चर्म रोग का इलाज (charm rog ka ilaj)

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आपको अगर चर्म रोग है, तो इस बीमारी के कारण कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। बारिश  या फिर गर्मी के मौसम में इस तरह की समस्या अधिक होती है। इस मौसम में हमें अपने त्वचा का बचाव करना बहुत जरुरी है नही तो चर्म रोग होने की संभावना हो जाती है। हम आपको चर्म रोग से बचाने के लिए कुछ विशेष जानकारी दे रहे हैं। इस लेख में आप जान सकते है की चर्म रोग का इलाज कैसे करे।

चर्म रोग का इलाज
चर्म रोग का इलाज

तो चलिए देखते है चर्म रोग का इलाज कैसे करे ?

चर्म रोग के कारण:-

  • केमिकल चीजों का ज्यादा प्रयोग करना जैसे साबुन,चुना और डिटर्जेंट।
  • पेट में अधिक समस्या होने से भी चर्म रोग होता है।
  • रक्त विकार होने की वजह से भी यह होता है।
  • महिलाओं में भी यह समस्या हो जाती है अगर उनको सही समय पर मासिक धर्म (periods) न आये।
  • जो मरीज पहले से ही चर्म रोग से ग्रसित है उसके कपडे पहनने से भी ये रोग हो सकता है।

चर्म रोग के लक्षण :-

इस समस्या में चेहरे या स्किन पर छोटे छोटे दाने निकलने लगते है। और धीरे धीरे ये लाल रंग में बदल जाते है। फिर उसमे खुजली होने लगती है और ज्यादा खुजली होने पर इसमें जलन भी होने लगती है। ये दाग पूरे शरीर  पर हो जाता है फिर हल्का बुखार हो जाता है।

चर्म रोग से बचने के घरेलु उपाए :-

जैसे कि गेंदा का फूल  ये फल गहरे पीले रंग और नारंगी रंग का होता है। यह हमारी त्वचा की समस्याओं के लिए प्रभाव शाली घरेलू उपाए है। यह छोटे मोटे कटे  हुए शरीर पर या जलने या फिर मच्छर के काटने से रुखी त्वचा आदि के लिए शानदार घरेलू  उपचार है। गेंदे में एंटी बोवेलियल और एंटी वायरल गुण होते हैं। हमारे शरीर में सूजन है तो यह सूजन  को कम करने में मदद करता है। यह हमारी त्वचा के लिए हर प्रकार से लाभदायक है।

1. गेंदे की पत्ती और पानी (Gende kii patti or Paani): हम गेंदे की पत्ती को पानी में उबाल कर उसी से दिन में कम से कम दो तीन बार आप आपना चेहरा धोएं। आपकी एवने की समस्या दूर हो जाती है, और साथ में इसका सेवन किया जाए तो हमें ये आंतरिक शक्ति प्रदान करवाता है, और इसी के साथ ही यह केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली पर भी यह बबुने के फूल सकारात्मक असर डालता है। यह एक्जिमा में भी बहुत ज्यादा मददगार होता है। केमोमाइल या बबुने के फूल सेबनी हर्बल टी दिन में 3 बार सेवन करें तो आपको काफी फायदा पहुंचता है। इसके साथ ही एक्जोमाओ सोरायसिस जैसी बिमारियों से छुटकारा पाने से यह फूल हमारी काफी मदद करता है। आप एक सफ़ेद कपड़ा ले और केमोमाइल टी में डुबोकर आप अपने त्वचा के संक्रमक हिस्से पर लगाने से आप को काफी लाभ मिलता है। उस प्रक्रिया को पन्द्रह पन्द्रह मिनट के लिए दिन में चार से छह बार करना चाहिए। यह केमोमाइल जो है कई अंडर आई( under eye ) moisturizer में भी प्रयोग किया जाता है। इसे डार्क सर्कल (dark circle ) हमारे दूर होते हैं।

2. कमके के फूल (Kamke ke Phool): कमके के फूल और पत्ते बहुत ही लाभकारी माने जाते हैं। इस फूल के पत्ते और जड़ सदियों से हमारी त्वचा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने में इस्तेमाल करते आ रहे हैं। यह फूल अगर आपकी त्वचा में कहीं कट गया हो, जल गया हो तो वहां लगाने से कई प्रकार से लाभकारी होता है। इसमें मौजूद तत्व त्वचा द्वारा काफी तेजी से अवशोषित कर लिए जाते है जिससे कारण स्वस्थ कोशिकायों का निर्माण होता है।और इसी में हमारी त्वचा को आराम पहुचने वाले तत्व पाए जाते हैं। अगर आपकी त्वचा में कभी जख्म हो जाए तो आप कमके फूल कि जड़ो का पाउडर बना कर उसे आप गर्मपानी में मिला लें। और गाढ़ा सा पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को आप साफ कपड़े में फैला दें, अब इस कपड़े को जख्मों पर लगाने से हमें चमत्कारी लाभ मिलता है अगर आप रात में इसे बांध कर सो जाएं, तो सुबह  काफी आराम मिलता है। इसे कभी खाया नहीं जाता नहीं तो ये हमरे लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

आपको बहुत बड़ा जख्म है तो बड़े जख्म में इसे नहीं लगाया जाता, क्योंकि इससे त्वचा की उपरी परत तो ठीक हो जाती है लेकिन भीतर जो कोशिकायें हैं वह पूरी तरह ठीक नहीं हो पाती हैं।

अलसी के बीज(alsi ke beej): अलसी के जो बीज होते हैं उनमे ओमेगा थ्री फैंटी एसिड होता है, जो हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसमें सूजन को कम करने वाले तत्व मौजूद होते हैं। यह हमारी स्किन डिसऑर्डर (skin disorder) जैसी एक्जिमा (agzima) और सोरासिस (sorasis) को भी ठीक करने में हमारी मदद करता है। आप दिन में एक दो अलसी के बीज का तेल सेवन करने पर त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है। अलसी के बीज का तेल हम किसी अन्य अहार में ले तो ज्यादा ठीक रहेगा।

चर्म रोग का इलाज
चर्म रोग का इलाज

अन्य उपाए: हल्दी, लाल चंदन, नीम की छाल, चिरायता बड्डे, आवंला और अड्से के पत्ते को एक सामान मात्रा में लीजिए सभी को बराबर- बराबर मात्रा में लीजिए। इन सभी सामानों को पानी में भिगो दीजिये, जब ये अच्छी तरह से फुल जाए तो इसे पीस कर ढीला पेस्ट बना ले। इसके चार गुना मात्रा में तिल का तेल को तेल के चार गुना मात्रा में पानी लो फिर इस सबको बड़े बर्तन में अच्छे से मिलाकर मंद आंच में तब तक पकाएं जब तक सारा पानी भाप बन कर उड़ न जाए। फिर ठंडा होने पर इसका सेवन करें। आपके शरीर में जहां जहां खुजली हो  रही हो वहां लगाएं या फिर पुरे शरीर में इस पेस्ट को लगाते रहिए। आपकी त्वचा का चर्म रोग ठीक हो जायेगा। अगर हमारा चर्म रोग ठीक नहीं होता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार हो जाता है। आपको चर्म रोग की समस्या है तो आप चिकित्सक से सलाह जरूर लें और दवा कराएं।

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