार्टनर पर प्यार आता है तब हम किस करके अपना प्यार जाहिर करते है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि रिलेशनशिप में किस करने से रिश्ते को और मजबूती मिलती है। एक प्यार से भरा हुआ चुम्बन दोनों प्रेमियों की दिनभर की थकान को ख़त्म करने के लिए काफी होता है। यदि किश को और ज्यादा रोमांटिक तरीके से लिया जाये तो यह उत्तेजना को और अधिक बढ़ाने का काम करता है। जब बात किस की हो रही है तो आपको बता दें कि किस कई तरह से की जा सकती है। तो आइये आज हम किस करने के कुछ तरीको के बारे में जाने

जानिये किश करने के तरीके

article-l-20155126171525621250001. हाथ पर चुंबन

यह तब होता है जब आप अपनी उंगलियों से अपने साथी के हाथ को धीरे से पकड़ लेते हैं और हथेली के पीछे चुंबन करते हैं। यह एक चतुर चाल है और जो आपकी प्रशंसा और किसी के लिए जुनून को दिखाता है जब आप अपनी फ्रेंड के आखों मे आखें डालकर उसके हाथ पर किश करते हैं।

2. माथे पर चुंबन

माथे पर एक चुंबन प्रशंसा की एक सौम्य अभिव्यक्ति है आमतौर पर रोमांटिक बाद में कुछ के लिए यह दोस्ती का एक चुंबन या स्टार्टर चुंबन है। इस प्रकार के चुंबन से प्यार और विश्वास के साथ अपने प्रेम संबंध में सुधार होता है।

3. एस्किमो चुंबन

एस्किमो चुंबन में, दो लोग एक दूसरे के खिलाफ आगे और पीछे अपनी नाक रगड़ते हैं यह वास्तविक चुंबन पर आधारित है जो कि एस्किमो संस्कृतियों के लोग अपने दोस्तों को देते हैं। यह स्नेही और प्रायः माता-पिता से अपने बच्चे को दिया जाता है ।

4. गाल पर चुंबन

जब आप अपने फ्रेंड को बाहों मे भरकर उसके गालों पर नोर्मल प्रकार से किश करते हैं।  चुंबन बिल्कुल वैसा ही होता है, जैसे किसी की गाल के खिलाफ एक बंद मुंह चुंबन। गाल के चुंबन को दोस्ताना अभिवादन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है या अपने प्रेमी या प्रेमिका को अलविदा कहने के लिए ।

5. बटरफ्लाई किस

बटरफ्लाई किश एक मिठास और कोमलता से भरा हुआ चुम्बन है। यह आपको अपने लवर के प्रति जुनून, प्यार और स्नेह अभिव्यक्त करने का सबसे अच्छा माध्यम है। ये एक ऐसी किस है जिसमें एक दूसरे के होठ नहीं मिलते है लेकिन इस बात में कोई दोराय नहीं है कि ये बेहद रोमांटिक होती है। इस किस में आप दोनों को इतना करीब आना होता है ताकि आपकी आईलैशेज एक-दूसरे से टकराएं।

6. सिंगल लीप किश

इसमे आपके फ्रेंड का एक होंठ आपके होंठ पर रहता है। और आपका एक होंठ भी आपके फ्रेंड के एक होंठ पर होता है। और आप अपने साथी के होटो को चूसते है इसे ही सिंगल लीप किश कहते है। ज्यादातर चुंबन प्रेमियों का मानना है की दूसरे किसो से या बहुत प्यारी है।

7. बिगिनर्स किश

जैसा कि इसका नाम है, इस चुम्बन को होठों के नॉर्मल स्पर्श के साथ लिया जाता है। अपने होंठो को ब्रश के जैसे उपयोग करके या फिर हल्का सा दबाकर किसी लॉलीपॉप की तरह अपने लवर के होंठो का आनंद लें। इसमें कोई अतिरिक्त प्रयास की जरुरत नहीं है। अपने प्रेमी होंठो को चूमने के बाद धीरे-धीरे उसके गाल, कान और गर्दन को चूमकर इस किश को अंजाम दिया जाता है।

8. फ्रेंच किश

ये किस हर जोड़ी की पसंदीदा होती है, ये बहुत ही भावनाओं से भरी किस होता है। इस किस में पहले दोनों के होठ मिलते है और फिर जीभ। आपको बता दें कि फ्रेंच किस पूरी दुनिया में लोकप्रिय मानी जाती है। इस चुम्बन को डीप किश भी कहा जाता है। फ्रेंच किश किसी भी रोमांटिक जोड़े का सबसे पसंदीदा चुम्बन होता है। इस चुम्बन को लेने के लिए आप अपने लवर के बिलकुल सामने आएं और उसके मुह की कोमल त्वचा में अपनी जीभ डालकर उसे चारों तरफ घुमाएं। इसके साथ ही अपने होंठों को अपने लवर के होंठों के साथ कसकर दबाये रखें।

9. इयरलोब किस

जब आप अपने फ्रेंड के कान के नीचे वाले भाग मे किश  करते हैं तो यह ईयरलोब  किश  कहलाता है। इसका असर लड़कियों पर सबसे अधिक हो जाता है। इसका प्रयोग लड़कियों को रोमांटिक बनाने के लिये किया जा सकता है। यह बहुत ही प्रभावी किश  होता है।  ये किस भी अपने प्यार को जाहिर करने का अनोखा तरीका है। इसमें आपको अपने पार्टनर के कान पर हल्के से इयरलोब पर काटना होता है। आपको बता दें कि ये हिस्सा बहुत ही नाजुक होता है इसको करने के बाद पुरुष अपने आप को चाहकर भी रोक नहीं सकते है।

10. लिँगेरिंग किश

यहां पर आप अपने फ्रेंड के लिप्स को लम्बे समय तक kiss करते हैं। यह तीव्र भावना और जुनून से भरा होता है और अक्सर नए प्रेम के लिए आरक्षित होता है।

11. बाईट एंड  निबल  किश

इसके अंदर लवर अपने लवर के एक होंठ को प्यार से अपने दांतों के नीचे दबा लेता है। जबकी दूसरा लवर कोई भी एक्टिविटी नहीं करता है। जैसे एक लड़की अपने फ्रेंड के एक होंठ को अपने दांतों के नीचे दबा लेती है। जबकि लड़का उस वक्त लड़की को किश नहीं कर रहा होता है।

12. हिक्की किस

आप इस किस को तब ट्राय कर सकते है जब आपमें ज्यादा जोश हो। इस किस में आपको अपने पार्टनर के किस कर के सक करना होता है। इससे आपके शरीर के उस हिस्से पर लव बाइट का निशान पड़ जात है जिसको हिक्की किस कहा जाता है।

वैसे किश के और भी कई प्रकार होते हैं पर हमने उन सभी का यहां पर जिक्र नहीं किया है। बस कुछ सामान्य प्रकार के किश जैसे फ्रेंच, किश लीप किस के बारे में हमने यहां पर आपको बताया है।

किसिंग टिप्स इन हिंदी- Kissing Tips in Hindi

सभी प्रेमियों के बीच किश ही प्यार का इज़हार करने का सबसे बड़ा माध्यम है। आप अपने लवर से कितना प्यार करते है इसका सबूत आप किश के जरिये ही देते हैं।

जाम पर जाम पिने से क्या फायदा रात  गुजरी तो उतर जाएगी,
किसी की होटो से पीओ खुदा की कसम,
उम्र सारी नशे में गुजर जाएगी।

आखिरकार चुम्बन भी सम्भोग की तरह कामुक्ता से भरा होता है लेकिन देखा जाये तो किश सम्भोग से जादा यादगार होते है। किश सिर्फ होटो और जीभ का मिलान नहीं होता इसमें सभी इन्द्रिया सक्रिय हो जाती है। अगर आप किश करने में बहूत अनुभवसिल नहीं है तो भी आप हमारी इन कुछ टिप्स के जरिये अपने प्रेमी के साथ चुम्बन का भरपूर आनंद ले सकते है और अपने प्यार के समभंद को और मजबूत कर सकते है ।
प्रेमियो के लिए किसिंग का कोई उपयुक्त टाइम और स्थान नहीं होता है। लेकिन अगर आप अपने किश को खास बनाना चाहते है तो चलिए आज हम आप को बताते है कुछ स्पेशल किसिंग टिप्स ।

किसिंग टिप्स इन हिंदी

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1. तरोताजा ( फ्रेश) रहे

यह एक व्यावहारिक सी बात है लेकिन बहुत से लोग ये गलतिया करते है की बिना अपने सांसो की बदबू को हटाये किश करने की गलती कर बैठ ते है और उनके साथी के लिए यह एक बुरा अनुभव बनकर ही रह जाता है साथ ही साथ उन्हें भी सर्मिन्दा होना पड़ता है। तो कृपया किश करने से पहले माउथ फ्रेशनर का उपयोग जरूर करे जो आपकी किश को यादगार बनाने में पूरी तरह मदद करेगा।

2. किश के लिए माहौल बनाये

आप अपने साथी के साथ थोड़ा समय बीतए कही एकांत में उनसे उनकी तारीफ करे उनकी आँखों में आंखे डालकर उनसे प्यार भरी बाते करे उनसे कहे की उनकी स्माइल बहुत अछि है और उनके काफी नजदीक जाकर बाते करे उन्हें अपनी सांसो की गर्मी महसूस होंने दे और खुद उनके सांसो को महसूस करे जिनसे दोनों साथियो में एक अजीब सी उत्तेज़ना पैदा होगी और दोनों खुद ही एक दुसरो को किश करने के लिए आगे बढ़ेंगे। ऐसा करने के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप पूरी तरह से उस पल में घुल जाते है और अपने साथी होंठ का स्पर्श महसूस करते हैं, जिस तरह से वे गंध करते हैं गंध चुंबन में अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है।

3. किसी और चीज के बारे में न सोचे

एक बार माहौल बन जाने के बाद किसी और चीज के बारे में न सोचे और सीधा किश के लिए आगे बढे और बड़ी कोमलता के साथ अपनी होटो से साथी के होटो को स्पर्स करे फिर उनकी आँखों में देंखे और फिर उनकी होटो को अपने होटो में भरकर चूसना चालू करे। साथी को पहला किस बहुत देर तक न करे बल्कि कुछ लम्हो के लिए अपने साथी को अपने किश का अहसास दिलवाकर दूर हो जाये । लेकिन ध्यान रहे अगर आपका साथी आपको अधिक देर तक किस करना चाहता है तो उसे करने दे।

4. अपने हाथ का उपयोग करें

अपने हाथो को खाली न रहने दे उनका उपयोग करे अपने साथी को अपने नजदीक लेकर अपनी बांहो में बहरे अपने दोनों हाथो से उनके सर को पकड़ कर उनके बालो को सहलाये उनको कमर के पीछे अपने हाथ से स्पर्स करे उनके गर्दन और कंधो पर अपना स्पर्स महसूस करवाये ।

5. जीभ का उपयोग करे (फ्रेंच किसिंग)

किश करते वक्त अपनी जीभ का भी उसे करे ये भी आपके साथ को एच लग सकता है। जब आप अपने साथी के साथ चुम्बन की अवस्था में हो और आप अपने दोनों होटो से अपने साथी के होटो को चुम रहे हो तो कोसिस करे की अपने जीभ को भी थोड़ा घुमाये और साथी के होठो का स्पर्स कराये और यदि आपका साथी भी इस अवस्था में आपका साथ दे रहा है तो आप अपने जीभ का उपयोग कर के चुम्बन का भरपूर आनंद ले सकते है । अपने साथी के निचले होंठ के अंदर अपनी जीभ को झुकाएं धीरे-धीरे और हल्के ढंग से आगे बढ़ने की कोशिश करें, बढ़ती गति और दबाव केवल तभी करें जब आपका साथी अच्छा जवाब दे रहा हो।अपने साथी के मुंह के अंदर अपनी जीभ की तरफ स्लाइड करें और धीरे-धीरे उसे अपनी जीभ की नोक के ऊपर ले जाएँ। प्रकाश, गतिशील गति का प्रयोग करें और अपनी जीभ को आगे बढ़ते रहें।

6. अपने साथी के होटो को हलके से काटे (वैकल्पिक)

किश करते समय अपने लिप्स के साथ टीथ का भी उसे करे ज्यादा तर लोग टीथ का उपयोग नही करते पर आपका एक हल्का सा टीथ का काटना अछा लग सकता है आपके साथी को । जब आपके होंठ बंद हो जाते हैं, तो अपने दांतों को अपने साथी के निचले होंठ पर रखें और धीरे-धीरे वापस खींचें, जब तक आपके दाँत लगभग होंठ के अंत में न हों। एक पल के लिए रोकें, फिर हमेशा की तरह चुंबन फिर से शुरू करें। अस्वीकृति के लिए तैयार रहें हर कोई अपने चुंबन के साथ दांतों की तरफ पसंद नहीं करता यदि आपका साथी अच्छी तरह से प्रतिक्रिया नहीं करता है, तो नाराज़ न होने की कोशिश करें – यह संभवतः व्यक्तिगत स्वाद की बात है, आपकी तकनीक में कोई चूक नहीं है।

7. किश को कैसे ख़तम करे

किश जब ख़तम करनी हो तो धीमे धीमे ख़तम करे और लास्ट में एक दो छोटी किश भी करे जो आपके पाटनर को बहोत अछि लगेंगी है। अपनी साथी की प्रतीक्षा करे की कब वह अपने चुम्बन के जूनून तक पहुँचता है फिर अपने साथी से बड़ी ही विन्रमता से अलग हो जाये जिससे की आपका साथी आपको और चूमना चाहेगा और आप इस मौके का भरपूर फ़ायदा उठाये और चुम्बन का मज़ा ले।

हमें यकीन है की आपको हमारे ये टिप्स जरूर पसंद आएंगे और आप इनका उपयोग जरूर करेंगे और चुम्बा का आनंद उठायंगे। एक अछे किश की नीव होती है तरोताज़ा साँसे और आपके महकते जिस्म जिससे आप अपने साथी को मदहोस कर सके तो हमारे इस लेख से आप समझ गए होंगे की किश के लिए सिर्फ होटे ही नहीं बल्कि पूरा सरीर आपका स्वाभाव और आपका आपके साथी के साथ केमस्ट्री भी बहूत जरुरी है। तभी जाकर आप एक अछे और यादगार चुम्बन का स्वाद चख पाएंगे।

हिचकी रोकने के घरेलू उपाय

हिचकी आना आम बात है। हालाकि हिचकी आना कोई गंभीर समस्या नहीं है किन्तु कई बार लोगों को इतनी अधिक हिचकी आती है कि वे परेशान हो जाते हैं।भारत में परम्परानुसार यह बात चली आ रही हैं कि जब भी किसी को हिचकी आती है तब उसे कोई याद कर रहा होता है और सही नाम लेने पर हिचकी रुक जाती है। इसी तरह एक और लोकप्रचलित विश्वास है कि जब किसी को हिचकी आये तब अचानक उसे किसी तरह का शारीरिक या मानसिक झटका देने से हिचकी रुक जाती है। पीड़ित का ध्यान बंटाने के लिए खोजे गए पारंपरिक उपाय के रूप में यह ठीक है। पर इसके पीछे जो वैज्ञानिक कारण है उसे जान लेना आवश्यक है।हमारी छाती और पेट के बीच एक पर्दा है जिसे डायाफ्राम (Diaphragm) कहते है।साँस लेते समय फेफड़ों में हवा आती-जाती है और यदि यह प्रवाह गड़बड़ा जाती है तो डायाफ्राम फड़कने लगता है और हिचकी आने लगती है।डायाफ्राम को नियंत्रित करने वाली नाड़ियों में जब कुछ उत्तेजना होती है तब डायाफ्राम बार-बार सिकुड़ता है और हमारे फेफड़े तेजी से हवा को अन्दर खींचते हैं जिसके कारण हिचकी आने लगती है।हिचकी की समस्या वैसे तो खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है मगर कई बार हिचकी इतनी अधिक बढ़ जाती है कि उसे रोकने के लिए अनेक प्रयत्न करने पड़ते हैं। हिचकी आने के कुछ कारण हैं।जैसे,जल्दी-जल्दी खाना, व्याकुलता, धूम्रपान और मद्यपान, जरुरत से ज्यादा खाना, मसालेदार खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, अधिक तीखे खाने का सेवन, अचानक गर्म या ठन्डे मौसम के कारण, अचानक गर्म या ठन्डे खाने का सेवन, जठरांत्र की स्थिति, तंत्रिका तंत्र में कोई संक्रमण आदि।

हिचकी रोकने के घरेलू नुस्खें

Hiccups

  1. साँस को थामकर रखना : साँस को कुछ समय के लिए रोककर हिचकी बंद करने की विधि प्राचीन काल से अपनाई जाती रही है।इससे खून मेंकार्बनडाइऑक्साइड (Carbon dioxide) की मात्रा बढ़ जाती है और पीड़ित का ध्यान भी हिचकी से दूसरी तरफ चला जाता है, जिसके फलस्वरूप हिचकियाँ बंद हो जाती है। एक गहरी साँस लें और फिर उसे तब तक थामे रखें जब तक आप रख सकते हैं। अब धीरे-धीरे साँस को छोड़े। इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएँ और तब तक दोहराएँ जब तक हिचकी बंद न हों।
  2. चीनी : चीनी हिचकी का एक बहुत ही अच्छा इलाज है, खास तौर से छोटे बच्चों के लिए। चीनी को निगलने से हिचकी बंद हो जाती है।एक चम्मच में सफेद या भूरी चीनी लें और मुँह में डालें। पांच सेकंड (Second) चीनी को अपने मुँह में ही रखें। चीनी को बिना चबाये मुँह में ही घुलने दें।फिर एक घूंट पानी पीकर उसे निगल लें।बड़े भी इस उपचार को कर सकते हैं पर जिन्हें मधुमेह है वो इस उपचार को न करें।
  3. सिरका: सिरका हिचकी दूर करने का एक प्रभावी उपाय है। इसके खट्टे स्वाद के कारण पीड़ित का ध्यान भटक जाता है और हिचकी बंद हो जाती है।आधा चम्मच सिरके को पानी में घोलकर पी लें। इससे हिचकी बंद हो जायेगी। आप सेब के सिरके का प्रयोग भी कर सकते हैं।
  4. मूंगफली या बादाम का मक्खन (Peanut butter): मूंगफली या बादाम का मक्खन चिपचिपा होता है जिसे खाने से हिचकी बंद हो जाती है। एक चम्मच मूंगफली या बादाम के मक्खन को मुँह में डालें और कुछ समय के लिए अपने मुँह में रखकर निगल लें। जरुरत पड़ने पर इसके बाद एक गिलास पानी भी पी सकते हैं।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  5. नींबू : हिचकी को रोकने में नींबू बहुत ही कारगर है। नींबू का खट्टा स्वाद उत्तेजित नसों को शांत करके हिचकी को बंद कर देता है। आधा चम्मच नींबू का रस बिना पानी मिलाये अपने मुँह में डाल दें।आपको लगेगा कि उसे जल्द ही निगल जाएँ, पर कोशिश करें नींबू के रस को कुछ समय के लिए अपने मुँह में रखने की, फिर कुछ देर बाद उसे निगल लें।इससे आपकी हिचकी तुरंत बंद हो जायेगी।इसके अलावा आप आधे नींबू में नमक छिड़ककर भी चूस सकते हैं।इस तरह भी आपको हिचकी से राहत मिलेगी।अथवा एक चम्मच नींबू के रस में आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटने से भी हिचकी की समस्या से राहत मिलेगी।
  6. इलाइची :इलाइची हिचकी को रोकने में मदद करती है। एक चम्मच इलाइची के चूर्ण को एक गिलास गर्म पानी में घोल लें। पंद्रह मिनट के बाद उस पानी को छानकर पी लें।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  7. हथेली को अंगूठे से दबायें : हिचकियाँ आने पर अपनी दायीं हाथ की हथेली को बाएँ हाथ के अंगूठे से दबाएँ फिर बायीं हाथ की हथेली को अपने दायें हाथ से दबाएँ। आप अपने बाएँ हाथ के अंगूठे की गोलाई को भी दबा सकते हैं।इससे आपकी नसों पर प्रभाव पड़ेगा और इससे होने वाले दर्द से आपका ध्यान बंट जायेगा और हिचकियाँ बंद हो जायेगी।
  8. ठंडा पानी : हिचकियाँ आने पर ठन्डे पानी का सेवन करें।इससे आपके शरीर के अवयवों को झटका लगेगा और हिचकियाँ रुक जायेंगी।इसके अलावा आप ठन्डे पानी से गरारा भी कर सकते हैं।अथवा आप एक छोटा बर्फ का टुकड़ा लेकर चूस भी सकते हैं।इन सभी प्रकियाओं से आपको हिचकियों से राहत मिलेगी।
  9. पानी : सामान्य तौर पर पानी पीने से हिचकियाँ बंद हो जाती है। पानी पीने से डायाफ्राम (Diaphragm) अपने निश्चित स्थान पर पहुँच जाता है और हिचकियाँ रुक जाती हैं।आप साँस रोककर भी पानी पी सकते हैं, इससे भी आपकी हिचकियाँ ठीक हो जाएँगी।
  • अदरक : हिचकियों का प्रभावी उपचार करने के लिए ताजे अदरक के टुकड़ों को चूसना कारगर है। इससे तत्काल लाभ मिलता है।
  1. कागज के बने बैग (Bag) में साँस लें :हिचकी दूर करने के लिए कागज के बने बैग में मुँह डालकर साँस लें। ऐसा करने से शरीर में कार्बनडाइऑक्साइड (Carbon dioxide) की मात्रा बढ़ जाती है, फलस्वरूप साँस लेने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और उससे पेट जल्दी-जल्दी अन्दर-बाहर होने लगता है जिसके प्रभाव डायाफ्राम (Diaphragm) पर पड़ता है और हिचकी बंद हो जाती है।एक छोटे से कागज के बैग को अपने मुँह के चारों तरफ इस प्रकार बांध लें जिससे बाहर की हवा अंदर न जाये।अब धीरे-धीरे गहरी साँस लें।इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएँ जब तक कि आपकी हिचकी बंद नहीं हो जाती। दिल के मरीज इस उपचार को बिल्कुल न करें।
  2. काली मिर्च : हिचकी रोकने के लिए काली मिर्च भी फायदेमंद है।काली मिर्च के तीन दानों को आधा तोड़कर थोड़ी-सी चीनी या मिश्री के कुछ दानों के साथ अपने मुँह में रखकर चूसने से हिचकियाँ बंद हो जायेगी।
  • टमाटर : हिचकी की समस्या को रोकने का आसान उपाय टमाटर है।जब भी आपको हिचकी आये तो आप एक टमाटर को धोकर अपने दाँतों से काटे और खायें।इससे आपको हिचकी से राहत मिलेगी।
  • दही : दही का खट्टा स्वाद हिचकी को रोकने में मदद करता है। एक कप दही में थोड़ा-सा नमक मिलाकर धीरे-धीरे उसका सेवन करें।इस उपचार से हिचकी बंद हो जायेगी।
  • सरसों के दाने और घी या मक्खन : हिचकी रोकने के लिए आधे चम्मच सरसों के दानों को आधे चम्मच शुद्ध घी या मक्खन के साथ मिलाकर निगल जायें।इस उपचार से हिचकी तुरंत रुक जायेगी,पर सरसों के दानों को सावधानी से निगले, ताकि वे गले से आसानी से उतर जाये।
  1. शहद :शहद हिचकी को बंद करने का कारगर उपाय है।हिचकी रोकने के लिए एक चम्मच शहद को गले में रखकर बिना निगले नौ तक गिने फिर शहद को निगल लें। इससे हिचकी बंद हो जायेगी।
  • कानों को बंद करें : हिचकी रोकने के लिए अपने कानों को हाथों से बीस से पच्चीस सेकंड (Second) के लिए बंद करें।इसके अलावा अपने कानों के मुलायम भाग जिसे इयरलोब (Ear lob) भी कहते है, उसे कुछ देर के लिए दबाकर रखें। इससे हिचकी से राहत मिलेगी।
  • ब्रेड (Bread) या पाव :हिचकी रोकने के लिए ब्रेड या पाव को सूखा चबाकर निगल जायें। इससे हिचकी तुरंत बंद हो जायेगी।
  • मिश्री : हिचकियाँ आने पर मिश्री के दानों को मुँह में रखकर तब तक चूसे जब तक मिश्री आपके लार से मिलकर एकदम घुल न जाये। इसके बाद एक गिलास पानी पी लें। इससे हिचकियाँ बंद हो जायेगी।जिन्हें मधुमेह की बीमारी हैं वे इस उपचार को न अपनाएँ।
  • जीभ बाहर निकालकर रखें : हिचकियों को जल्दी रोकने के लिए अपनी जीभ को कुछ देर बाहर निकालकर रखें।इससे गले के बीच के भाग को आराम मिलता है और वह भाग अच्छे से खुल जाता है जिसके कारण आपको साँस लेने में आसानी होगी।इस प्रक्रिया से आपकी हिचकियाँ आनी बंद हो जायेगी।

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उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर हिचकी से छुटकारा मिल सकता है।यदि तंत्रिका या जठरांत्र आदि से जुड़ी किसी समस्या के कारण हिचकी आ रही हो तो तुरंत किसी चिकित्सक की सलाह लेकर उपयुक्त जाँच करवाएं।हिचकी रोकने के लिए घरेलू नुस्खों के साथ कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक हैं, जैसे :

  • धूम्रपान और मद्यपान से परहेज करें।
  • जल्दबाजी में न खायें।
  • जरुरत से ज्यादा न खायें।
  • मानसिक तनाव और चिंता से दूर रहें।
  • अधिक तीखा और मसालेदार खाना न खायें।

बहुत अधिक गर्म और बहुत अधिक ठन्डे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

स्वप्नदोष (Nightfall) से बचने के लिए घरेलू उपाय

अपने नाम के विपरीत स्वप्नदोष (Nocturnal Emission or Wet Dream) कोई दोष न होकर एक स्वाभाविक दैहिक क्रिया है जिसके अंतर्गत एक पुरुष को नींद के दौरान वीर्यपात (स्खलन) हो जाता है । सामान्य अवस्था में स्त्री और पुरुष के सम्मिलन की चरमावस्था पर पुरुष का वीर्य स्खलित होता है या यह कहा जा सकता है कि सम्भोग की चरम सीमा पर पुरुष का वीर्य स्खलित होता है । लेकिन स्वप्नदोष एक ऐसी अवस्था या प्रक्रिया है जिसमें पुरुष केवल स्वप्न में स्त्री की उपस्थिति को महसूस करके कल्पना में ही सम्भोग करता है और उस मानसिक सम्भोग की पूर्णता से पहले अथवा पूर्णता पर वीर्य का स्खलन हो जाता है । इस असामान्य दशा को स्वप्नदोष कहते है । इस प्रक्रिया में चाहे पुरुष का लिंग तना हुआ हो या न हो, वीर्य लिंग से अपने-आप ही बाहर निकल जाता है । प्रायः अविवाहित युवकों तथा किशोरों को रात में सोते समय स्वप्न में वीर्यपात हो जाता है ।

वास्तव में स्वप्नदोष कोई रोग नहीं है पर जब इसके कारण व्यक्ति के दिमाग में तनाव घिर जाता है तब यही आगे चलकर रोग का रूप धारण कर लेता है । स्वप्नदोष में रोगी शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से सम्भोगावास्था में होता है किन्तु कभी-कभी यही स्थिति व्यक्ति को मानसिक रूप से दुर्बल और कुंठित कर देती है । शुरू-शुरू में यह रोग स्वप्न से संबंधित होता है, परन्तु कुछ समय बाद मानसिक स्थिति इतनी कमजोर हो जाती है कि वैसे ही सोये रहने पर लिंग उत्तेजित हो जाता है और बिना स्वप्न के ही वीर्य स्खलन होने लगता है । स्वप्नदोष बड़े होने का स्वाभाविक हिस्सा है । कुछ लोगों को हफ्ते में कई बार स्वप्नदोष होता है और कुछ को अपनी पूरी जिंदगी में केवल कुछ ही बार स्वप्नदोष होता है । जैसे-जैसे व्यक्ति उम्र में बड़ा होता जाता है, स्वप्नदोष होने की संभावना उतनी ही घट जाती है । यह प्रक्रिया महीने में अगर एक या दो बार ही हो तो वह सामान्य बात है ।

किन्तु यदि यह इससे ज्यादा बार या रोजाना हो तो वीर्य या शुक्र की हानि होती है और व्यक्ति को कमजोरी महसूस होती है । स्वप्नदोष के कई कारण हो सकते हैं, जैसे; किशोरावस्था एवं युवावस्था में विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण, कामुकता, हस्तमैथुन, अश्लील साहित्य व अश्लील चलचित्रों का अवलोकन, अत्यधिक गर्म पदार्थों का निरंतर सेवन, व्यायाम न करना आदि । स्वप्नदोष के कारण पुरुषत्व की हानि नहीं होती और न ही यौन संबंधी कोई दुर्बलता होती  है । हालाकि स्वप्नदोष कोई रोग नहीं है पर यदि स्वप्नदोष के बाद सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी, शिथिलता आदि दिखाई दे, तो इसके इलाज की ओर उन्मुख होना चाहिए ।

स्वप्नदोष से बचने के लिए घरेलू नुस्खें

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  1. धनिया : धनिया के दाने व मिश्री के दानों को बराबर मात्रा में लेकर अच्छे से पीसकर चूर्ण बना लें । अब उसी चूर्ण में से पाँच ग्राम लेकर एक गिलास पानी में मिलाये और सुबह उसी पानी को पीयें । लगभग एक सप्ताह तक रोजाना इस उपचार को करने से स्वप्नदोष की समस्या खत्म हो जाती है ।
  2. लौकी का रस : लौकी का रस पाचन तंत्र को ठीक रखता है और स्वप्नदोष की समस्या को दूर करता है । रात को सोने जाने से पहले आधा गिलास लौकी का ताजा रस पीने से स्वप्नदोष में फायदा होगा ।
  3. आँवला : आंवला आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है । आंवले में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) शरीर के खराब तत्व या टोक्सिन (Toxin) को बाहर निकाल देता है । स्वप्नदोष से बचने के लिए रोजाना एक से दो गिलास आंवले का रस पी सकते या एक गिलास पानी में एक से दो चम्मच आँवले का चूर्ण मिलाकर भी ले सकते हैं । बेहतर परिणाम के लिए आप आंवले के रस या उसके चूर्ण के साथ एक चम्मच शहद और थोड़ी-सी हल्दी भी मिला सकते हैं । इसके निरंतर सेवन से स्वप्नदोष की समास्या दूर हो जायेगी ।
  4. लहसुन : लहसुन में आवश्यक तत्व है जो स्वप्नदोष को नियंत्रित करने में मदद करता है । सोने जाने से पहले तीन से चार लहसुन की कलियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर एक गिलास पानी के साथ मिलाकर उसका सेवन करें । रोजाना इसके सेवन से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जायेगी ।
  5. प्याज : यह प्रमाणित हो चुका है कि जो व्यक्ति अधिक मात्रा में प्याज का सेवन करता है उसे स्वप्नदोष की समस्या नहीं होती क्योंकि प्याज स्वप्नदोष की संभावना को कम कर देता है । इसलिए स्वप्नदोष से बचने के लिए कच्चे प्याज का सेवन करें । अपने रोजाना के खाद्य के साथ कच्चे प्याज का सेवन कर सकते है या सलाद (Salad) में भी कच्चे प्याज को शामिल कर सकते हैं ।
  6. अनार : अनार स्वप्नदोष का एक बेहतरीन उपचार है । इस फल में एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) है और यह रक्त के प्रवाह को बेहतर करता है । स्वप्नदोष से बचने के लिए अनार का रस या साबुत अनार का सेवन करें । रोजाना और निरंतर एक या दो महीने तक इसके सेवन से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जायेगी ।
  7. दही : दही स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और यह स्वप्नदोष को भी नियंत्रित करने में मदद करता है । रोजाना दिन में दो से तीन बार एक कटोरी दही का सेवन करें । इसके निरंतर सेवन से कुछ ही दिनों में फर्क दिखने लगेगा ।
  8. अच्छी किताबें पढ़े : रात को सोने जाने से पहले कोई अश्लील किताब नहीं बल्कि अच्छी किताबों को पढ़े । अश्लील किताबों को पढ़ने या अश्लील तस्वीरें देखने से वही चीजे आपके दिलों-दिमाग में बैठ जाती है और वही स्वप्नदोष का कारण बन जाता है । अच्छी किताबों को पढ़ने से आप शान्ति से सो पायेंगे और स्वप्नदोष की समस्या भी नहीं होगी ।
  9. अश्लील फिल्में न देखे : स्वप्नदोष का सबसे बड़ा कारण है अश्लील फिल्में देखना । रात को सोने जाने से पहले अश्लील फिल्में बिल्कुल न देखें क्योंकि इस तरह की फिल्में आपको उत्तेजित करते हैं और इसके कारण स्वप्नदोष की समस्या हो सकती है ।
  10. सोने से पहले नहाये : स्वप्नदोष से बचने के लिए सोने से पहले नहाकर सोये । नहाने के टब में जैस्मिन (Jasmine) या लैवेंडर (Lavender) के तेल का प्रयोग कर सकते हैं । इससे आपका शरीर और दिमाग ठंडा रहेगा और नींद भी अच्छी होगी ।
  11. सेलरी (Celery) के पत्तों का रस : सेलरी के पत्तों का रस स्वप्नदोष से निजात दिलाने में मदद करता है । कुछ ताजे सेलरी के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें । दो चम्मच सेलरी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर रात को सोने जाने से पहले लेने से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जाती है । रोजाना निरंतर एक महीने तक इसका सेवन करने से फर्क दिखेगा ।
  12. मेथी के पत्तों का रस : सेलरी के पत्तों की तरह आप मेथी के पत्तों का रस बनाकर भी पी सकते हैं । इसके सेवन से भी स्वप्नदोष की समस्या से निजात मिलेगी । दो चम्मच मेथी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर रात को सोने जाने से पहले लेने से स्वप्नदोष की समस्या में फर्क पड़ेगा ।
  13. पालक : पालक के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें । रोजाना सुबह खाली पेट पालक के इसी रस को पीने से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जायेगी । इस उपचार को एक हफ्ते तक करें, आपको फर्क महसूस होगा ।
  14. बादाम (Almond) का दूध : बादाम के दूध में कई मिनरल (Mineral), विटामिन (Vitamin) और एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ स्वप्नदोष से भी निजात दिलाता है । 6-7 बादाम को कुछ घंटों तक पानी में भीगोकर रखें ताकि उसके छिलकों को आसानी से निकाला जा सके । अब उन सारे बादाम को पीसकर उसे एक गिलास गर्म दूध के साथ मिलायें, साथ ही उसमें आधा चम्मच शहद मिलाये । रात को सोने जाने से आधे घंटे पहले इस दूध का सेवन करें । इसके निरंतर सेवन से स्वप्नदोष की समस्या से दूर हो जायेगी ।
  15. जामुन : जामुन के बीज या गुठली को सुखाकर उसे पीस लें । लगभग पंद्रह दिनों तक रोजाना चार ग्राम की मात्रा में जामुन की गुठलियों के चूर्ण का सेवन करने से स्वप्नदोष की समस्या नहीं रहेगी और शरीर में स्फूर्ति बरकरार रहेगी । इस चूर्ण के सेवन के दौरान खट्टे पदार्थों का सेवन न करें ।
  16. केला : सुबह उठकर केले की फली पर एक चम्मच शहद डालकर खाने से स्वप्नदोष की समस्या से भी निजात मिलता है और साथ ही अनेक वीर्य संबंधी रोग भी समाप्त हो जाते है ।
  17. इलायची : आधा ग्राम छोटी इलायची के दाने, तीन ग्राम धनिया के दाने और दो ग्राम मिश्री को अच्छे से पीस लें । रोजाना सुबह एक चम्मच इसी चूर्ण को पानी के साथ लेने से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जायेगी ।
  18. नीम के पत्ते : रोजाना नीम को ताजे पत्तों को चबाकर खाने से स्वप्नदोष जड़ से खत्म हो जायेगा ।
  19. तुलसी के बीज : स्वप्नदोष से बचने के लिए दो चम्मच तुलसी के बीज को बारीक पीसकर पानी के साथ उसका सेवन करें ।
  20. व्यायाम : व्यायाम आपके शरीर को स्वस्थ रखता है । व्यायाम करके भी स्वप्नदोष से मुक्ति मिल सकती है । भुजंगासन, सर्वांगासन, वज्रासन, पद्मासन, सूर्य नमस्कार, अश्विनी मुद्रा आदि कई योग हैं जिन्हें करके स्वप्नदोष को जड़ से खत्म किया जा सकता है । किसी अच्छे विशेषज्ञ से योग सीखकर नित्य योग या व्यायाम करने से स्वप्नदोष जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है ।

उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर स्वप्नदोष से राहत मिल सकती है । इस बात को हमेशा याद रखें कि स्वप्नदोष कोई रोग नहीं है । कुछ आदतों को बदलने से ही इससे छुटकारा मिल सकता है । लेकिन इन नुस्खों के साथ कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरुरी हैं, जैसे :

  • ऐसे पदार्थों का सेवन न करें जिससे कि आपका पेट गर्म हो या गैस की समस्या हो ।
  • धूम्रपान, मद्यपान से परहेज करें ।
  • अश्लील तस्वीरों, फिल्मों या साहित्य का अवलोकन न करें । अपने विचारों और मन में शुद्धता लायें ।
  • रात को मूत्र त्याग की इच्छा होने पर आलस्य न करें ।
  • कोशिश करें पीठ या पेट के बल न सोने की ।
  • बुरी आदतों को त्यागकर अच्छी आदतों को ग्रहण करें ।
  • रात को सोने जाने से पूर्व ठन्डे पानी से अपने हाथ और पांव को अच्छे से धो लें ।
  • सोने से दो से तीन घंटे पहले भोजन कर लें ।

साइनस के लिए घरेलू उपचार

साइनस नाक का एक रोग है।नाक बंद होना, सिर में दर्द होना, आधे सिर में बहुत तेज दर्द होना, नाक से निरंतर पानी बहना, आँखों के ऊपरी पलकों या दोनों किनारों पर दर्द होना, चेहरे पर सूजन आदि इस रोग के लक्षण हैं। साइनस के मरीज के नाक और गले में कफ जमता रहता हैं।यह रोग होने पर नाक के अन्दर की हड्डी बढ़ जाती है या तिरछी हो जाती है, जिससे श्वास लेने में तकलीफ होती है। इससे पीड़ित व्यक्ति ठंडी हवा, धूल या धुआँ सहन नहीं कर पाता।साइनस ही आगे चलकर अस्थमा और दमा जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देता है।चिकित्सकों के अनुसार साइनस मानव शरीर की खोपड़ी में हवा भरी हुई कैविटी होती हैं, जो हमारे सिर को हल्कापन और श्वास वाली हवा लाने में मदद करती है।श्वास लेते समय अन्दर आने वाली हवा इस थैली से होकर फेफड़ों तक जाती है।इस थैली में हवा के साथ आई गंदगी यानि धूल और दूसरे तरह की गंदगियों को रोकती है और बाहर फेंक दी जाती है।साइनस का मार्ग जब रुक जाता है अर्थात बलगम निकलने का मार्ग जब रुक जाता है तब ‘साइनोसाइटिस’ नामक बीमारी हो सकती है। वास्तव में साइनस का संक्रमण होने पर साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है। सूजन की वजह से साइनस में हवा की जगह मवाद या बलगम आदि भर जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते हैं।इसके कारण माथे पर, गालों और ऊपर के जबाड़ो में दर्द होने लगता है।इस रोग में सर्दी बनी रहती है और कुछ लोग इसे सामान्य सर्दी समझकर इसका इलाज नहीं करवाते हैं।यदि वक्त रहते इसका इलाज न कराया जाए तो ऑपरेशन की नौबत भी आ सकती है।कुछ घरेलू उपायों से साइनस से निजात पाया जा सकता है।

साइनस के लिए कुछ घरेलू नुस्खें

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  1. भाँप : उबलते हुए पानी में नमक डालकर उसे आँच से उतार ले।उसके बाद अपना सिर और उस पानी के बर्तन को एक कपड़े से ढक ले और दस मिनट तक उस गर्म पानी का भाँप ले।इस बात का ध्यान रखे कि इस दौरान पंखा, ए.सी या कूलर बंद रहे।इसके बाद लगभग बीस मिनट तक हवा में न जाएँ।इस प्रक्रिया से साइनस में फर्क पड़ता है।
  2. नाक साफ करना :साइनस में नाक में कफ जम जाता है, ऐसे में जरुरी है कि नाक को साफ रखे।कई लोग शर्म के कारण अपने नाक का बलगम अन्दर की ओर खींच लेते हैं, पर ऐसा करने से नाक बंद हो जाता है, और साँस लेने में असुविधा होती है।इसलिए साइनस के मरीज के लिए अपना नाक साफ रखना आवश्यक है।
  3. दालचीनी : साइनस पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं के लिए दालचीनी बहुत ही प्रभावशाली है। एक गिलास गरम पानी में एक छोटी चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में एक बार पियें।लगातार दो हफ्ते तक इसे पीने से साइनस में फर्क पड़ता है।
  4. नींबू : एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर दो से तीन हफ्तें तक रोजाना सुबह खाली पेट पीने से साइनस की समस्या कम होती है। नींबू में साइनस के दर्द को दूर करने की क्षमता होती है साथ ही यह नाक की नली को भी साफ करता है।
  5. अदरक : अदरक में प्रतिजीवाणु पाये जाते हैं, जो साइनस के दर्द को मिटाने में सहायक होते हैं।दो से तीन कप पानी में एक अदरक का एक टुकड़ा बारीक काटकर उबाल ले, फिर उसे छानकर औरथोड़ा ठंडा करके पीने से साइनस में राहत मिलती है।
  6. हल्दी :हल्दी को गर्म दूध के साथ लेने से श्वास संबंधी बीमारियों में लाभ मिलता है।यह मसाला शरीर में गरमाहट लाता है, इसलिए साइनस में इसके सेवन से जकड़न से तुरंत राहत मिलती है।एक गिलास दूध में एक छोटी चम्मच हल्दी और एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर दो हफ्तें तक पीने से साइनस में काफी फायदा होता है।
  7. लहसुन : साइनस में लहसुन एक बेहतरीन उपाय है।इसमें मौजूद एलिसिन एंजाइम साइनस के जीवाणु को खत्म करने में मदद करता है।साइनस से बचने के लिए लहसुन रामबाण दवा है। रोजाना कच्चे लहसुन की एक कली खाने से साइनस संक्रमण में राहत मिलती है।
  8. विटामिन ई और विटामिन ए : विटामिन ई से भरपूर खाद्द पदार्थों का सेवन करने से साइनस की समस्या दूर हो जाती है।सूरजमुखी के बीज, बादाम, काजू, अखरोट, सरसों, ब्रोकोली जैसे खाद्द पदार्थों में विटामिन ई की मात्रा पायी जाती है जो साइनस के लिए फायदेमंद हैं।विटामिन ए से युक्त खाद्द पदार्थ जैसे गाजर, पालक, अंडा, मीठा आलू आदि भी साइनस में फायदा पहुंचाता है।
  9. नारियल पानी : नारियल पानी में पोटेशियम (Potassium) पाया जाता है जो साइनस के मरीजों के लिए लाभदायक है।इससे गले की तकलीफ में आराम मिलता है।
  10. गाजर का रस :साइनस में गाजर बहुत ही लाभकारी होता है।आप गाजर का रस निकालकर पी सकते है, या फिर गाजर के रस को चकुंदर के रस के साथ भी ले सकते है अथवा पालक के पत्तियों के रस के साथ भी ले सकते है।
  • काला जीरा : साइनस में कालेजीरे से तुरंत राहत मिलता है।थोड़ा-सा काला जीरा लेकर एक कपड़े में बाँध ले, फिर उसे नाक के करीब ले जाकर जोर-जोर से साँस ले।ऐसा करने से बंद नाक खुल जाता है और तुरंत राहत मिलती है।
  1. प्याज : प्याज का रस नाक में डालने से साइनस के सिरदर्द से तुरन्त राहत मिलती है।
  2. शहद : रोजाना सुबह शुद्ध शहद का सेवन करने से साइनस से होने वाली परेशानियों से राहत मिलती है।इसके अलावा एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और एक चौथाई चम्मच नमक डालकर उस घोल को ड्रॉपर की सहायता से दो बूंद नाक में डालने से साइनस में राहत मिलती है।
  3. यूकेलिप्टस तेल : साइनस होने पर अक्सर सिरदर्द की समस्या होती रहती है।यूकेलिप्टस का तेल साइनस के सिरदर्द से तुरंत राहत देने वाला नुस्खा है। इसके लिए एक बर्तन में थोड़ा पानी लेकर उसमें यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालकर उस पानी को ढककर उबाल ले, और उसी गर्म पानी का भाँप ले।ऐसा करने से साइनस से होने वाली सिरदर्द में फर्क पड़ता है।
  4. चिकेन सूप : साइनस के मरीज को चिकेन सूप पीना चाहिए क्योंकि इसमें पाये जाने वाले एमिनो सिस्टीन से नाक बहने लगती है जो साइनस ठीक होने का संकेत है।
  5. मेथी : साइनस में मेथी दाना भी फायदेमंद है।एक बर्तन में एक गिलास पानी और उसमें दो से तीन चम्मच मेथी के दानें डालकर लगभग पांच मिनट तक अच्छे से उबाल कर छान ले, और उस पानी को चाय की तरह पिये। दिन में एक बार इसे पीने से साइनस में फर्क पड़ता है।
  6. त्रिकुट : त्रिकुट (सौंठ, पीपल और काली मिर्च) साइनस में बहुत ही लाभदायक है।सौंठ, पीपल और काली मिर्च का पाउडर बनाकर बराबर मात्रा में मिला ले।त्रिकुट के इस मिश्रण की थोड़ी-सी मात्रा सब्जी में मिलाकर खाने से साइनस का रोग बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।
  7. जौ : जौ नाक के रोगों को दूर करता है।कफ, सूजन, बलगम को नष्ट करने के गुण जौ में मौजूद हैं।इसलिए साइनस के मरीज को जौ से बना भोजन जैसे जौ के आटे की रोटी, हलवा आदि अधिक मात्रा में लेना चाहिए।
  8. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना : साइनस से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में पानी का अभाव हो जाता है, ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो और मरीज को इस संक्रमण के कारण परेशानी भी न हो।
  9. खारे पानी से कुल्ला : साइनस के रोगी को खारे पानी से कुल्ला करना चाहिए।ऐसा रोजाना करने से साइनस की समस्या बहुत हद तक खत्म हो जाती है।
  10. साइनस दूर करने के लिए योगा : साइनस की समस्या योगा द्वारा भी दूर हो सकती है।निरन्तर योगा करने से साइनस से उत्पन्न परेशानियाँ खत्म हो जाती हैं।योगा में साँस को विभिन्न तरीकों से नियंत्रित करना पड़ता है। इससे न सिर्फ आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि साँसों से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।साइनस की समस्या में योगा एक कारगर उपाय है।आप किसी अच्छे योगा विशेषज्ञ से इस बीमारी के लिए योगा सीख सकते है।

उपर्युक्त घरेलू नुस्खों से साइनस की समस्या में राहत मिलेगी। लेकिन कुछ खाद्द पदार्थों को त्यागकर और कुछ सावधानियाँ बरतने से इस समस्या से निजात मिल सकता है,जैसे :

  • साइनस के मरीज को धूल से काफी परेशानी होती है, इसलिए घर का वातावरण साफ रखना चाहिए।यदि वह व्यक्ति बाहर भी जाता है तो उसे अपने नाक पर मास्क (Mask) पहनकर निकलना चाहिए।साइनस से पीड़ित व्यक्ति को धूम्रपान या अन्य तरह के धुएं से बचना चाहिए।
  • साइनस होने पर कैफीन युक्त पेय जैसे कॉफी, चाय, हॉट चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक्स आदि से बचना चाहिए। इस तरह के पेय पदार्थों से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जो कि नाक को जाम कर सकता है। बंद नाक के कारण साइनस की बीमारी और भी कष्टदायक हो जाता है।
  • साइनस में ठन्डे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।दही, आइसक्रीम, कोल्ड कॉफी, ठंडा पानी आदि से परहेज करना चाहिए।इस तरह के पदार्थ साइनस के संक्रमण को बढ़ा सकता है।
  • साइनस के मरीज को शराब से भी दूर रहना चाहिए।शराब पीने से नाक बंद हो जाता है और इससे साइनस की तकलीफ बढ़ जाती है।
  • कभी-कभी मसालेदार खाना खाने से भी नाक बंद हो जाता है।साइनस से पीड़ित व्यक्ति के लिए मसालेदार खाना समस्या उत्पन्न कर सकता है। इसलिए ऐसे खाने से परहेज करना ही उचित है।
  • इसके अलावा साइनस की बीमारी यदि आपको ज्यादा तकलीफ दे रही है, तो आप डॉक्टर से संपर्क करके उनकी सलाह जरुर ले। डॉक्टर द्वारा सुझाए गए दवाइयों का उपयोग करे।

साँसों की दुर्गन्ध दूर करने के घरेलू उपाय

साँसों की दुर्गन्ध एक ऐसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या है जो कई लोगों में पाई जाती है।साँसों की दुर्गन्ध या बदबू का कारण मुँह में मौजूद बैक्टीरिया (Bacteria) होती है। इस बैक्टीरिया से निकलने वाले सल्फर कम्पाउंड (Sulphur Compound) की वजह से मुँह में बदबू पैदा होती है। साँसों की दुर्गन्ध के कई कारण हो सकते हैं, जैसे :

  • धूम्रपान, मद्यपान या तंबाकू का सेवन
  • मसूड़े के रोग
  • अच्छी तरह से मुँह साफ न करना अर्थात ब्रश न करना
  • शुष्क मुँह
  • गले का संक्रमण अर्थात टोंसिल या साइनस की समस्या
  • दांतों का संक्रमण जैसे पाईरिया
  • अम्लता या एसिडिटी (Acidity)

साँसों की दुर्गन्ध या मुँह की बदबू दूर करने के घरेलू नुस्खें

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  1. नियमित रूप से ब्रश करें : रोजाना नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करना अत्यावश्यक है। ऐसा करने से आपकेदांत और मुँह साफ रहते हैं। खाना खाने के बाद मुँह में खाद्य के कुछ न कुछ कण रह ही जाते हैं, जिन्हें अच्छी तरह से साफ न करने से उसमें जीवाणु पनपते हैं और साँसों की बदबू का कारण बनते हैं।अतः रोजाना सुबह नींद से उठकर और रात को सोने जाने से पहले ब्रश करना जरुरी है।
  2. जीभ को साफ रखें : भोजन करने के बाद यदि मुँह ठीक से साफ न किया जाये तो मुँह में, खासकर जीभ के ऊपर जीवाणु जमा हो जाते हैं और मुँह में बदबू पैदा करते है।इसलिए दाँतों को साफ करने के साथ जीभ को साफ करना भी जरुरी है ताकि किसी भी तरह से जीवाणु मुँह के अन्दर न रह जाये।
  3. पुदीना या धनिया : पुदीना या धनिया के ताजे पत्ते चबाने से साँसों की दुर्गन्ध दूर होती है और मुँह में ताजगी भी बनी रहती है। आप सलाद के साथ या ऐसे भी पुदीना या धनिया के ताजे पत्तों का सेवन कर सकते है। लहसुन और प्याज के कारण उत्पन्न साँसों की दुर्गन्ध को भी दूर करने में पुदीना या धनिया के पत्ते सहायक है।
  4. सूरजमुखी के बीज : सूरजमुखी के बीजों में फाइबर (Fiber), प्रोटीन (Protein) और विटामिन-ई (Vitamin E) भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।सूरजमुखी के बीजों को चबाने से मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है और दाँतों में सड़न नहीं होती।इन बीजों को चबाकर एक गिलास पानी पी लें। इस प्रक्रिया को निरंतर करने से साँसों की दुर्गन्ध दूर हो जायेगी।
  5. हल्दी : हमारे खाने को सही रंग देने वाली हल्दी भी हमारी साँसों की दुर्गन्ध दूर करने में सहायक होती है। पीसी हुई हल्दी, थोड़ा-सा नमक और सरसों का तेल मिलाकर एक लेप तैयार करके सुबह ब्रश या उंगली की सहायता से अपने दाँतों और मसूड़ों में लगाकर उसे कुछ देर तक छोड़ दे, फिर थोड़ी देर बाद कुल्ला करके अच्छे से मुँह साफ कर ले।इस मिश्रण के प्रयोग से पाईरिया जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होती और साँसों की बदबू भी खत्म हो जाती है।
  6. खाने का सोडा (Baking Soda) : घर में इस्तेमाल होने वाला खाने का सोडा (Baking Soda) मुँह की बदबू दूर करने का एक बेहतरीन उपाय है।हफ्ते में एक बार सुबह थोड़ा-सा खाने का सोडा लेकर उँगली के सहारे उसे दाँतों पर रगड़ने के बाद गुनगुने पानी से मुँह धो ले, इससे आपके मुँह में जीवाणु उत्पन्न नहीं होंगे।वैकल्पिक तौर पर हफ्ते में एक बार सुबह ब्रश करते समय अपने मंजन (Toothpaste) में थोड़ा-सा खाने का सोडा डालकर ब्रश कर सकते है। इससे भी साँसों की दुर्गन्ध दूर हो जायेगी। इसके अतिरिक्त एक कप पानी में खाने का सोडा और हाइड्रोजन परऑक्‍‌साइड‌ (Hydrogen Peroxide) मिलाकर माउथवॉश (Mouthwash) की तरह भी उसका इस्तेमाल कर सकते है।
  7. नींबू : नींबू मुँह की लार (Saliva) में वृद्धि करता है और इसलिए शुष्क मुँह के कारण होने वाली साँसों की दुर्गन्ध को दूर करने में नींबू मदद करता है।एक कप पानी में एक चम्मच नींबू का रस और एक चुटकी नमक मिलाकर खाने के बाद उससे कुल्ला करें।यह उपाय रोज करने से साँसों की दुर्गन्ध दूर हो जाती है।इसके अतिरिक्त आप नींबू के पानी में रातभर नीम के दाँतून को भीगोकर रखे और सुबह उसी दाँतून का इस्तेमाल करे। इससे दांत तथा मसूड़े स्वस्थ और मजबूत होंगे और मुँह की बदबू भी दूर हो जायेगी।यदि प्रतिदिन दाँतून करना संभव नहीं तो सप्ताह में एक बार दाँतून जरुर करे। इसके अलावा नींबू के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस ले और उसमें बराबर मात्रा में फिटकिरी मिलाकर उस मिश्रण से मंजन करें। इससे दाँतों और मसूड़ों की समस्या तो दूर होती ही है साथ ही साँसों की दुर्गन्ध भी दूर हो जाती है।
  8. टी ट्री ऑयल (Tea tree oil) :यह एक शक्तिशाली कीटाणु नाशक है तेल है, जो मुँह में पैदा होने वाले जीवाणुओं को खत्म करके साँसों की दुर्गन्ध को दूर करने में मदद करता है। आप अपने मंजन में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें डालकर उससे दांत साफ कर सकते है। वैकल्पिक तौर पर टी ट्री ऑयल, नींबू का रस और पेपरमिंट ऑयल (Peppermint oil) को बराबर मात्रा में मिलाकर उस मिश्रण का माउथवाश (Mouthwash) की तरह भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके निरंतर प्रयोग से आपके मुँह में ताजगी बनी रहेगी और बदबू भी दूर हो जायेगी।
  9. सौंफ : सौंफ साँसों की दुर्गन्ध से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। खाने के बाद थोड़ा-सा सौंफ लेकर चबाकर खाने से मुँह की बदबू दूर हो जाती है और मुँह में ताजगी बरकरार रहती है।सौंफ में जीवाणुओं से लड़ने की क्षमता भी होती है।
  • पार्सले (Parsley) : पार्सले मुँह की बदबू को दूर करने में मदद करता है।ताजे पार्सले की पत्तियों को सिरके में कुछ देर के लिए भीगोकर रखें उसके बाद उन्हीं पत्तियों को चबाकर खाने से मुँह में ताजगी फैल जायेगी और दुर्गन्ध भी दूर हो जायेगी।इसके अलावा आप पार्सले की पत्तियों का रस बनाकर भी पी सकते है।पार्सले पेट के पाचन तंत्र को सही रखता है और गैस एवं अम्लता जैसी समस्याओं को भी दूर करके उससे उत्पन्न होने वाली साँसों की बदबू को भी दूर करता है।
  1. दालचीनी : दालचीनी में खासकिस्मकातेल पाया जाता है जो न केवल मुँह की बदबू को खत्म करता है बल्कि मुँह में उत्पन्न होने वाले खराब बैक्टीरिया (Bacteria) को भी नष्ट करता है।एक मध्यम आकर का बर्तन लेकर उसमें एक कप पानी डालकर उबालें, फिर उसमें एक-एक करके दो से तीन हरी इलायची और एक तेजपत्ता डालकर अच्छे से उबाल लें।फिर उस मिश्रण को छानकर पानी को गुनगुना होने तक छोड़े और उससे कुल्ला करें। इससे आपकी साँसों की बदबू दूर हो जायेगी और आपको मुँह में ताजगी का अनभव होगा।
  • सेब का सिरका : सांसों की दुर्गन्ध से निजात पाने के लिए सेब के सिरके का प्रयोग किया जा सकता है।एक चम्मच जैतून के तेल में सेब का सिरका मिलाकर एक मिश्रण तैयार करके उसमें ब्रश डूबोकर दाँतों पर हलके हाथों से घुमाएँ।इस नुस्खे को अपनाने से दाँत भी साफ होंगे और साँसों की दुर्गन्ध भी दूर होगी।इसके अतिरिक्त आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर खाने से एक घंटे पहले उसका सेवन भी कर सकते हैं। इससे पाचन तंत्र भी सही रहता है और मुँह की बदबू भी दूर होती है।लेकिन इस बात का जरुर ध्यान रखे कि सिरके से आपको कोई ऐलर्जि (Allergy) न हो।
  • लौंग : लौंग में जीवाणु प्रतिरोधक गुण हैं जो सांसों की दुर्गन्ध दूर करने में सहायक है। आप खाने के बाद दो से तीन लौंग मुँह में रखकर धीरे-धीरे चबा सकते हैं।लौंग से निकलने वाला तेल आपकी लार के साथ मिलकर बदबू को पैदा करने वाले जीवाणुओं को खत्म करता है। कुछ ही मिनटों में आपको ताजगी का अनुभव होगा और मुँह की बदबू भी चली जायेगी। इसके अलावा आप लौंग की चाय का सेवन भी कर सकते है या उससे कुल्ला भी कर सकते हैं।एक कप पानी को उबालकर उसमें एक चम्मच पीसी हुई लौंग डालकर उसे पाँच से दस मिनट तक धीमी आँच पर पकाएं, फिर उसे छानकर चाय की तरह पी सकते हैं या उस पानी को थोड़ा ठंडा करके उससे कुल्ला भी कर सकते हैं।ऐसा नियमित रूप से करने से साँसों की बदबू कुछ ही दिनों में दूर हो जायेगी।
  • तुलसी :तुलसी की ताजी पत्तियों को चबाकर खाने से मुँह की बदबू दूर होती है और मुँह का घाव भी ठीक हो जाता है।पाईरिया जैसी समस्या को दूर करने में भी तुलसी मदद करता है।

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उपर्युक्त प्राकृतिक और घरेलू नुस्खों के प्रयोग द्वारा आप साँसों की दुर्गन्ध से निजात पा सकते हैं। यदि इनके प्रयोग के बावजूद भी साँसों की दुर्गन्ध दूर नहीं होती है तो किसी अच्छे दन्त चिकित्सक से अपना इलाज करवायें।किसी  संक्रमण के कारण भी आपके मुँह में बदबू पैदा हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना जरुरी है।मुँह में बदबू पैदा न हो इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी हैं, जैसे :

  • खूब सारा पानी पिये. पानी आपके दाँतों में फंसे खाद्य कणों को निकालकर मुँह को साफ रखता है।
  • सही भोजन का सेवन करें। अपने रोजाना के खाद्य में हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों को शामिल करें।विटामिन ए (Vitamin A) से भरी ब्रोकोली, गाजर, कद्दू, ककड़ी जैसी सब्जियाँ प्राकृतिक रूप से दाँतों की सफाई करने के साथ दाँतों की जड़ो को भी मजबूत बनाती हैं।नाशपाती, सेब, अमरुद, केला जैसे फल मसूड़ों के लिए काफी अच्छे हैं।विटामिन सी (Vitamin C) से भरे स्ट्रॉबेरी, कीवी जैसे फल भी मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं।
  • धूम्रपान, मद्यपान, तंबाकू के सेवन से परहेज करें।
  • अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखें।अत्यधिक मात्रा में बाहर का खाना एवं मसालेदार खाना पाचन तंत्र को बिगाड़ सकता है और उससे अम्लता, गैस जैसी समस्या हो सकती है, जिससे मुँह में बदबू पैदा हो सकतीहै।
  • दाँतों को ब्रश करने की तरह फ्लॉस (Floss)भी करें। एक धागे की मदद से दाँतों के बीच फंसे खाद्य कणों को बाहर निकालना जरुरी होता है ताकि वोखाद्य कण मुँह में सड़कर बदबू पैदा न कर सके।
  • अतिरिक्त मात्रा में चाय, कॉफी, सॉफ्ट ड्रिंक्स, मिठाई, चॉकलेट आदि का सेवन ना करें। इसके अत्यधिक सेवन से दांतों और मसूड़ों की समस्या हो सकती है।

सर्दी और खाँसी से निजात के लिए घरेलू उपाय

सर्दीऔर खाँसी की समस्या बहुत ही आम समस्या है लेकिन इसके कारण आपके स्वास्थ्य को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।यह किसी भी उम्र में हो सकता है।सर्दी-खाँसी होने पर सरदर्द, लगातार नाक बहना, बदन दर्द, यहां तक कि बुखार भी हो सकता है।यदि सही समय पर सर्दी और खाँसी का सही इलाज न किया जाएँ तो आगे चलकर वो साइनस का रूप भी ले सकती है।सर्दी और खाँसी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे :

  • मौसम में परिवर्तन होने के कारण सर्दी और खाँसी की समस्या होती है।
  • धूल, धुआँ, प्रदूषण के कारण भी इस तरह की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
  • ठन्डे पदार्थों जैसे, आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, फ्रिज का पानी आदि का सेवन करने से जुकाम और खाँसी की समस्या हो सकती है।
  • सर्दियों के मौसम में भी ये समस्या उत्पन्न हो सकती है।

सर्दी खाँसी के लिए घरेलू नुस्खें

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  1. दूध और हल्दी : दूध और हल्दी सर्दी और खाँसी के सबसे असरदार इलाजों में से एक है।एक गिलास दूध को गर्म करके उसमें एक चम्मच हल्दी का पाउडर मिलाकर उसका सेवन करें। इसके सेवन से आपका शरीर अन्दर से गर्म रहता है और सर्दी-खाँसी जैसी समस्या भी दूर हो जाती है।
  2. ब्रांडी (Brandy) और शहद : सामान्य सर्दी और खाँसी को ठीक करने के लिए आप ब्रांडी और शहद का सेवन भी कर सकते है।हर मेडिकल स्टोर (Medical Store) में डॉक्टर्स ब्रांडी (Doctors Brandy) उपलब्ध है। एक चम्मच ब्रांडी में एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से सामान्य सर्दी और खाँसी की समस्या से निजात पाया जा सकता है। ब्रांडी छाती को गर्म रखता है और शहद में बलगम से लड़ने का प्राकृतिक गुण है।इन दोनों का मिश्रण सर्दी और खाँसी को प्रभावी रूप से दूर करता है।
  3. आंवला :आंवला विटामिन सी (Vitamin C) से समृद्ध है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है।आँवले के नियमित सेवन सेरक्त का संचार अच्छी तरह से होता है।यह आपके प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर सर्दी, जुकाम और खाँसी जैसी बीमारियों को ठीक करता है।जिन्हें अक्सर सर्दियों में जुकाम और खाँसी की समस्या होती रहती है उन्हें रोजाना एक आँवले का सेवन जरुर करना चाहिए, इससे सर्दी और खाँसी की समस्या से हमेशा के लिए छूटकारा पाया जा सकता है।
  4. नींबू और शहद : नींबू के रस में शहद मिलाकर लेने से जुकाम और खाँसी की समस्या से निजात पाया जा सकता है। एक गिलास गर्म पानी में एक नींबू का रस निचोड़ लें और फिर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर उसका सेवन करें।इससे सर्दी और खाँसी की समस्या में आपको आराम मिलेगा।
  5. अजवाइन : अजवाइन में जीवाणुओं से लड़ने की क्षमता होती है।जुकाम और खाँसी के उपचार के लिए सरसों के तेल को गर्म कर लीजिए, उसमें अजवाइन डालकर उस तेल को नहाने से पहले अपनी नाक, छाती और शरीर पर लगाईये, इससे बंद नाक और सर्दी की समस्या में राहत मिलती है।आप रात को सोने जाने से पहले भी इस तेल का प्रयोग कर सकते है।
  6. अदरक : सर्दी और खाँसी की समस्या में अदरक एक प्रभावी उपाय है। अदरक के टुकड़े को पानी में मिलाकर उसे उबाल लें, फिर उसे छानकर एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से राहत मिलती है।रात को सोने जाने से पहले अदरक के इस चाय का सेवन करने से रात की नींद भी अच्छी होती है और जुकाम एवं खाँसी से छुटकारा भी मिलता है।इसके अलावा आप सुबह और शाम की चाय में भी अदरक का टुकड़ा डालकर लें सकते हैं। इससे भी सर्दी-खाँसी की समस्या में फर्क पड़ता है।
  7. भाँप : सर्दी और खाँसी की समस्या से बचने के लिए सबसे आसान तरीका है भाँप लेना। इस उपचार के अंतर्गत आपको सिर्फ गर्म पानी और एक तौलिए की आवश्यकता होगी। सबसे पहले एक मध्यम आकार का एक पात्र लें और उसमें पानी लेकर उबालें।जैसे ही पानी उबलने लगे, उसे आँच से उतार ले।फिर उस पात्र को एक टेबल या स्टूल पर रखें और एक कुर्सी लेकर उसके सामने बैठ जाये।उसके बाद एक बड़े तौलिए से अपने सिर और उस पानी के बर्तन को एक साथ ढक ले और दस मिनट तक उस गर्म पानी का भाँप ले। इस बात का ध्यान रखे कि इस दौरान पंखा, ए.सी या कूलर बंद रहे। इसके बाद लगभग बीस मिनट तक हवा में न जाएँ। इस प्रक्रिया से बंद नाक की समस्या और बहते नाक की समस्या तो दूर होगी ही साथ ही बलगम की समस्या में भी फर्क पड़ता है।आप चाहे तो इस प्रक्रिया में पेपरमिंट तेल का भी प्रयोग कर सकते है।भांप लेने से पहले गर्म पानी में पेपरमिंट तेल की कुछ बूंदें डालकर भांप लेने से सर्दी और खाँसी में अच्छा परिणाम मिलता है।
  8. तुलसी के पत्ते का काढ़ा : सर्दी और खाँसी में सबसे प्रभावी और व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली औषधि है, तुलसी के पत्ते। तुलसी में जीवाणु प्रतिरोधक गुण है।एक बर्तन में एक लीटर पानी डालें।अब उसमें एक-एक करके करीब पच्चीस से तीस ताजा और साफ तुलसी के पत्ते, दस से बारह पीसी हुई काली मिर्च, चार से पाँच लौंग, दो तेजपत्ता, दो से तीन दालचीनी के छोटे टुकड़े, और आधा चम्मच पीसा हुआ अदरक डालकर अच्छे से तब तक उबालें जब तक पानी घट कर आधा न हो जाये।फिर इस काढ़े को छानकर एक कप या गिलास में डालें और उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन करने से बलगम की समस्या भी खत्म हो जाती है और सर्दी में भी राहत मिलती है।
  9. लहसुन : लहसुन के तेल को लगाने से जुकाम और खाँसी में आराम मिलता है। एक छोटी कटोरी में दो से तीन चम्मच सरसों का तेल डालें साथ ही उसमें लहसुन की दो से तीन कलियाँ डालकर गर्म करें, अब उसी तेल को अपनी हथेली, छाती और नाक पर अच्छे से लगायें। इससे सर्दी और खाँसी की समस्या दूर होगी।
  • गुड़, काली मिर्च और जीरा : गुड़, काली मिर्च और जीरे का मिश्रण सर्दी और खाँसी की समस्या को दूर करने में मदद करता है।एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच पीसी हुई काली मिर्च, एक चम्मच पीसा हुआ जीरा और एक चम्मच गुड़ मिलाकर एक मिश्रण तैयार करके उसका सेवन करने से जुकाम और सर्दी की समस्या दूर हो जाती है। यह मिश्रण छाती में जमे बलगम को निकालने के साथ सर्दी और खाँसी का भी अच्छा उपचार है।
  • मसाला चाय :सर्दी और खाँसी के लिए घर पर बने मसाला चाय बहुत ही उपयोगी है।मसाला तैयार करने के लिए एक तवे पर एक चौथाई कप धनिये का बीज, डेढ़ चम्मच जीरे का बीज, डेढ़ चम्मच सौंफ और एक चौथाई चम्मच मेथी के बीज को सूखा भून लें और फिर उसे अच्छे से पीसकर चूर्ण बना लें। उसके बाद एक जगह एक कप पानी उबालें और उसी उबलते हुए पानी में डेढ़ चम्मच वही चूर्ण डालें और साथ ही डेढ़ चम्मच मिश्री मिलाकर धीमी आँच पर तीन से चार मिनट तक रखें, उसके बाद उसमें दो चम्मच दूध मिलाकर उसे उबालें ताकि सभी मसाले अच्छे से घुल जाएँ।फिर उस चाय को छानकर पीयें।इससे सर्दी और खाँसी में बहुत राहत मिलेगी। रोजाना दिन में दो बार पीने से जुकाम और खाँसी की समस्या दूर हो जायेगी।
  • चिकेन सूप (Chicken Soup):चिकेन सूप में आवश्यक पोषक तत्व हैं जो सामान्य सर्दी और खाँसी की समस्या में राहत दिलाती है। इसमें पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant), जीवाणु से लड़ने में मदद करता है।बेहतर परिणाम के लिए घर पर ही तरह-तरह की सब्जियों से चिकेन सूप बनाकर उसमें काली मिर्च डालकर गरम-गरम पीने से सामान्य सर्दी और खाँसी जैसी समस्या से निजात पाया जा सकता है साथ ही यह आपके शरीर को तंदरुस्त भी रखता है।
  • च्यवनप्राश : जिन लोगों को हमेशा सर्दियों में जुकाम और खाँसी होती रहती है, उन्हें सुबह एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन जरुर करना चाहिए। च्यवनप्राश प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाता है और जीवाणुओं से लड़ने में मदद करता है।
  • खारे पानी से कुल्ला : खाँसी चाहे सुखी हो या बलगम वाली, खारे पानी से कुल्ला करने से फर्क पड़ता है, साथ ही बंद नाक की समस्या में भी राहत मिलती है।सर्दी और खाँसी की समस्या होने पर खारे पानी से कुल्ला करने से आराम मिलता है।
  • व्यायाम या योग : व्यायाम या योगा द्वारा सर्दी और खाँसी की समस्या दूर हो सकती है।योगा में साँस को विभिन्न तरीकों से नियंत्रित करना पड़ता है। इससे न सिर्फ आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि साँसों से जुड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। शरीर की विभिन्न समस्याओं में योगा एक कारगर उपाय है।आप किसी अच्छे योगा विशेषज्ञ से योगा सीखकर जुकाम और खाँसी की समस्या से हमेशा के लिए निजात पा सकते है।

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उपर्युक्त घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप सर्दी और खाँसी को दूर कर सकते है। यदि इन उपायों से भी दो दिनों में कोई फर्क न पड़े तो आप जल्दी ही किसी अच्छे डॉक्टर की सलाह लेकर उपयुक्त जांच करवायें।कुछ सावधानियां बरतने से सर्दी और खाँसी की समस्या को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं, जैसे :

  • प्रदूषण और धूल से बचे।आवश्यकता पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • मद्यपान और धूम्रपान से परहेज करें।
  • ठन्डे पदार्थों का सेवन अधिक न करें।
  • ऐसे पदार्थों का सेवन करें जिसमें विटामिन सी (Vitamin C) की मात्रा अधिक हो।