अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan) in Hindi

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 अस्थमा के लक्षण (Ashtma ke Lakshan)- हमारे घर के अंदर और घर के बाहर कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिसके कारण हमें अस्थमा की शिकायत हो सकती है. इनके कुछ कारण ये हैं:-

हवा प्रदूषण  (Hawa Pradhushan)- हवा में प्रदुषण बहुत ज्यादा है. प्रदूषण   ही अस्थमा का प्रमुख कारण माना जाता है. आज कल  ये जो प्रदूषित हवा है यह हमारे सांस  नलिका में जाती है और वहां से अस्थमा  की शरुआत होती है. आज कल जो गाडियों से धुआं निकतला है वह हमारी हवा को  दूषित कर देता है.

धूम्रपान (dhomrapaan)- धूम्रपान  करना या धूम्रपान  करने वाले व्यक्ति के पास न खड़े रहें. हम इस बात को याद रखें धूम्रपान  कोई भी करे लेकिन सिगरेट – बीडी से निकला धुआं जो है, वह हर व्यक्ति के उपर उसका बुरा असर पड़ता है. जैसे परफ्यूम  स्प्रे  हो साबुन , जेल इत्यादि की  तेज  गंध, आपको जिस गंध से एलर्जी हो उस गंध  से हमें तकलीफ पहुंच सकती है.   फूल के पराग के जो  कण होते हैं उससे भी अस्थमा हो सकता है, दीवार पर लगाये हुए तेल आदि  का जो रंग है उससे भी अस्थमा हो जाता है.

वातावरण में बदलाव के कारण-  

वातावरण के वजह से भी हमें अस्थमा का हमला हो सकता है, या फिर हमारी अस्थमा बढ़ भी सकती है | अगर अचानक बादल आ जाये या फिर अचानक बरसात हो जाये या फिर मौसम ठंडा या ठंडी हवा में साँस लेने के कारण भी यह अस्थमा हो सकता है |

मानसिक उतेजना – अगर आप जोर जोर से हंस  रहे है अत्यधिक चिल्ला रहे हो , रो रहे है रोते समय तेजी के साथ लम्बी साँस लेने के कारण भी अस्थमा से हम परहेज हो सकते है |

गहरी साँस लेने से- अस्थमा वाले मरीज को अत्यधिक कसरत नहीं करनी चाहिए  हम व्यायाम करे फिर खेलते समय गहरी साँस ले इसके कारण भी अस्थमा का हमला हमारे शरीर पर हो सकता है| हम किसी कारण वश  आवेश  जाने के कारण भी के मरीजो को मानसिक उतेजना के कारण भी अस्थमा हो सकता है जिन बच्चो को अस्थमा की शिकायत है उन्हें खेलने से आधे घंटे पहले उन्हें अस्थमा की दवाई ले लेनी चाहिए

घर के अन्दर प्रदूषण  से- हमारे घर के अन्दर भी कुछ वैसी चीज़ हैं, जिसके कारण भी व्यक्ति को अस्थमा की शिकायत हो सकती है| हम अपने घर में कुछ जैसे पालतू जानवर पालते है, उनके बाल  से ही अस्थमा की शिकायत हो सकती है हमारे घर की जो चीज़ है गीली  होने से भी उसमे ऊगने वाले फंगस जो होते है उनसे भी अस्थमा का हमला हो सकता है| तिलचट्टा (कॉकरोच) खाल हो या फिर छोटे किटाणु (House Dust Mite), खाना का भी कुछ ऐसे पदार्थ होते है जिनके कारण हमें एलर्जी हो सकती है कुछ ऐसे पदार्थ है दूध, मछली, टमाटर, अंडा आदि खाने के पदार्थ होते है अगर हमारा खाना मिलावटी है तो उससे भी हो सकता है| कुछ कपडे धोने के साबुन है डिटर्जेंट इत्यादि की ऐलर्जी हो सकती है घर के अन्दर जैसे धूप  हैं हम साफ सफाई करते समय धूल कचरा साफ करते है उससे भी हमें ऐलर्जी हो सकती है|

(बीमारी) कुछ बीमारी व्यक्तियों को हमारे नाक कान और गले से होने वाली बीमारी का शुरुआती  दौर में हम अपनी इलाज न करवाये | ये तो इसके कारण भी बीमारी हो सकता है उसका संक्रामक  साँस वाली नालिका  में जब वो फलने लगता है तो हमारे शरीर के अस्थमा बढ़ सकता है| हमें अगर खट्टी डकार  आ रही है हमारा खाना आधा पचा हुआ  है, खाना हमें अच्छे ढंग से जब नही पच   पता तो हमें खट्टी डकार  आती है हमारा खाना दूसरे नालिका  में से श्वसन नलिका में जा सकता है और इने सब कारणों से अस्थमा हो सकता है |

हार्मोन्स में बदलाव- हमारे शरीर के मासिक धर्म , गर्भावस्था, के दौरान स्त्रियों में हारमोंस के बदलाव कारण भी हमें अस्थमा की बीमारी हो सकता है|  कुछ ऐसी दवाइयां होती है जिनके कारण ही हमें अस्थमा बढ़ सकता है| जैसे की एस्प्रिन,  आईबुप्रोफेन, इत्यादि दर्द नामक दवाइयां है श्वसनी दमा एक फेफड़ो  की समस्या है जहाँ हवा के रास्ते यानि के श्वसनी अवरुद्ध होती है या बाधित होती है, यह हमारे साँस वाले रस्ते में रुकावट लाता है, और हमारे साँस में हवा के स्तर में कमी होने के वजह से मरीज को घुटन होने लगते है जिससे की उसे लेने में बहुत तकलीफ होती है व्यक्ति की प्रतीक्षा प्रणाली और एलर्जी के लिए प्रतिरोधक उच्च स्तर श्रावणी में हवा के बहाव के रुकावट का कारण बनता है|

हालाकि  हमारे साँस की मांसपेसियो दिल के ऑक्सीजन पंप करने के लिए बहुत ज्यादा परिश्रम करती है वे समय के अनुसार हमें जब ज्यादा तनाव हो जाते है उसके कारण भी अधिक कमजोर हो जाता है हमारे मांसपेसियो पर साँस और हवा का आना और जाना प्रकिया के करने के तनाव स्तर के बावजूद रक्त वाहिकाए हवा के बहाव के कारण सहायता करने में असमर्थ होती है| इसके परिणाम स्वरुप साँस हमारी प्रभावित होती है और मांसपेसियो को ऐठन और साँस दीवार पर सूजन  आता  है जिसके कारण हमारी शरीर में बलगम का श्राव होकर साँस मार्ग अवरुद्ध होता है |हड्डी और शुष्क हवा धुआ प्रदुषण परगकिरण धूल, तनाव, चिंता, और साँस सक्रमण जैसे एलर्जी किरणों से आप में दमा के विकास की होती है अस्थमा के मरीज अपनी एलर्जी का खुद ध्यान रखे हमें किसी चीज़ से एलर्जी ज्यादा अपने आप को बचा कर रखे डॉक्टर की सलाह से दवा  ले |

अस्थमा की बीमारी को आप हल्के में ना ले . उसे एक गंभीर बीमारी के रूप में समझे और तुरंत उसके लक्षण दिखने पर इसका इलाज कराए.वैसे तो हमने आपको बता ही दिया है की इसके लक्षण क्या है तो इस लिए इसे ध्यान से पढ़े और समझे. की इसका इलाज कैसे हो सकता है . इसके बारे में खुद भी जागरूक रहे और दूसरे को भी जागरूक करे.

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